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IIT Bombay and Indian Air Force Collaborate on Master’s Degree in Flight Test Education

IIT Bombay-IAF की बड़ी पहल: Flight Testing में Master’s Degree की तैयारी, Test Pilots और Engineers को मिलेगा फायदा

IIT Bombay and Indian Air Force Collaborate on Master’s Degree in Flight Test Education

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे (IIT Bombay) और भारतीय वायुसेना (IAF) ने Military Aviation के क्षेत्र में शिक्षा और रिसर्च को मजबूत करने के लिए एक अहम समझौता किया है। दोनों संस्थानों ने 2 सितंबर 2026 को Memorandum of Agreement (MoA) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत IIT Bombay और भारतीय वायुसेना मिलकर Flight Test Crew के लिए Master’s Degree Programme तैयार करने की दिशा में काम करेंगे।

इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस Test Pilots और Flight Test Engineers पर रहेगा। इसका उद्देश्य Flight Testing के क्षेत्र में अकादमिक शिक्षा, रिसर्च और व्यावहारिक अनुभव को एक साथ लाना है। IIT Bombay ने इसे भारत में Military Aviation Industry के विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

Air Force Test Pilot School की होगी अहम भूमिका

इस सहयोग में भारतीय वायुसेना के Aircraft and Systems Testing Establishment (ASTE) के तहत आने वाले Air Force Test Pilot School (AFTPS) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। AFTPS में Flight Testing से जुड़े अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

MoA के तहत AFTPS और IIT Bombay अपनी-अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करते हुए Flight Test Crew के लिए मास्टर डिग्री से जुड़े अकादमिक और रिसर्च ढांचे पर काम करेंगे। IIT Bombay अपनी तकनीकी और रिसर्च क्षमता उपलब्ध कराएगा, जबकि IAF की ओर से Flight Testing का व्यावहारिक अनुभव और विशेषज्ञता इस सहयोग का अहम हिस्सा होगी।

Flight Testing क्या है और क्यों जरूरी है?

किसी नए विमान, एयरक्राफ्ट सिस्टम या उसमें किए गए महत्वपूर्ण बदलाव को ऑपरेशनल इस्तेमाल में लाने से पहले उसकी क्षमता और प्रदर्शन की जांच जरूरी होती है। Flight Testing के दौरान विमान के अलग-अलग सिस्टम, प्रदर्शन, हैंडलिंग और दूसरे महत्वपूर्ण पहलुओं का परीक्षण किया जाता है।

Military Aviation में इसकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि किसी विमान की तकनीकी क्षमता का सीधा संबंध उसकी Operational Readiness और सुरक्षा से होता है। इसी वजह से Test Pilots और Flight Test Engineers को बेहद विशेष तकनीकी प्रशिक्षण की जरूरत होती है।

IIT Bombay और IAF का प्रस्तावित Master’s Degree Programme इसी विशेषज्ञता को अकादमिक और रिसर्च के साथ जोड़ने की कोशिश है।

आम छात्रों के लिए अभी Admission शुरू नहीं

यहां छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। IIT Bombay की ओर से अभी इस कार्यक्रम के लिए Admission Notification, Eligibility, Course Duration, Fees, Seats या Application Process जारी नहीं किया गया है।

इसलिए इसे फिलहाल IIT Bombay का ऐसा सामान्य मास्टर कोर्स नहीं माना जाना चाहिए, जिसमें कोई भी इंजीनियरिंग ग्रेजुएट सीधे आवेदन कर सके। आधिकारिक घोषणा अभी सहयोग के उस ढांचे पर केंद्रित है, जिसके तहत Flight Test Crew के लिए Master’s Degree Programme विकसित किया जाएगा।

Military Aviation में रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा

इस साझेदारी का एक बड़ा उद्देश्य Flight Testing को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखकर रिसर्च और तकनीकी विकास से जोड़ना है। IIT Bombay के रिसर्च संसाधनों और IAF के Flight Testing अनुभव के बीच तालमेल से नए शोध और तकनीकी समाधान विकसित करने की संभावना बनेगी।

IIT Bombay के लिए यह सहयोग Aerospace Engineering और Military Aerospace से जुड़े शोध को वास्तविक ऑपरेशनल जरूरतों के साथ जोड़ने का अवसर भी है। संस्थान के Aerospace Engineering विभाग में पहले से Aerodynamics, Dynamics and Control, Aerospace Propulsion और Aerospace Structures जैसे क्षेत्रों में मास्टर और रिसर्च कार्यक्रम मौजूद हैं।

आत्मनिर्भर भारत से जुड़ी पहल

IAF और IIT Bombay ने इस सहयोग को भारत में Military Aviation Industry के विकास और आत्मनिर्भरता (Atmanirbharta) से भी जोड़ा है। आधिकारिक घोषणा के अनुसार Flight Testing को Military Aviation Industry के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है।

देश में ही उच्च स्तर की तकनीकी विशेषज्ञता और रिसर्च क्षमता विकसित होने से भविष्य में स्वदेशी Aircraft और Aerospace Systems के विकास, परीक्षण और Operational Readiness से जुड़े काम को मजबूती मिल सकती है। IIT Bombay ने इस पहल को Military Aerospace के महत्वपूर्ण क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में एक कदम बताया है।

समझौते पर किसने किए हस्ताक्षर?

2 सितंबर 2026 को हुए MoA Signing Ceremony की अध्यक्षता भारतीय वायुसेना की ओर से Air Vice Marshal Ashish Srivastava, VM, VSM, ACAS (Projects) और IIT Bombay के निदेशक प्रो. Shireesh Kedare ने की।

IIT Bombay के अनुसार, यह सहयोग Flight Test Education और Research को आगे बढ़ाने के लिए एक संयुक्त ढांचा तैयार करता है।

भारत के Aerospace Sector के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

भारत में Military Aircraft और Aerospace Systems की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उनके परीक्षण के लिए विशेषज्ञों की जरूरत भी बढ़ रही है। Flight Testing ऐसा क्षेत्र है, जिसमें मजबूत तकनीकी ज्ञान, रिसर्च क्षमता और वास्तविक विमान परीक्षण का अनुभव एक साथ जरूरी होता है।

IIT Bombay और IAF का यह सहयोग इन तीनों पहलुओं को एक साथ लाने की कोशिश करता है। इससे Flight Test Crew की तकनीकी और अकादमिक क्षमता मजबूत करने के साथ भारत में Military Aerospace से जुड़ी रिसर्च को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, कार्यक्रम की वास्तविक संरचना, पाठ्यक्रम, पात्रता और प्रवेश प्रक्रिया की तस्वीर IIT Bombay और भारतीय वायुसेना की ओर से विस्तृत जानकारी जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

 

Asmita Sarkar

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