
कानून के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। लखनऊ विश्वविद्यालय को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से पांच वर्षीय बीबीए एलएलबी (BBA LLB) इंटीग्रेटेड कोर्स शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। यह नया कार्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू होगा। विश्वविद्यालय इस कोर्स में कुल 180 छात्रों को प्रवेश देगा और प्रत्येक सेक्शन में 60 सीटें उपलब्ध होंगी।
विश्वविद्यालय का मानना है कि यह नया कोर्स छात्रों को कानून और प्रबंधन दोनों क्षेत्रों की समझ विकसित करने का अवसर देगा, जिससे वे कॉरपोरेट और कानूनी जगत की बदलती जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगे।
उत्तर प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय बना
इस मंजूरी के साथ लखनऊ विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय बन गया है, जहां परिसर स्तर पर पांच वर्षीय BBA LLB इंटीग्रेटेड डिग्री की पढ़ाई कराई जाएगी। अब छात्रों को अलग-अलग डिग्री करने के बजाय एक ही कोर्स के माध्यम से मैनेजमेंट और लॉ दोनों विषयों का समग्र अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।
यह कोर्स खासतौर पर उन छात्रों के लिए उपयोगी माना जा रहा है, जो भविष्य में कॉरपोरेट लॉ, बिजनेस रेगुलेशन, लीगल कंसल्टेंसी या कंपनी लॉ जैसे क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं।
पढ़ाई के साथ मिलेगी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कोर्स का पाठ्यक्रम केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कोर्स के दौरान मैनेजमेंट साइंस, फाइनेंशियल अकाउंटिंग, मार्केटिंग, संवैधानिक कानून, व्यापार कानून और अंतरराष्ट्रीय विधिक प्रणाली जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा केस स्टडी, लीगल ड्राफ्टिंग, मूट कोर्ट गतिविधियों और इंटर्नशिप के माध्यम से छात्रों को वास्तविक कार्य अनुभव भी दिया जाएगा, जिससे वे प्रोफेशनल दुनिया के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
किन क्षेत्रों में मिलेंगे करियर के अवसर?
BBA LLB इंटीग्रेटेड डिग्री पूरी करने के बाद छात्रों के सामने रोजगार के कई विकल्प खुलेंगे। वे कॉरपोरेट लॉ फर्म, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, बैंकिंग संस्थानों, एनबीएफसी, बीमा कंपनियों और लीगल कंप्लायंस से जुड़े संगठनों में करियर बना सकते हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा, न्यायिक सेवाओं की तैयारी और स्वतंत्र कानूनी प्रैक्टिस जैसे विकल्प भी उपलब्ध रहेंगे।
कॉरपोरेट सेक्टर में लीगल रिस्क मैनेजमेंट और रेगुलेटरी कंप्लायंस की बढ़ती जरूरत को देखते हुए इस तरह के इंटीग्रेटेड कोर्स की मांग लगातार बढ़ रही है।
विश्वविद्यालय करेगा NEP 2020 की वार्षिक समीक्षा
लखनऊ विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रभाव और क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करने का भी फैसला लिया है। इसके लिए एनईपी प्रगति एवं प्रदर्शन समिति का गठन किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के अनुसार, इस समिति में विभिन्न जिलों के कॉलेजों के प्राचार्य, अलग-अलग संकायों के डीन, डीन एकेडमिक्स और अधिष्ठाता छात्र कल्याण जैसे वरिष्ठ सदस्य शामिल होंगे। समिति समय-समय पर नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर सुधार संबंधी सुझाव भी देगी।
छात्रों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
आज के समय में कानून और बिजनेस का गहरा संबंध है। कंपनियों, स्टार्टअप्स और वित्तीय संस्थानों में ऐसे पेशेवरों की मांग बढ़ रही है, जिन्हें कानूनी प्रक्रियाओं के साथ बिजनेस मैनेजमेंट की भी समझ हो। ऐसे में BBA LLB जैसा इंटीग्रेटेड कोर्स छात्रों को शुरुआत से ही दोनों क्षेत्रों का संतुलित ज्ञान देता है।
सत्र 2026-27 से शुरू होने वाला यह कोर्स न केवल उत्तर प्रदेश के छात्रों के लिए नए अवसर लेकर आएगा, बल्कि राज्य में कानूनी शिक्षा को भी नई दिशा देने का काम करेगा। इससे उन विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा, जो 12वीं के बाद सीधे एक प्रोफेशनल लॉ प्रोग्राम में दाखिला लेकर कॉरपोरेट और लीगल सेक्टर में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।




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