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IIT Patna-IIM Bodh Gaya के इंटीग्रेटेड BTech-MBA प्रोग्राम पर छात्रों ने उठाए सवाल, फीस और प्लेसमेंट को लेकर मांगी स्पष्टता

IIT Patna-IIM Bodh Gaya के इंटीग्रेटेड BTech-MBA प्रोग्राम पर छात्रों ने उठाए सवाल, फीस और प्लेसमेंट को लेकर मांगी स्पष्टता

IIT Patna-IIM Bodh Gaya के इंटीग्रेटेड BTech-MBA प्रोग्राम पर छात्रों ने उठाए सवाल, फीस और प्लेसमेंट को लेकर मांगी स्पष्टता

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बोधगया द्वारा संयुक्त रूप से संचालित इंटीग्रेटेड BS/BTech-MBA कार्यक्रम को लेकर छात्रों ने कई महत्वपूर्ण चिंताएं सामने रखी हैं। छात्रों का कहना है कि कार्यक्रम शुरू होने के दो साल बाद भी फीस संरचना, पाठ्यक्रम, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट अवसरों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां स्पष्ट नहीं हैं।

यह पांच वर्षीय एकीकृत कार्यक्रम वर्ष 2024 में संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JoSAA) काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से शुरू किया गया था। कार्यक्रम के तहत छात्रों को पहले तीन वर्ष IIT पटना में तकनीकी शिक्षा और उसके बाद दो वर्ष IIM बोधगया में प्रबंधन शिक्षा दी जाती है। वर्तमान में इस कार्यक्रम में MBA, MBA in Digital Business Management और MBA in Hospital and Healthcare Management के लिए कुल 54 सीटें उपलब्ध हैं।

फीस को लेकर छात्रों की सबसे बड़ी चिंता

कार्यक्रम में अध्ययन कर रहे छात्रों का आरोप है कि प्रवेश के समय फीस से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। छात्रों के अनुसार, शुरुआती चरण में आयोजित एक ऑनलाइन ओपन हाउस सत्र के दौरान अधिकारियों ने MBA चरण की अनुमानित फीस लगभग 7.5 लाख रुपये प्रति वर्ष बताई थी।

हालांकि बाद में शिक्षा ऋण (Education Loan) से संबंधित एक दस्तावेज में वार्षिक फीस का अनुमान 8.14 लाख रुपये बताया गया। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि यह राशि समय के साथ बदल सकती है। छात्रों का कहना है कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद पहले बैच को फीस का कोई औपचारिक और लिखित विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया।

कई छात्रों का मानना है कि कुल खर्च की स्पष्ट जानकारी के बिना कार्यक्रम में प्रवेश लेने से भविष्य की वित्तीय योजना बनाना कठिन हो गया है, विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए।

रिपोर्ट के अनुसार, IIM बोधगया के अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि जब छात्र MBA चरण में प्रवेश करेंगे, तब संस्थान के नियमित MBA कार्यक्रम की जो फीस लागू होगी, वही इस कोर्स पर भी लागू की जाएगी।

पाठ्यक्रम संरचना को लेकर भी उठे सवाल

फीस के अलावा छात्रों ने कार्यक्रम की शैक्षणिक संरचना को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि सामान्य चार वर्षीय BTech पाठ्यक्रम को तीन वर्षों में समेट दिया गया है, जिसके कारण छात्रों को कम समय में 167 क्रेडिट पूरे करने पड़ रहे हैं।

छात्रों के अनुसार, इंटर्नशिप की समय-सारिणी में भी बदलाव किया गया है। साथ ही कुछ तकनीकी वैकल्पिक विषयों (Technical Electives) की जगह मानविकी और सामाजिक विज्ञान (Humanities and Social Sciences) से जुड़े पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं, जिससे पाठ्यक्रम की मूल संरचना प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

एग्जिट विकल्प नहीं होने पर भी चिंता

छात्रों द्वारा उठाया गया एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा कार्यक्रम में एग्जिट विकल्प का अभाव है। उनका कहना है कि उन्हें बताया गया है कि यदि कोई छात्र BTech या BS चरण पूरा करने के बाद MBA भाग में आगे नहीं बढ़ना चाहता, तो उसे अलग से डिग्री नहीं दी जाएगी क्योंकि यह एक एकीकृत पांच वर्षीय कार्यक्रम है।

इस व्यवस्था को लेकर कुछ छात्रों ने चिंता जताई है और कहा है कि उन्हें प्रवेश के समय इस पहलू की अधिक स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए थी।

प्लेसमेंट अवसरों को लेकर भी सवाल

कार्यक्रम से जुड़े छात्रों ने प्लेसमेंट प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्टता की मांग की है। कुछ छात्रों का दावा है कि शुरुआत में उन्हें यह जानकारी दी गई थी कि वे दोनों संस्थानों की प्लेसमेंट प्रक्रियाओं से लाभ उठा सकते हैं। हालांकि बाद में उन्हें बताया गया कि IIT पटना की प्लेसमेंट प्रक्रिया तक उनकी पहुंच उपलब्ध नहीं होगी।

इस स्थिति ने छात्रों के बीच भविष्य के करियर अवसरों को लेकर अनिश्चितता पैदा कर दी है।

संस्थानों से स्पष्ट जानकारी की मांग

अब जबकि कार्यक्रम का पहला बैच IIT पटना में अपना तकनीकी चरण पूरा करने के करीब पहुंच रहा है, छात्र दोनों संस्थानों से वित्तीय दायित्वों, शैक्षणिक संरचना और करियर अवसरों से संबंधित सभी पहलुओं पर स्पष्ट और आधिकारिक जानकारी जारी करने की मांग कर रहे हैं।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नए और अभिनव शैक्षणिक कार्यक्रमों की सफलता के लिए पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण होती है। फीस, पाठ्यक्रम, प्लेसमेंट और डिग्री संरचना जैसी जानकारियों की स्पष्टता छात्रों को बेहतर निर्णय लेने और अपने भविष्य की प्रभावी योजना बनाने में मदद करती है।

Asmita Sarkar

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