
भारत की टेक्नोलॉजी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार के साथ प्रोडक्ट मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए देश के उच्च शिक्षण संस्थान ऐसे एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम शुरू कर रहे हैं, जो छात्रों और कामकाजी पेशेवरों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करें।
इसी दिशा में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) रांची ने Masai के साथ साझेदारी कर अपने हैदराबाद कैंपस में एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम इन प्रोडक्ट मैनेजमेंट शुरू करने की घोषणा की है। यह 12 सप्ताह का ऑफलाइन वीकेंड प्रोग्राम है, जिसकी शुरुआत 18 जुलाई 2026 से होगी। इस कोर्स में 12वीं पास या उससे अधिक शैक्षणिक योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे।
संस्थान के अनुसार, यह कार्यक्रम उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जो प्रोडक्ट मैनेजर बनना चाहते हैं। इसके अलावा इंजीनियर, डिजाइनर, छात्र और अपने करियर की शुरुआत कर रहे प्रोफेशनल्स भी इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। कोर्स का उद्देश्य प्रतिभागियों को अकादमिक पढ़ाई, इंडस्ट्री मेंटॉरशिप और प्रोजेक्ट आधारित सीखने के जरिए प्रोडक्ट मैनेजमेंट की व्यावहारिक समझ देना है।
प्रोडक्ट लाइफसाइकिल के हर चरण की मिलेगी जानकारी
इस कार्यक्रम के पाठ्यक्रम में प्रोडक्ट लाइफसाइकिल के विभिन्न चरणों को शामिल किया गया है। इसमें कस्टमर डिस्कवरी, प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी, रोडमैप प्लानिंग, प्रोडक्ट एक्जीक्यूशन, स्टेकहोल्डर मैनेजमेंट और प्रोडक्ट एनालिटिक्स जैसे महत्वपूर्ण विषय पढ़ाए जाएंगे।
इसके अलावा प्रतिभागियों को प्रोडक्ट मैनेजमेंट, सहयोग (Collaboration), डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े आधुनिक टूल्स का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे उद्योग की मौजूदा जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार कर सकें।
72 घंटे की होगी ट्रेनिंग
यह कार्यक्रम कुल 72 घंटे का होगा। इसमें 60 घंटे की पढ़ाई IIM रांची के फैकल्टी सदस्यों द्वारा कराई जाएगी, जबकि 12 घंटे की मेंटर मास्टरक्लास उद्योग से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञ लेंगे।
कोर्स के दौरान प्रतिभागियों को इंडस्ट्री लीडर्स से बातचीत का अवसर भी मिलेगा। इसके साथ ही कैपस्टोन प्रोजेक्ट, प्रोजेक्ट रिव्यू और अंतिम प्रेजेंटेशन भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। अंतिम प्रोजेक्ट का मूल्यांकन IIM रांची के फैकल्टी और उद्योग विशेषज्ञों के पैनल द्वारा किया जाएगा।
क्या बोले IIM रांची के निदेशक?
IIM रांची के निदेशक प्रोफेसर दीपक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक उद्योग अनुभव से जोड़ना भी है। उन्होंने बताया कि फैकल्टी सेशन, इंडस्ट्री मेंटॉरशिप, केस स्टडी और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रोडक्ट मैनेजमेंट की पूरी प्रक्रिया समझने का अवसर मिलेगा।
वहीं, IIM रांची के एग्जीक्यूटिव एजुकेशन एंड कंसल्टिंग (EEC) के चेयरपर्सन प्रोफेसर मनीष बंसल ने कहा कि इस कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है, जिससे अकादमिक सीख और वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों के बीच संतुलन बनाया जा सके। इससे प्रतिभागियों में प्रोडक्ट लीडरशिप से जुड़ी क्षमताओं का विकास होगा।
इंडस्ट्री और अकादमिक अनुभव का मिलेगा मिश्रण
Masai के सीईओ और सह-संस्थापक प्रतीक शुक्ला ने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य अकादमिक शिक्षा और उद्योग आधारित प्रशिक्षण को एक साथ लाना है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में प्रोडक्ट मैनेजमेंट की अवधारणाओं को वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि प्रतिभागियों को नौकरी के लिए आवश्यक व्यावहारिक अनुभव मिल सके।
सफल प्रतिभागियों को मिलेगा IIM रांची का सर्टिफिकेट
कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को IIM रांची की ओर से आधिकारिक सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा कोर्स के दौरान किए गए कैपस्टोन प्रोजेक्ट के लिए Masai की ओर से अलग से प्रोजेक्ट कंप्लीशन लेटर भी दिया जाएगा। यह प्रमाणपत्र और प्रोजेक्ट अनुभव प्रोडक्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।




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