
XLRI – Xavier School of Management ने अपने एग्जीक्यूटिव एजुकेशन विंग XLRI Leadership Education and Development (XLEAD) के माध्यम से व्यवहारिक कौशल (Behavioural Skills) और नेतृत्व विकास (Leadership Development) कार्यक्रम शुरू करने के लिए Dale Carnegie India के साथ साझेदारी की है।
दोनों संस्थानों के बीच यह सहयोग एक समझौता ज्ञापन (MoU) के जरिए औपचारिक रूप से स्थापित किया गया है। इस साझेदारी के तहत छात्रों, कार्यरत पेशेवरों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए संयुक्त रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे। यह पहल ऐसे समय में की गई है जब प्रबंधन संस्थान तकनीकी और शैक्षणिक शिक्षा के साथ-साथ संचार, नेतृत्व और टीमवर्क जैसे कार्यस्थल से जुड़े कौशलों को भी पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहे हैं।
व्यवहारिक कौशल पर रहेगा विशेष फोकस
इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थान बिजनेस कम्युनिकेशन, एग्जीक्यूटिव प्रेजेंस, प्रभाव डालने और समझाने की कला, बिजनेस स्टोरीटेलिंग, एग्जीक्यूटिव कोचिंग, प्रेजेंटेशन स्किल्स और पब्लिक स्पीकिंग जैसे क्षेत्रों में संयुक्त रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करेंगे।
इन पाठ्यक्रमों को कक्षा आधारित, ऑनलाइन और ब्लेंडेड लर्निंग (ऑनलाइन व ऑफलाइन का मिश्रित स्वरूप) के माध्यम से संचालित किए जाने की योजना है। कार्यक्रम पूरा करने वाले प्रतिभागियों को उद्योग जगत द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
XLRI के निदेशक सेबेस्टियन जॉर्ज ने कहा कि यह साझेदारी संस्थान की उस सोच को दर्शाती है, जिसके तहत छात्रों को केवल पेशेवर ज्ञान ही नहीं, बल्कि कार्यस्थल पर सफलता के लिए आवश्यक व्यवहारिक और पारस्परिक कौशलों से भी लैस किया जाता है।
बदलती कार्यस्थल की जरूरतों के अनुरूप पहल
यह साझेदारी ऐसे समय में सामने आई है जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीकों के कारण काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। ऐसे में कंपनियां तकनीकी विशेषज्ञता के साथ-साथ व्यवहारिक दक्षताओं और नेतृत्व क्षमता को भी समान महत्व दे रही हैं।
डेल कार्नेगी इंडिया की चेयरपर्सन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर पल्लवी झा ने कहा कि व्यवहारिक क्षमताएं भविष्य में भी पेशेवर विकास और प्रभावी नेतृत्व की आधारशिला बनी रहेंगी।
कार्यक्रमों के संचालन के अलावा यह सहयोग संरचित नेतृत्व विकास पहलों के माध्यम से एग्जीक्यूटिव एजुकेशन और पेशेवर सीखने को भी मजबूत करेगा। यह प्रबंधन शिक्षा के उस व्यापक बदलाव को भी दर्शाता है, जिसमें संस्थान पारंपरिक बिजनेस विषयों के साथ संचार कौशल, टीमवर्क, नैतिक निर्णय लेने की क्षमता और लोगों के प्रभावी प्रबंधन जैसे विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल कर रहे हैं।
आज के समय में नियोक्ता ऐसे स्नातकों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनके पास तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ बेहतर संचार और पारस्परिक कौशल भी हों। यही कारण है कि उच्च शिक्षा संस्थानों और उद्योग आधारित प्रशिक्षण संगठनों के बीच इस तरह की साझेदारियां एग्जीक्यूटिव और मैनेजमेंट एजुकेशन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही हैं।




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