
लगातार बढ़ रही छात्र आक्रामकता और हाल ही में स्कूल परिसर में हुए एक चौंकाने वाले हत्या के मामले के बाद, अहमदाबाद में बच्चों के भावनात्मक संतुलन को वापस लाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है।
कुछ दिन पहले मनिनगर स्थित सेवंथ डे स्कूल में एक छात्र की, मामूली विवाद के चलते, दूसरे छात्र द्वारा हत्या कर दी गई। इस घटना ने छात्रों के व्यवहार और बढ़ते आवेगपूर्ण हिंसक रवैये को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, अब छोटी-छोटी बातों पर झगड़े, मारपीट और कई बार जानलेवा हमले तक की नौबत आ रही है।
इसी बढ़ती समस्या से निपटने के लिए अहमदाबाद शहर के जिला शिक्षा अधिकारी ने ‘बिलियन मिनट्स ऑफ पीस अपील प्रोजेक्ट’ की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के तहत शहर के लगभग 1,800 स्कूलों में छात्र हर दिन 10 मिनट मेडिटेशन करेंगे। शुरुआत में ही 5 लाख से अधिक छात्र इसमें शामिल हो चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों में बढ़ती हिंसा का एक बड़ा कारण अत्यधिक स्क्रीन टाइम और स्थिर (sedentary) जीवनशैली है। इसलिए यह प्रोजेक्ट बच्चों में भावनाओं और तनाव को नियंत्रित करने पर केंद्रित है।
मेडिटेशन सेशन स्कूल परिसर में ही उन शिक्षकों द्वारा करवाए जाएंगे, जिन्हें इस कार्य के लिए खास प्रशिक्षण दिया गया है। शांत बैठने के साथ-साथ छात्रों को यह भी सिखाया जाएगा कि विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से कैसे सुलझाया जाए, उकसावे पर सोच-समझकर कैसे प्रतिक्रिया दी जाए, और भावनात्मक तनाव को दर्शाने वाले संकेतों को कैसे पहचाना जाए।
अधिकारियों को उम्मीद है कि इस पहल से स्कूलों में आक्रामकता कम होगी और वातावरण अधिक शांतिपूर्ण बनेगा। यह कार्यक्रम छात्रों में आवेगपूर्ण और हिंसक प्रतिक्रिया को कम करने, आत्म-नियंत्रण विकसित करने और किसी भी कार्रवाई से पहले सोचने की आदत को बढ़ावा देगा।
शिक्षा विभाग समय-समय पर इस प्रोजेक्ट की प्रगति की निगरानी करेगा, और उम्मीद है कि आने वाले महीनों में छात्रों के व्यवहार में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलेगा।




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