
उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार के व्यापक वृक्षारोपण अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों ने मिलकर 43 लाख पौधों का रोपण किया। इस समन्वित अभियान का उद्देश्य राज्य में हरित क्षेत्र का विस्तार करना और विद्यार्थियों व समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
राज्य सरकार के अनुसार यह वृक्षारोपण 35 करोड़ पौधारोपण अभियान 2026 के अंतर्गत किया गया। इसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
उच्च शिक्षा विभाग ने लगाए सबसे अधिक पौधे
अभियान के दौरान लगाए गए कुल 43 लाख पौधों में सबसे बड़ा योगदान उच्च शिक्षा विभाग का रहा। विभाग के अंतर्गत आने वाले कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 20 लाख पौधे लगाए गए। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग ने 12 लाख और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 11 लाख पौधों का रोपण किया।
यह अभियान सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों, निजी शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV), ब्लॉक संसाधन केंद्रों (BRC) तथा अन्य शैक्षणिक परिसरों में चलाया गया। पौधारोपण कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय के लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पौधारोपण के साथ पर्यावरण जागरूकता पर भी जोर
वृक्षारोपण के साथ-साथ विभिन्न शिक्षण संस्थानों में जैव विविधता, जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को यह भी प्रेरित किया गया कि वे लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करें ताकि उनकी जीवित रहने की संभावना अधिक हो और अभियान का उद्देश्य सफल हो सके।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ थीम के तहत चला अभियान
यह पौधारोपण अभियान राज्य स्तर पर चलाए जा रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का हिस्सा था। अभियान के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न पौधारोपण स्थलों का निरीक्षण भी किया, ताकि लगाए गए पौधों की देखभाल और अभियान की प्रगति का आकलन किया जा सके।
पर्यावरण संरक्षण में शैक्षणिक संस्थानों की बढ़ती भूमिका
पिछले कुछ वर्षों में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियानों के महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरे हैं। ऐसे कार्यक्रम केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण, टिकाऊ विकास (Sustainability) और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक बनाते हैं। इससे परिसर आधारित गतिविधियों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है और छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होती है।
हालांकि, बड़े स्तर पर किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियानों की वास्तविक सफलता केवल पौधे लगाने से नहीं, बल्कि उनके लंबे समय तक जीवित रहने और उचित देखभाल पर निर्भर करती है। नियमित निगरानी, समय-समय पर रखरखाव और स्थानीय समुदाय की भागीदारी ही यह तय करेगी कि यह अभियान भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के लिए कितना प्रभावी साबित होता है।




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