
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि Future City में प्रस्तावित Education Hub के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों को विकसित (Developed) आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट आवंटित किए जाएं। राज्य सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि किसानों को लैंड पूलिंग मॉडल (Land Pooling Model) के तहत उचित लाभ और मुआवजा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में Education Hub परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान प्रभावित किसानों के पुनर्वास पर चर्चा की गई और अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर विकास कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
लैंड पूलिंग मॉडल के तहत किसानों को मिलेगा विकसित प्लॉट
प्रस्तावित Education Hub, तेलंगाना सरकार की महत्वाकांक्षी Future City Project का हिस्सा है। इस परियोजना का उद्देश्य शिक्षा, शोध (Research) और नवाचार (Innovation) का प्रमुख केंद्र विकसित करना है।
सरकार के अनुसार, जिन किसानों ने स्वेच्छा से इस परियोजना के लिए अपनी जमीन उपलब्ध कराई है, उन्हें आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार होने के बाद विकसित आवासीय और व्यावसायिक भूखंड (Plots) दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजना से जुड़ी प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसानों को सरकार द्वारा किया गया वादा समय पर पूरा हो। उन्होंने कहा कि परियोजना में शामिल किसानों को इसका पूरा लाभ मिलना चाहिए।
बैठक में अधिकारियों ने Education Hub के लिए प्रस्तावित विभिन्न बुनियादी सुविधाओं के ब्लूप्रिंट की भी समीक्षा की।
शिक्षा, शोध और निवेश का नया केंद्र बनेगा Education Hub
राज्य सरकार की योजना इस क्षेत्र में आधुनिक शैक्षणिक संस्थान, शोध केंद्र और व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित करने की है, जिससे तेलंगाना की ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था (Knowledge Economy) को मजबूती मिलेगी।
सरकार का मानना है कि Education Hub स्कूलों, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, आईटी कंपनियों और अन्य संबंधित उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। साथ ही आधुनिक बुनियादी ढांचे और एकीकृत शहरी विकास (Integrated Urban Planning) से इस क्षेत्र का व्यावसायिक महत्व भी बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को भूमि विकास, बुनियादी ढांचा निर्माण और सरकारी मंजूरियों से जुड़े सभी कार्यों में आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना को तय समय पर पूरा करना जरूरी है ताकि जल्द से जल्द शैक्षणिक संस्थानों और निवेशकों को आकर्षित किया जा सके।
सरकार का मानना है कि लैंड पूलिंग मॉडल बड़े पैमाने पर शहरी विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन किसानों को भी लाभ पहुंचाएगा, जिन्होंने परियोजना के लिए अपनी जमीन उपलब्ध कराई है। बुनियादी ढांचे के विकास से जमीन का मूल्य बढ़ने पर किसानों को भी उसका फायदा मिलेगा।




Add comment