
उत्तर कोरियाई सरकार ने दक्षिण कोरिया का टीवी शो देखने के आरोप में कथित तौर पर 30 स्कूली छात्रों को मौत की सजा दे दी। करीब 30 स्कूली छात्रों को दक्षिण कोरियाई नाटक देखने का दोषी बताते हुए सरेआम गोली मार दी गई। ये सभी 19 साल से कम के थे। दक्षिण कोरिया के दैनिक अखबार ‘जोंगआंग डेली’ ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है।
दक्षिण कोरिया सरकार के एक अधिकारी का हवाला देते हुए बताया गया है कि उत्तर कोरियाई अधिकारियों ने पिछले हफ्ते माध्यमिक विद्यालय के छात्रों को सार्वजनिक रूप से गोली मारी। छात्रों ने कथित तौर पर यूएसबी पर संग्रहित दक्षिण कोरियाई नाटक देखे थे। इन यूएसबी को कथित तौर पर पिछले महीने सिओल से गुब्बारों के जरिए उत्तर कोरिया भेजा गया था।
दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने रिपोर्ट की पुष्टि करने से इनकार कर दिया। मंत्रालय के एक अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, यह सर्वविदिति है कि उत्तर कोरियाई अधिकारी ‘प्रतिक्रियावादी विचारधारा और संस्कृति अस्वीकृति अधिनियम’ सहित तीन कानूनों के आधार पर लोगों को सख्ती से नियंत्रित करते हैं और उन्हें कठोर दंड देते हैं। अधिकारी ने कहा, मंत्रालय की ओर से प्रकाशित 2024 की उत्तर कोरियाई मानवााधिकार रिपोर्ट में दक्षिण कोरियाई नाटक देखने के लिए मृत्युदंड के मामलों को भी दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि उत्तर कोरिया का ‘प्रतिक्रियावादी विचारधारा और संस्कृति अस्वीकृति अधिनियम’ दिसंबर 2020 में अधिनियमित किया गया था। यह कानून दक्षिण कोरिया की मीडिया सामग्री को वितरित करने वालों के लिए मौत की सजा और दर्शकों के लिए 15 साल तक की जेल का प्रावधान करता है। इसके अलावा, यह कानून दक्षिण कोरिया की किताबों, गीतों और तस्वीरों को भी निशाना बनाता है। इस कानून के तहत दक्षिण कोरिया के भाषण या उनकी गायन शैलियों का इस्तेमाल करने के लिए दो साल तक के जबरन श्रम का भी प्रावधान है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने अपनी सीमा के भीतर दक्षिण कोरिया की संस्कृति के प्रसार को रोकने के लिए उत्तर कोरिया के अधिकारियों ने लगभग 17 साल की उम्र के करीब 30 नाबालिगों को आजीवन कारावास और मौत की सजा सुनाई। इस साल की शुरुआत में दक्षिण कोरियाई नाटक देखने के लिए एक 16 वर्षीय लड़के को 12 साल की जबरन मजदूरी की सजा सुनाई गई थी।
दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया में बीते सात दशकों से तनातनी है। दक्षिण कोरिया में लोकतंत्रिक व्यवस्था है और देश इलेक्ट्रॉनिक्स मार्किट में दुनिया में अग्रणी है। देश में बनने वाले ड्रामा भी दुनिया में लोकप्रिय हैं। इसके उलट उत्तर कोरिया में तानाशाही व्यवस्था है और लोगों पर पाबंदिया हैं।




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