केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं की पढ़ाई और आगामी कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर नई व्यवस्था जारी की है। इसके तहत पर्यावरण शिक्षा को कक्षा 10वीं के पाठ्यक्रम से हटाने का फैसला किया गया है, जबकि व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) को अनिवार्य बनाए रखा गया है। बोर्ड ने इस संबंध में 29 अक्टूबर 2026 को सर्कुलर जारी कर संबद्ध स्कूलों को नए निर्देशों की जानकारी दी है।
नई व्यवस्था का असर उन विद्यार्थियों पर पड़ेगा जो फिलहाल शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9वीं में पढ़ रहे हैं और 2027-28 में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे। इन बदलावों के साथ बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि दसवीं की बोर्ड परीक्षा में पांच मुख्य विषय अनिवार्य होंगे। हालांकि, विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा और अन्य विषयों का अध्ययन भी करना होगा।
कक्षा 9वीं में भी हटाए गए दो विषय
सीबीएसई के नए निर्देशों के अनुसार, वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में दो बदलाव और किए गए हैं। अब इन विद्यार्थियों को ‘Individuals in Society’ विषय नहीं पढ़ना होगा। इसके अलावा, कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (CT & AI) के मॉड्यूल भी उनके पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं होंगे।
बोर्ड ने बताया है कि ये बदलाव पाठ्यक्रम के विभिन्न हिस्सों को लागू करने की तय समय-सीमा के अनुरूप किए गए हैं। इसी क्रम में इन विद्यार्थियों के कक्षा 10वीं के पाठ्यक्रम (2027-28) से पर्यावरण शिक्षा को भी हटा दिया गया है।
व्यावसायिक शिक्षा के लिए मिलेंगे 23 विकल्प
सीबीएसई ने व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाए रखा है। इसके लिए विद्यार्थियों को दो विकल्प दिए गए हैं। वे ‘कौशल विकास’ (Kaushal Vikas) विषय चुन सकते हैं या बोर्ड की ओर से तय किए गए 22 कौशल विषयों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं।
इन 22 विषयों में सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, रिटेल, कृषि, ऑटोमोटिव, बैंकिंग और इंश्योरेंस, हेल्थकेयर, ब्यूटी एंड वेलनेस, टूरिज्म, मार्केटिंग एंड सेल्स, मल्टीमीडिया और डिजाइन थिंकिंग जैसे विषय शामिल हैं।
इन दोनों विकल्पों के मूल्यांकन का तरीका अलग होगा। ‘कौशल विकास’ चुनने वाले विद्यार्थियों का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर आंतरिक परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। उन्हें इस विषय के लिए अलग से बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी।
वहीं, 22 कौशल विषयों में से किसी एक को चुनने वाले विद्यार्थियों को कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 2027-28 में उस विषय की परीक्षा देनी होगी। इस विषय के अंक और ग्रेड बोर्ड की ओर से जारी मार्कशीट में शामिल होंगे। सफल विद्यार्थियों को संबंधित कौशल विषय का एनएसक्यूएफ प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
दसवीं की बोर्ड परीक्षा में इन पांच विषयों की होगी अनिवार्य परीक्षा
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2027-28 में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए पांच विषय अनिवार्य होंगे। इनमें दो भाषाएं, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान शामिल हैं।
| अनिवार्य विषय | बोर्ड परीक्षा |
| पहली भाषा (R1) | अनिवार्य |
| दूसरी भाषा (R2) | अनिवार्य |
| गणित | अनिवार्य |
| विज्ञान | अनिवार्य |
| सामाजिक विज्ञान | अनिवार्य |
इन पांच विषयों के अलावा विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अनुसार तीसरी भाषा (R3), कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य और व्यावसायिक शिक्षा का भी अध्ययन करना होगा। तीसरी भाषा, कला शिक्षा और शारीरिक शिक्षा का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा।
विद्यार्थी इसके अतिरिक्त बोर्ड की ओर से निर्धारित 57 वैकल्पिक विषयों की सूची में से एक विषय भी चुन सकते हैं। इसमें कंप्यूटर एप्लीकेशन, होम साइंस, पेंटिंग, संगीत, एनसीसी और बिजनेस से जुड़े विषय शामिल हैं। चुने गए वैकल्पिक विषय के लिए बोर्ड परीक्षा और स्कूल स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन दोनों की व्यवस्था रहेगी।
इस तरह विद्यार्थियों को कुल नौ अनिवार्य पाठ्यक्रम क्षेत्रों का अध्ययन करना होगा। इसके अतिरिक्त एक वैकल्पिक विषय चुनने का अवसर भी मिलेगा। हालांकि, सभी नौ विषयों की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी।
मौजूदा दसवीं के विद्यार्थियों को नहीं करना होगा बदलाव
सीबीएसई ने साफ किया है कि नए नियम वर्तमान में कक्षा 10वीं (शैक्षणिक सत्र 2026-27) में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर लागू नहीं होंगे। ये छात्र पहले से लागू पाठ्यक्रम और परीक्षा व्यवस्था के अनुसार ही अपनी बोर्ड परीक्षा देंगे।
नई व्यवस्था केवल उन विद्यार्थियों के लिए है जो 2026-27 में कक्षा 9वीं में हैं और अगले शैक्षणिक सत्र 2027-28 में कक्षा 10वीं में पहुंचेंगे। ऐसे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को विषयों का चयन करते समय नए नियमों को ध्यान में रखना होगा।
सीबीएसई ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों तक नई व्यवस्था की जानकारी पहुंचाएं, ताकि विषयों के चयन और पढ़ाई की तैयारी में किसी तरह की परेशानी न हो।
क्या है खास? नई व्यवस्था में सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा के पांच मुख्य विषय तय किए हैं, लेकिन विद्यार्थियों के लिए कौशल आधारित शिक्षा को भी अनिवार्य रखा है। इससे छात्रों को पारंपरिक विषयों के साथ रोजगार और व्यावहारिक जीवन में काम आने वाले कौशल सीखने का अवसर मिलेगा।




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