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CBSE कक्षा 10वीं और 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाएं 9 नवंबर से, बोर्ड ने जारी की नई गाइडलाइन

CBSE Practical Exam 2027: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाओं, प्रोजेक्ट असेसमेंट और आंतरिक मूल्यांकन को लेकर नया सर्कुलर जारी किया है। बोर्ड ने शीतकालीन क्षेत्रों में स्थित संबद्ध स्कूलों को परीक्षाएं 9 नवंबर से 19 दिसंबर 2026 के बीच आयोजित करने का निर्देश दिया है। जनवरी में इन क्षेत्रों के स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियां रहने की संभावना को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

सीबीएसई के अनुसार, सामान्य शैक्षणिक सत्र वाले संबद्ध स्कूलों में प्रायोगिक परीक्षाएं 1 जनवरी 2027 से शुरू होनी निर्धारित हैं। हालांकि, इन स्कूलों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। फिलहाल 5 नवंबर को जारी सर्कुलर और उसकी समय-सीमा केवल शीतकालीन क्षेत्रों के स्कूलों पर लागू होगी।

CBSE Practical Exam 2027: महत्वपूर्ण तारीखें

सीबीएसई के नए सर्कुलर के मुताबिक, दोनों कक्षाओं की प्रायोगिक परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन का कार्यक्रम इस प्रकार है:

  • शीतकालीन क्षेत्रों के स्कूल: 9 नवंबर से 19 दिसंबर 2026
  • सामान्य शैक्षणिक सत्र वाले स्कूल: 1 जनवरी 2027 से प्रस्तावित
  • लागू कक्षाएं: 10वीं और 12वीं
  • मूल्यांकन के प्रकार: प्रायोगिक परीक्षा, प्रोजेक्ट असेसमेंट और आंतरिक मूल्यांकन।

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि शीतकालीन क्षेत्रों के स्कूलों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी परीक्षाएं और मूल्यांकन पूरे करने होंगे। अंकों को भी तय समय के भीतर बोर्ड के पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी होगा।

शीतकालीन क्षेत्रों के स्कूलों में पहले क्यों होंगी परीक्षाएं?

देश के कुछ हिस्सों में सर्दियों के दौरान तापमान काफी कम हो जाता है। ऐसे क्षेत्रों में जनवरी के महीने में स्कूल बंद रहते हैं। इसी वजह से सीबीएसई ने वहां पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाएं पहले कराने का फैसला किया है।

बोर्ड के अनुसार, शीतकालीन क्षेत्रों में स्थित स्कूलों को 9 नवंबर से 19 दिसंबर 2026 के बीच प्रायोगिक परीक्षाएं, प्रोजेक्ट वर्क और आंतरिक मूल्यांकन पूरा करना होगा। इससे जनवरी में स्कूल बंद रहने के बावजूद परीक्षा संबंधी काम प्रभावित नहीं होगा।

10वीं के विद्यार्थियों के लिए आंतरिक मूल्यांकन पर खास निर्देश

सीबीएसई ने कक्षा 10वीं के आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) को लेकर स्कूलों को विशेष निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 10वीं के विद्यार्थियों का आंतरिक मूल्यांकन केवल एक बार आयोजित किया जाएगा।

ऐसे में स्कूलों को सभी विद्यार्थियों का मूल्यांकन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरा करना होगा और उनके अंक तय समय-सीमा के भीतर अपलोड करने होंगे। किसी भी विद्यार्थी का आंतरिक मूल्यांकन छूटना नहीं चाहिए।

स्कूलों के लिए सीबीएसई की जरूरी गाइडलाइन

बोर्ड ने प्रायोगिक परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए स्कूलों को कई निर्देश दिए हैं।

1. विद्यार्थियों की सूची की जांच: स्कूलों को परीक्षा से पहले विद्यार्थियों की अंतिम सूची तैयार करनी होगी। केवल उन्हीं विद्यार्थियों को प्रायोगिक परीक्षा, प्रोजेक्ट असेसमेंट और आंतरिक मूल्यांकन में शामिल होने की अनुमति होगी, जिनके नाम ऑनलाइन लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (LOC) के माध्यम से बोर्ड को भेजे गए हैं।

2. बाहरी परीक्षकों की नियुक्ति: जहां जरूरत हो, स्कूलों को बाहरी परीक्षकों (External Examiners) और पर्यवेक्षकों (Observers) की नियुक्ति के लिए संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क करना होगा।

3. विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार परीक्षा सत्र: यदि किसी स्कूल में प्रायोगिक परीक्षा या प्रोजेक्ट मूल्यांकन में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या 30 से अधिक है, तो स्कूलों को लैब की उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार परीक्षा दो या तीन सत्रों में आयोजित करनी होगी। इसका उद्देश्य परीक्षा और मूल्यांकन की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से पूरा कराना है।

4. परीक्षा की तस्वीरें अपलोड करना जरूरी: बोर्ड ने प्रायोगिक परीक्षाओं और मूल्यांकन के दौरान प्रत्येक बैच की एक सामूहिक तस्वीर अपलोड करने का निर्देश दिया है। इसके लिए सीबीएसई स्कूलों को एक ऐप लिंक उपलब्ध कराएगा।

5. 12वीं की उत्तर पुस्तिकाएं भेजनी होंगी: कक्षा 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों को भेजनी होंगी।

इसके अलावा स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रायोगिक परीक्षाओं, प्रोजेक्ट वर्क और आंतरिक मूल्यांकन के अंक निर्धारित समय के भीतर अपलोड हो जाएं।

विद्यार्थियों को क्या करना चाहिए?

10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को अपने स्कूल से प्रायोगिक परीक्षा और प्रोजेक्ट मूल्यांकन का विषयवार कार्यक्रम प्राप्त कर लेना चाहिए। विशेष रूप से शीतकालीन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को 9 नवंबर से शुरू होने वाली परीक्षा के लिए अपनी तैयारी पूरी रखनी चाहिए।

विद्यार्थियों को अपने प्रैक्टिकल रिकॉर्ड, प्रोजेक्ट फाइल और संबंधित विषयों की तैयारी समय पर पूरी कर लेनी चाहिए। परीक्षा की तारीख, समय और अन्य जरूरी जानकारी के लिए स्कूल प्रशासन के संपर्क में रहना भी जरूरी है।

सीबीएसई ने स्कूलों को समय-सारिणी का पालन करने और सभी प्रक्रियाएं निर्धारित अवधि में पूरी करने को कहा है। विद्यार्थियों और अभिभावकों को भी ध्यान रखना चाहिए कि 9 नवंबर से 19 दिसंबर की तारीखें केवल शीतकालीन क्षेत्रों के स्कूलों के लिए हैं। सामान्य शैक्षणिक सत्र वाले स्कूलों के लिए अलग निर्देश जारी किए जाएंगे।

Raish Ahmed

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