
मेघालय सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और व्यवहारिक बनाने की दिशा में दो महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों के लिए कम्युनिटी इंटीग्रेटेड स्किल लर्निंग (CISL) की शुरुआत की जाएगी। इसके साथ ही, सरकार ने प्राइवेट उम्मीदवारों को सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (SSLC) परीक्षा में शामिल होने की अनुमति भी दे दी है।
स्किल लर्निंग होगा पाठ्यक्रम का हिस्सा
मुख्यमंत्री संगमा ने बताया कि CISL को एक संरचित पाठ्यक्रम के रूप में लागू किया जाएगा। इसे मौजूदा स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा विषय से जोड़ा जाएगा, जो अब तक अधिकतर किताबों पर आधारित रहा है। नए मॉडल में छात्रों को केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि परिवार और समुदाय से सीधे व्यावहारिक कौशल सीखने का अवसर मिलेगा।
सरकार का मानना है कि किताबों से बाहर निकलकर समुदाय के अनुभवों से सीखने से छात्रों की समझ बढ़ेगी और वे वास्तविक जीवन के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे।
परिवार और समुदाय होंगे शिक्षा के सह-भागीदार
नई प्रणाली के तहत छात्र अपनी रुचि और घर-परिवार की पृष्ठभूमि के आधार पर कौशल चुन सकेंगे। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी छात्र के माता-पिता खेती से जुड़े हैं, तो वह कृषि संबंधी कौशल सीख सकता है। इसी तरह समुदाय में मौजूद पारंपरिक पेशे जैसे बांस कारीगरी, हथकरघा, लोक कला, या हस्तशिल्प भी सीखने के विकल्प होंगे।
छात्र इन कौशलों को घर या समुदाय में अभ्यास करेंगे और फिर स्कूल में उन्हें प्रदर्शित करेंगे। इससे न केवल सीखने का स्तर सुधरेगा बल्कि मेघालय की पारंपरिक विरासत भी संरक्षित होगी।
पारंपरिक पेशों को बचाने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों पर किसी पेशे को थोपना नहीं है। बल्कि यह उन्हें स्थानीय आजीविका, पारंपरिक कार्यों और व्यावहारिक ज्ञान की अहमियत समझाने की कोशिश है। सरकार का मानना है कि इससे भविष्य में रोजगार के अवसरों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और शिक्षा में परिवार की भागीदारी भी मजबूत होगी।
प्राइवेट उम्मीदवार भी दे सकेंगे SSLC परीक्षा
कैबिनेट के दूसरे बड़े निर्णय में मेघालय बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (MBoSE) के तहत SSLC परीक्षा में प्राइवेट कैंडिडेट्स को अनुमति दे दी गई है। इससे उन विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा जो किसी वजह से 10वीं की परीक्षा पूरी नहीं कर पाए थे या आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। सरकार प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुगम बनाने पर काम कर रही है ताकि अधिक से अधिक लोग औपचारिक शिक्षा पूरी कर सकें।
मेघालय डे अवॉर्ड 2026 के विजेताओं की घोषणा
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री संगमा ने वर्ष 2026 के Meghalaya Day Awards की घोषणा भी की।
यू टिरोट सिंग अवॉर्ड (कला एवं साहित्य): डॉ. किनफाम सिंग नोंगकिनरिह
पा टोगन संगमा अवॉर्ड (सामाजिक सेवा): फादर बेनॉय जोसेफ
यू कियांग नंगबाह अवॉर्ड (खेल): रिओहलांग धर
सरकार ने बताया कि ये सम्मान उन व्यक्तियों को दिए जाते हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दिया है।
यह फैसले मेघालय के शिक्षा और सामाजिक विकास दोनों क्षेत्रों में नई दिशा तय करते हैं। स्किल-आधारित शिक्षा का मॉडल जहां छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान देगा, वहीं SSLC में प्राइवेट उम्मीदवारों की अनुमति शिक्षा के दायरे को और व्यापक बनाएगी।




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