
केंद्रीय बजट 2026-27 में स्कूल शिक्षा के लिए सरकार ने विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) की व्यावहारिक पढ़ाई को मजबूत करने का साफ संकेत दिया है। खास तौर पर अटल टिंकरिंग लैब (ATL) योजना को इस बार बड़ा प्रोत्साहन मिला है। वहीं, विश्व बैंक की मदद से चल रही STARS योजना के बजट में भारी कटौती की गई है, जिससे इसकी भूमिका अब सीमित होती दिख रही है।
बजट दस्तावेजों के अनुसार, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के लिए 2026-27 में 83,562 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह 2025-26 के बजट अनुमान 78,572 करोड़ रुपये से करीब 6.35 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि वास्तविक खर्च अक्सर बजट अनुमान से कम रहा है। 2025-26 के लिए संशोधित अनुमान घटाकर 70,567 करोड़ रुपये कर दिया गया, जबकि 2024-25 में वास्तविक खर्च 65,159 करोड़ रुपये रहा था। इससे साफ है कि कागजों पर बढ़ोतरी के बावजूद जमीनी स्तर पर खर्च को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं।
कुल सरकारी खर्च में स्कूल शिक्षा की हिस्सेदारी लगभग 1.56 प्रतिशत है, जो पिछले वर्ष के लगभग बराबर है। यानी शिक्षा को प्राथमिकता तो दी गई है, लेकिन इसमें कोई बड़ा संरचनात्मक बदलाव नहीं दिखता।
50 हजार नई अटल टिंकरिंग लैब का लक्ष्य
इस बजट की सबसे अहम घोषणा अटल टिंकरिंग लैब को लेकर है। पहली बार ATL को स्कूल शिक्षा बजट में अलग मद के रूप में शामिल किया गया है। 2026-27 में इसके लिए 3,200 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है, जबकि चालू वर्ष में यह राशि 500 करोड़ रुपये थी। सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि अगले पांच वर्षों में देशभर के सरकारी स्कूलों में 50,000 नई ATL स्थापित की जाएंगी।
अटल इनोवेशन मिशन के तहत चलने वाली ये लैब छात्रों में नवाचार, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने का काम करती हैं। अभी तक देश में करीब 10,000 ATL काम कर रही हैं, जहां छात्रों को रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर, माइक्रोकंट्रोलर, 3डी प्रिंटिंग और कंप्यूटर जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्कूल स्तर पर ही तकनीकी कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।
15,000 स्कूलों-कॉलेजों में AVGC लैब
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर को भी खास तवज्जो दी। सरकार ने 15,000 माध्यमिक स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की घोषणा की है। इस पहल में मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी (IICT) सहयोग करेगा। सरकार के अनुसार, 2030 तक AVGC उद्योग में करीब 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी। इसे “ऑरेंज इकोनॉमी” का अहम हिस्सा बताया गया है, जो युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर खोल सकता है।
STARS योजना में कटौती, PM SHRI यथावत
STARS योजना, जिसका मकसद कुछ राज्यों में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासन सुधारना था, उसके बजट में चालू और अगले वित्त वर्ष में करीब 60 प्रतिशत की कटौती की गई है। यह योजना विश्व बैंक के ऋण से चलाई जा रही थी और इसका पांच साल का कार्यकाल 2024-25 में पूरा हो गया। ऐसे में इसके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
दूसरी ओर, पीएम श्री (PM SHRI) योजना के कुल परिव्यय 7,500 करोड़ रुपये में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, चालू वर्ष में इसका वास्तविक खर्च घटकर करीब 4,000 करोड़ रुपये रहा, जो क्रियान्वयन की रफ्तार पर सवाल खड़े करता है।
सरकार ने स्कूल पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल करने और शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषदों (SCERTs) को मजबूत करने की बात भी कही है। इन पहलों की निगरानी एक उच्चस्तरीय “एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज” समिति करेगी, जिसका उद्देश्य शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है।
कुल मिलाकर बजट 2026-27 में स्कूल शिक्षा के लिए दिशा साफ है—नवाचार, तकनीक और कौशल विकास पर जोर। अटल टिंकरिंग लैब और AVGC लैब जैसी योजनाएं भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। हालांकि, बजट अनुमान और वास्तविक खर्च के बीच लगातार अंतर और कुछ योजनाओं में कटौती यह भी दिखाती है कि शिक्षा सुधार के रास्ते में अभी कई चुनौतियां बाकी हैं।
Tags: Union Budget 2026-27, School Education Budget, Atal Tinkering Labs, STEM Education, Ministry of Education, PM SHRI Scheme, STARS Scheme, AVGC Lab, Indian Education Policy
Union Budget 2026-27: Emphasis on STEM and innovation in school education, Atal Tinkering Labs get a major boost




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