
राजस्थान में बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने लगातार तीसरा पूर्ण बजट पेश करते हुए करीब 2 घंटे 54 मिनट का भाषण दिया। इस दौरान शिक्षा और रोजगार को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कई अहम घोषणाएं की गईं। सरकार ने साफ किया कि लक्ष्य युवाओं को सिर्फ नौकरी के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं पर जोर
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है। खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए स्कूली बच्चों के लिए 323 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का मानना है कि पढ़ाई के साथ खेल भी छात्रों के समग्र विकास के लिए जरूरी है।
स्कूलों की मरम्मत और नए भवन निर्माण के लिए भी बड़ी राशि तय की गई है। अगले साल 2500 से अधिक स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा जर्जर स्कूल भवनों के निर्माण के लिए 450 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सभी स्कूलों में शौचालय निर्माण की भी व्यवस्था की जाएगी, जिससे छात्रों को बेहतर माहौल मिल सके।
500 नए स्कूलों में शुरू होगी व्यावसायिक शिक्षा
राज्य सरकार ने घोषणा की है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 500 नए स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के साथ कौशल प्रशिक्षण देना है, ताकि वे आगे चलकर रोजगार या खुद का काम शुरू कर सकें। कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने से ग्रामीण और छोटे शहरों के छात्रों को भी नए अवसर मिल सकेंगे।
मेधावी छात्रों को लैपटॉप के लिए 20 हजार रुपये तक सहायता
कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को ई-वाउचर के जरिए 20 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे वे लैपटॉप खरीद सकें। डिजिटल शिक्षा के इस दौर में यह कदम छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करेगा।
40 लाख छात्रों को फ्री यूनिफॉर्म
कक्षा 1 से 8वीं तक के करीब 40 लाख छात्रों को मुफ्त यूनिफॉर्म दी जाएगी। इस योजना पर लगभग 250 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी और बच्चों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ेगी।
युवाओं के लिए भाषा प्रशिक्षण और ड्रीम प्रोग्राम
रोजगार के नए अवसरों को ध्यान में रखते हुए 1000 युवाओं को अंग्रेजी, जापानी और कोरियन भाषा की ट्रेनिंग दी जाएगी। विदेशी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन भाषाओं की मांग को देखते हुए यह पहल युवाओं के लिए उपयोगी मानी जा रही है।
कॉलेज छात्रों के लिए ‘ड्रीम प्रोग्राम’ शुरू किया जाएगा, जिससे 50 हजार छात्रों को लाभ मिलने का अनुमान है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को करियर मार्गदर्शन और कौशल विकास के अवसर देना है।
हर जिले में एक स्कूल होगा उच्च माध्यमिक
सरकार ने हर जिले में एक स्कूल को उच्च माध्यमिक विद्यालय में अपग्रेड करने का प्रावधान रखा है। इससे छात्रों को अपने ही जिले में 12वीं तक पढ़ाई की सुविधा मिलेगी और दूर-दराज जाने की जरूरत कम होगी।
AI स्टार्टअप और नया टेक्नो हब
राज्य में एआई आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 30 करोड़ रुपये की लागत से नए टेक्नो हब बनाए जाएंगे। इसके जरिए युवाओं को नई तकनीक और नवाचार से जुड़ने का मौका मिलेगा। सरकार का मानना है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बड़ी भूमिका होगी।
राजस्थान टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर राजस्थान टेस्टिंग एजेंसी शुरू की जाएगी। इसके तहत ऑनलाइन टेस्ट और अन्य परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इससे भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की कोशिश होगी।
कॉलेजों में नई फैकल्टी
उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए प्रदेश के कॉलेजों में नई फैकल्टी खोली जाएंगी। इससे छात्रों को नए विषयों में पढ़ाई का अवसर मिलेगा और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
राजस्थान बजट 2026-27 में शिक्षा और रोजगार को लेकर किए गए ये प्रावधान संकेत देते हैं कि राज्य सरकार युवाओं को केंद्र में रखकर योजनाएं बना रही है। स्कूल स्तर से लेकर उच्च शिक्षा और स्टार्टअप तक, बजट में हर स्तर पर निवेश का संकेत मिला है। आने वाले समय में इन घोषणाओं का असर जमीनी स्तर पर कितना दिखता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।




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