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केरल में छात्रों के लिए मुफ्त प्रवेश कोचिंग, KITE ने शुरू किया एआई आधारित ‘की टू एंट्रेंस’ कार्यक्रम

केरल में छात्रों के लिए मुफ्त प्रवेश कोचिंग, KITE ने शुरू किया एआई आधारित ‘की टू एंट्रेंस’ कार्यक्रम

केरल में छात्रों के लिए मुफ्त प्रवेश कोचिंग, KITE ने शुरू किया एआई आधारित ‘की टू एंट्रेंस’ कार्यक्रम

केरल सरकार के सामान्य शिक्षा विभाग की तकनीकी इकाई KITE (Kerala Infrastructure and Technology for Education) ने सरकारी स्कूलों के उच्च माध्यमिक और व्यावसायिक उच्च माध्यमिक छात्रों के लिए एआई आधारित प्रवेश कोचिंग कार्यक्रम शुरू किया है। ‘की टू एंट्रेंस’ नाम से शुरू की गई यह पहल राज्य के करीब 8 लाख छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

राज्य सरकार के अनुसार, यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है, जिसमें सभी स्ट्रीम—विज्ञान, वाणिज्य और मानविकी—के छात्रों को तकनीक की मदद से मुफ्त प्रवेश कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम का लक्ष्य छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न से परिचित कराना और नियमित अभ्यास के जरिए उनका आत्मविश्वास बढ़ाना है।

हर छात्र के लिए अलग अध्ययन योजना

KITE के सीईओ के. अनवर सदात ने बताया कि ‘समग्र एआई लर्निंग रूम’ के तहत विकसित प्रणाली प्रत्येक छात्र की सीखने की गति और परीक्षा में प्रदर्शन का विश्लेषण करती है। इसी आधार पर छात्रों के लिए व्यक्तिगत अध्ययन योजना तैयार की जाती है।

प्रणाली हर टेस्ट के बाद छात्र की प्रगति का आकलन करती है और उसकी क्षमता के अनुसार तीन स्तरों—प्रारंभिक, मध्यवर्ती और उत्कृष्ट—में प्रश्न उपलब्ध कराती है। पोर्टल पर 20,000 से अधिक प्रश्न उपलब्ध हैं, जिन्हें विषय विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा तैयार और सत्यापित किया गया है।

छात्रों को स्व-अभ्यास के लिए व्यापक मॉक टेस्ट भी दिए गए हैं, ताकि वे परीक्षा जैसे माहौल में खुद को परख सकें।

विषयवार प्रशिक्षण, 25 फरवरी से दूसरा चरण

पोर्टल पर भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, अर्थशास्त्र, लेखांकन, व्यवसाय अध्ययन और राजनीति विज्ञान जैसे विषयों के लिए सामग्री उपलब्ध है।

दूसरे चरण की शुरुआत 25 फरवरी से होगी, जिसमें अंग्रेजी, तर्कशक्ति (रीजनिंग) और सामान्य ज्ञान का प्रशिक्षण जोड़ा जाएगा। इससे छात्रों को विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में व्यापक सहायता मिलने की उम्मीद है।

स्कूलों को जागरूकता बढ़ाने के निर्देश

सभी पात्र छात्रों तक योजना की जानकारी पहुंचे, इसके लिए स्कूलों को अभिभावक-शिक्षक संघों और अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।

कक्षा 11 और 12 के छात्र अपने स्कूल द्वारा दिए गए लॉगिन विवरण के जरिए www.entrance.kite.kerala.gov.in  पोर्टल पर सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। छात्र का उच्च माध्यमिक या व्यावसायिक उच्च माध्यमिक आवेदन क्रमांक ही उसका यूजर आईडी होगा। पासवर्ड प्रधानाचार्य या नोडल शिक्षक द्वारा जारी किया जाएगा।

डिजिटल संसाधन और ऑफलाइन सहायता

पोर्टल पर उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका और वीडियो ट्यूटोरियल भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि छात्र आसानी से प्रणाली का उपयोग कर सकें।

KITE VICTERS चैनल पर प्रसारित कक्षाओं के अलावा छात्र KITE VICTERS के आधिकारिक यूट्यूब चैनल के माध्यम से भी सत्र कभी भी देख सकते हैं।

जिन छात्रों के पास व्यक्तिगत डिजिटल उपकरण या इंटरनेट सुविधा नहीं है, उनके लिए प्रधानाचार्यों को स्कूल परिसर में आवश्यक डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल सरकारी स्कूलों के छात्रों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में समान अवसर देने की दिशा में अहम कदम है। तकनीक के माध्यम से व्यक्तिगत मार्गदर्शन मिलने से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्रों को विशेष लाभ मिल सकता है।

Asmita Sarkar

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