
संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में इस साल भी दिल्ली स्थित Jamia Millia Islamia के छात्रों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। Union Public Service Commission (UPSC) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में विश्वविद्यालय की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी (RCA) से जुड़े 38 से अधिक अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है।
यह अकादमी जामिया के सेंटर फॉर कोचिंग एंड करियर प्लानिंग के तहत संचालित होती है और लंबे समय से सिविल सेवा की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रशिक्षण और शैक्षणिक सहयोग प्रदान करती रही है।
टॉप-50 में चार अभ्यर्थियों की जगह
इस वर्ष के परिणाम में अकादमी के चार अभ्यर्थियों ने अखिल भारतीय रैंकिंग के टॉप-50 में जगह बनाई है। इन उम्मीदवारों ने क्रमशः ऑल इंडिया रैंक 7, 14, 24 और 29 हासिल कर न केवल व्यक्तिगत सफलता दर्ज की, बल्कि संस्थान की प्रतिष्ठा भी बढ़ाई।
सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन अंतिम चयन बहुत सीमित संख्या में ही हो पाता है। ऐसे में किसी एक संस्थान से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का सफल होना उल्लेखनीय माना जाता है।
सफल उम्मीदवारों में 15 महिला अभ्यर्थी
इस वर्ष अकादमी से सफल हुए उम्मीदवारों में 15 महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं। इन सभी का चयन विभिन्न अखिल भारतीय और केंद्रीय सेवाओं के लिए हुआ है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सिविल सेवा जैसी कठिन परीक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सफलता देश की बदलती शैक्षणिक और सामाजिक तस्वीर को भी दर्शाती है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति मजहर आसिफ (Mazhar Asif) और रजिस्ट्रार मोहम्मद महताब आलम रिजवी (Mohammad Mahtab Alam Rizvi) ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी।
कुलपति प्रो. मजहर आसिफ ने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उनके अनुसार यह सफलता छात्रों की मेहनत, धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि जामिया का उद्देश्य ऐसे छात्रों को अवसर देना है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
वहीं रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का सफल होना विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। खासकर महिला अभ्यर्थियों की सफलता को उन्होंने प्रेरणादायक बताया और कहा कि इससे आने वाले उम्मीदवारों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
शिक्षकों और प्रशासन के प्रयासों की भी सराहना
रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी की प्रभारी समीना बानो (Sameena Bano) ने भी परिणाम पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छात्रों की मेहनत और विश्वविद्यालय प्रशासन के निरंतर सहयोग का परिणाम है।
उन्होंने यह भी कहा कि अकादमी का उद्देश्य प्रतिभाशाली और जरूरतमंद छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि वे देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि जामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी पिछले कई वर्षों से सिविल सेवा परीक्षा में लगातार अच्छे परिणाम दे रही है। इस साल का प्रदर्शन एक बार फिर इस बात का संकेत है कि सही मार्गदर्शन और समर्पित मेहनत से कठिन से कठिन परीक्षा में भी सफलता हासिल की जा सकती है।




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