
स्कूल शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम और किताबों के क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। परिषद के अनुसार कक्षा 10 और कक्षा 11 के लिए नई पाठ्यपुस्तकें सत्र 2027-28 से लागू की जाएंगी। यानी सत्र 2026-27 में इन कक्षाओं के छात्र अभी पुरानी किताबों से ही पढ़ाई जारी रखेंगे।
एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया है कि बदलाव एक साथ नहीं, बल्कि चरणबद्ध तरीके से लागू किए जा रहे हैं, ताकि स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों को नई व्यवस्था अपनाने में परेशानी न हो। इसी क्रम में कक्षा 1 से 8 तक की नई किताबें पहले ही तैयार की जा चुकी हैं। ये पुस्तकें प्रिंट के साथ-साथ डिजिटल फॉर्मेट में भी उपलब्ध हैं, जिससे छात्रों को पढ़ाई के आधुनिक साधन मिल सकें।
नई किताबें राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 (NCF 2023) के आधार पर विकसित की गई हैं। इसका मकसद पढ़ाई को रटने की बजाय समझ-आधारित, व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित बनाना है। नई रूपरेखा में कौशल विकास, अनुभव आधारित शिक्षा और स्थानीय संदर्भों को भी महत्व दिया गया है, ताकि बच्चे पढ़ाई को जीवन से जोड़कर समझ सकें।
वहीं कक्षा 9 के छात्रों के लिए नया सिलेबस सत्र 2026-27 से लागू किया जाएगा। एनसीईआरटी ने इसका ड्राफ्ट पहले ही जारी कर दिया है और शिक्षकों व विषय विशेषज्ञों से सुझाव मांगे हैं। सुझावों के आधार पर अंतिम पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा।
परिषद ने स्कूलों और शिक्षकों से अपील की है कि वे समय रहते नई व्यवस्था के अनुसार तैयारी शुरू करें। पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धति और मूल्यांकन प्रणाली में होने वाले बदलावों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण और संसाधनों की व्यवस्था करना जरूरी बताया गया है।
नई शिक्षा नीति के तहत हो रहे ये बदलाव आने वाले वर्षों में स्कूल शिक्षा की दिशा तय करेंगे। सरकार और शिक्षा संस्थानों की कोशिश है कि पढ़ाई को ज्यादा उपयोगी, सरल और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाया जाए।




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