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युवा सशक्तीकरण से लेकर नई शिक्षा परियोजनाओं तक, यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले

युवा सशक्तीकरण से लेकर नई शिक्षा परियोजनाओं तक, यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले

युवा सशक्तीकरण से लेकर नई शिक्षा परियोजनाओं तक, यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले

उत्तर प्रदेश सरकार ने युवा सशक्तीकरण, उच्च शिक्षा और वानिकी अनुसंधान को मजबूत करने के लिए कई अहम निर्णय लिए हैं। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत प्रदेश के 25 लाख छात्र-छात्राओं को मुफ्त टैबलेट देने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना में 2000 करोड़ रुपये का बजट रखा है, जबकि 25 लाख टैबलेट की खरीद पर कुल व्यय करीब 3000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। प्रति टैबलेट कीमत लगभग 12 हजार रुपये तय की गई है।

औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी के अनुसार यह टैबलेट स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, आईटीआई, तकनीकी, स्वास्थ्य शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़े विद्यार्थियों व प्रशिक्षुओं को दिए जाएंगे। इसका पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। सेवामित्र पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं को भी इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि 2021-22 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 60 लाख से अधिक युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए जा चुके हैं।

गोरखपुर में उत्तर भारत का पहला वानिकी विश्वविद्यालय

कैबिनेट ने गोरखपुर के कैम्पियरगंज में उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी है। लगभग 491 करोड़ रुपये की लागत से करीब 50 हेक्टेयर भूमि पर बनने वाला यह संस्थान उत्तर भारत का पहला और देश का दूसरा वानिकी विश्वविद्यालय होगा। इसके लिए “उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय अध्यादेश-2026” को स्वीकृति मिल चुकी है और बजट में 50 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

यह विश्वविद्यालय वानिकी, औद्यानिकी, वन्य जीव संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, एग्रोफॉरेस्ट्री, फल और बागवानी जैसे विषयों में बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित करेगा। विश्वविद्यालय स्थल के पास ही दुनिया का पहला राजगिद्ध (जटायु) संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र भी स्थित है। गोरखपुर के प्रभागीय वनाधिकारी विकास यादव के अनुसार मंजूरी के बाद अब शिलान्यास की तैयारी तेज कर दी गई है।

शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी

प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्रों और 24 हजार अंशकालिक अनुदेशकों को नौ साल बाद बड़ी राहत मिली है। शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह और अंशकालिक अनुदेशकों का 9 हजार से बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। यह संशोधन 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और मई 2026 के भुगतान में बढ़ी हुई राशि मिलेगी। इस पर कुल 1475 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ राज्य सरकार वहन करेगी।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

कैबिनेट की बैठक में कई अन्य परियोजनाओं को भी स्वीकृति मिली। ग्रेटर नोएडा में निजी क्षेत्र के तहत मेट्रो विश्वविद्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। वहीं बलिया में 437 करोड़ रुपये की लागत से नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना का रास्ता भी साफ हो गया है।

इन फैसलों से प्रदेश में डिजिटल शिक्षा, अनुसंधान, स्वास्थ्य सुविधाओं और कौशल विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

Asmita Sarkar

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