
देशभर में इस समय बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे और नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत का दौर चल रहा है। कई राज्यों में रिजल्ट जारी हो चुके हैं और स्कूलों में नई कक्षाएं शुरू हो गई हैं, जबकि कुछ राज्यों में परिणाम अभी आना बाकी है। इसी बीच अप्रैल के अंत से मई के मध्य तक शुरू होने वाली गर्मियों की छुट्टियों को लेकर भी तैयारियां तेज हो गई हैं।
आम तौर पर कई राज्यों में समर वेकेशन के दौरान छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं यानी स्पेशल क्लासेस आयोजित करने का चलन है, ताकि पढ़ाई की निरंतरता बनी रहे। लेकिन केरल में इस बार सरकार ने इस पर सख्त रुख अपनाया है।
राज्य के शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने साफ कहा है कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान किसी भी स्कूल में स्पेशल क्लासेस आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कोई संस्थान इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य में छात्रों की गर्मी की छुट्टियां मार्च के आखिरी कार्य दिवस से शुरू होकर मई तक चलती हैं और इस दौरान सभी स्कूलों को नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों को छुट्टियों में स्कूल बुलाना उनके अधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा।
सरकार का यह फैसला केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। मंत्री के मुताबिक, राज्य में बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्कूल का माहौल बच्चों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह मजदूरों के काम के घंटों में बदलाव किया गया है, उसी तरह बच्चों को भी इस मौसम में आराम और सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है।
मंत्री ने चाइल्ड राइट्स से जुड़े निर्देशों और अदालतों के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी संस्था को बच्चों की छुट्टियों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।
यह आदेश राज्य के सभी स्कूलों पर लागू होगा, जिसमें सरकारी, एडेड, Central Board of Secondary Education (CBSE) और Indian Certificate of Secondary Education (ICSE) से जुड़े स्कूल भी शामिल हैं। शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला छात्रों की शारीरिक और मानसिक सेहत को प्राथमिकता देने की दिशा में एक अहम कदम है, खासकर ऐसे समय में जब गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है।




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