
शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) ने ‘युवा संगम’ कार्यक्रम के फेज-6 की शुरुआत कर दी है। यह देशव्यापी यूथ एक्सचेंज पहल छात्रों और युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ और अनुभव आधारित सीखने को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, कार्यक्रम के नए चरण में अब तक 1.26 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन दर्ज किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत अंतरराज्यीय शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों में युवाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों और कैंपस से बाहर के युवाओं को देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की संस्कृति, परंपराओं, तकनीकी विकास और सामाजिक जीवन को करीब से समझने का अवसर मिलता है।
IIT और IIM जैसे संस्थान बने मेजबान
युवा संगम फेज-6 में 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की जोड़ी बनाई गई है। कार्यक्रम में देश के कई प्रतिष्ठित संस्थान मेजबान की भूमिका निभा रहे हैं। इनमें Indian Institute of Technology Delhi, Indian Institute of Management Ahmedabad, National Institute of Technology Rourkela और Indian Institute of Management Kozhikode शामिल हैं।
अनुभव आधारित शिक्षा और सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर
यह कार्यक्रम पांच प्रमुख विषयों पर आधारित है — पर्यटन, परंपरा, प्रगति, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव। मंत्रालय का कहना है कि यह पहल नई शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसमें अनुभव आधारित शिक्षा, सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
फेज-6 के तहत एक्सचेंज टूर भी शुरू हो चुके हैं। राजस्थान से 50 से अधिक प्रतिभागियों का एक दल कर्नाटक पहुंचा। इस यात्रा की शुरुआत Malaviya National Institute of Technology Jaipur से हुई और समापन Indian Institute of Information Technology Dharwad में होगा।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने Thaawarchand Gehlot से भी मुलाकात की। उन्होंने युवाओं को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समझ को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
इसी दौरान केरल से एक अन्य दल ने Indian Institute of Management Jammu के माध्यम से जम्मू-कश्मीर का एक्सचेंज दौरा शुरू किया।
ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी भागीदारी
कार्यक्रम के तहत छात्रों ने शैक्षणिक चर्चाओं, संस्थागत भ्रमण, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामुदायिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इन गतिविधियों का उद्देश्य क्षेत्रीय विविधताओं को समझना और साझा राष्ट्रीय मूल्यों को मजबूत करना है।
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, रजिस्ट्रेशन कराने वाले करीब 95 प्रतिशत प्रतिभागियों की उम्र 25 वर्ष से कम है। वहीं कुल पंजीकरण में महिलाओं की भागीदारी 51.05 प्रतिशत रही है।
ग्रामीण भारत से भी इस कार्यक्रम को अच्छा समर्थन मिला है। मंत्रालय के अनुसार, कुल रजिस्ट्रेशन में 54.7 प्रतिशत हिस्सेदारी ग्रामीण क्षेत्रों से आई है। युवा संगम फेज-6 के तहत अन्य एक्सचेंज दौरे मई और जून 2026 के दौरान जारी रहेंगे।




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