
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को लेकर पिछले कुछ दिनों में हुए घटनाक्रम ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बाद केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर लगातार सवाल उठ रहे थे। इसी बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई अहम घोषणाएं कीं और माना कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं।
इस पूरे विवाद के बाद अब NEET-UG परीक्षा प्रणाली में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और छात्र हित में बनाना है।
3 मई की परीक्षा रद्द, अब 21 जून को होगी पुनर्परीक्षा
NEET-UG परीक्षा पहले 3 मई को आयोजित की गई थी। हालांकि परीक्षा के कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म पर यह दावा किया गया कि कथित गेस पेपर में मौजूद सवाल ही मुख्य परीक्षा में पूछे गए थे।
मामला सामने आने के बाद 8 मई से जांच शुरू हुई और शुरुआती जांच के आधार पर 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। अब NTA ने पुनर्परीक्षा की नई तारीख 21 जून घोषित की है।
सरकार का कहना है कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द निष्पक्ष परीक्षा आयोजित कराई जाएगी।
छात्रों को मिलेगा 15 मिनट अतिरिक्त समय
पिछले वर्षों में कई छात्रों ने शिकायत की थी कि OMR शीट पर हस्ताक्षर और अन्य औपचारिकताओं में काफी समय चला जाता है, जिससे परीक्षा प्रभावित होती है।
इसी को देखते हुए इस बार परीक्षा अवधि में 15 मिनट की अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई है। अब छात्रों को कुल 3 घंटे 15 मिनट का समय मिलेगा।
21 जून को होने वाली परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी।
अब पसंद का शहर चुन सकेंगे छात्र
री-एग्जाम में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र चुनने में बड़ी राहत दी गई है। NTA एक विशेष विंडो खोलेगा, जिसके जरिए छात्र अपनी सुविधा के अनुसार शहर या परीक्षा केंद्र चुन सकेंगे।
सरकार का कहना है कि मानसून और यात्रा संबंधी दिक्कतों को देखते हुए छात्रों को कम से कम दूरी तय करनी पड़े, इसी उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
14 जून तक जारी होंगे एडमिट कार्ड
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जानकारी दी है कि पुनर्परीक्षा के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।
री-एग्जाम के लिए नहीं देनी होगी कोई फीस
परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार ने पुनर्परीक्षा पूरी तरह निशुल्क रखने का फैसला किया है।
21 जून को होने वाली परीक्षा के लिए छात्रों से किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
मौसम को देखते हुए लिए जाएंगे जरूरी फैसले
शिक्षा मंत्री ने कहा कि जून के महीने में कई राज्यों में मानसून सक्रिय रहेगा। ऐसे में परीक्षा के दौरान मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि अगर किसी क्षेत्र में मौसम बेहद खराब रहा, तो परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक निर्णय लिया जाएगा ताकि छात्रों को परेशानी न हो।
अगले साल से ऑनलाइन होगी NEET परीक्षा
इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा बदलाव परीक्षा के प्रारूप को लेकर सामने आया है। सरकार ने घोषणा की है कि अगले साल से NEET-UG परीक्षा पूरी तरह ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी।
अब तक परीक्षा पेन-पेपर और OMR शीट आधारित प्रणाली से होती थी, लेकिन सरकार का मानना है कि इसी व्यवस्था के कारण पेपर लीक और धांधली की घटनाओं की संभावना बढ़ती रही।
नई व्यवस्था के तहत परीक्षा Computer Based Test (CBT) मोड में कराई जाएगी। माना जा रहा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुरक्षित होगी।
NTA में सुधार और साइबर सुरक्षा पर जोर
शिक्षा मंत्री ने माना कि मौजूदा समय में NTA के कामकाज में बड़े सुधार की जरूरत है। वर्तमान में एजेंसी करीब 1 करोड़ छात्रों की विभिन्न परीक्षाएं आयोजित कराती है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और साइबर माध्यमों से होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए तकनीकी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
सरकार अब साइबर सुरक्षा, डेटा मॉनिटरिंग और डिजिटल निगरानी को लेकर नई रणनीति पर काम कर रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
CBI करेगी जांच, शिक्षा माफियाओं को चेतावनी
पूरे मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों, पेपर लीक और संबंधित नेटवर्क की जांच करेगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि इससे पहले राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों को लागू किया गया था, लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाएं होना गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने परीक्षा माफियाओं और गड़बड़ी करने वालों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि 21 जून को होने वाली परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं ये बदलाव?
NEET-UG केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि लाखों मेडिकल छात्रों के करियर का आधार है। ऐसे में परीक्षा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन परीक्षा, अतिरिक्त समय, मुफ्त री-एग्जाम और बेहतर साइबर सुरक्षा जैसे कदम भविष्य में परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत बना सकते हैं। हालांकि छात्रों और अभिभावकों की नजर अब 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा और उसकी निष्पक्षता पर बनी हुई है।




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