
देश में परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जारी बहस के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नीट और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आए कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के मामलों ने लाखों युवाओं और उनके परिवारों के विश्वास को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
गुरुवार को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि देश इस समय महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा विवादों और सामाजिक असमानता जैसी कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उनके अनुसार, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे युवाओं के भविष्य पर सीधा असर डाल रहे हैं, इसलिए इन पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
खड़गे ने कहा कि नीट और अन्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने छात्रों के बीच असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल पैदा किया है। उनका कहना था कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों ने युवाओं के मन में व्यवस्था की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने इस दौरान पार्टी नेता राहुल गांधी की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने परीक्षा विवादों से प्रभावित छात्रों और युवाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया है और उनकी आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए खड़गे ने आरोप लगाया कि वर्षों में विकसित हुई शिक्षा संस्थाओं और व्यवस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है ताकि छात्रों का भरोसा कायम रह सके। उनके अनुसार, युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है।
गौरतलब है कि इन मुद्दों पर चर्चा के लिए कांग्रेस ने गुरुवार को पार्टी के महासचिवों, प्रभारियों और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक बुलाई थी। बैठक में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालात के साथ-साथ शिक्षा, युवाओं और परीक्षा प्रणाली से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कांग्रेस लंबे समय से नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार को घेरती रही है। वहीं, INDIA गठबंधन के कई नेताओं ने भी हाल के महीनों में परीक्षा प्रबंधन और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए युवाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर जारी बहस के बीच विपक्ष लगातार परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है। ऐसे में शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में भी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में बने रहने की संभावना है।




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