
नीट यूजी री-एग्जाम 2026 को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने परीक्षा से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है, ताकि री-एग्जाम निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित किया जा सके।
NTA ने iGOT कर्मयोगी भारत प्लेटफॉर्म पर ‘परीक्षा कर्मयोगी: परीक्षा अधिकारियों के लिए क्षमता-निर्माण कार्यक्रम’ लॉन्च किया है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से ऑफलाइन, पेन-और-पेपर आधारित परीक्षाओं का संचालन करने वाले अधिकारियों, सेंटर सुपरिटेंडेंट और इनविजिलेटर्स (निरीक्षकों) के लिए तैयार किया गया है।
क्या है iGOT कर्मयोगी भारत?
iGOT कर्मयोगी भारत, भारत सरकार का डिजिटल लर्निंग और क्षमता-विकास मंच है, जिसे मिशन कर्मयोगी के तहत विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को आधुनिक, तकनीक-आधारित और कौशल-केंद्रित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
NTA ने इसी प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए परीक्षा अधिकारियों के लिए यह विशेष कोर्स तैयार किया है, जिससे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के संचालन में एक समान मानक स्थापित किए जा सकें।
प्रशिक्षण में क्या सिखाया जाएगा?
‘परीक्षा कर्मयोगी’ कार्यक्रम को चार प्रमुख मॉड्यूल में विभाजित किया गया है।
पहला मॉड्यूल: भूमिका और जिम्मेदारियां
- परीक्षा अधिकारियों की मुख्य जिम्मेदारियों की जानकारी।
- परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के महत्व पर जोर।
दूसरा मॉड्यूल: परीक्षा से पहले की तैयारी
- परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारी।
- स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स (SOPs) और नियमों का पालन सुनिश्चित करना।
तीसरा मॉड्यूल: परीक्षा के दिन की प्रक्रिया
- परीक्षा शुरू होने से पहले की व्यवस्थाएं।
- प्रश्नपत्र वितरण और परीक्षा प्रारंभ की प्रक्रिया।
- परीक्षा के दौरान निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन।
- परीक्षा समाप्त होने के बाद की औपचारिकताएं।
चौथा मॉड्यूल: क्विक रेफरेंस गाइड
- मुख्य निर्देशों और जिम्मेदारियों का संक्षिप्त सार।
- आसान पुनरावलोकन (रिवीजन) के लिए तैयार सामग्री।
किन अधिकारियों के लिए है यह कार्यक्रम?
यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से सेंटर सुपरिटेंडेंट, इनविजिलेटर और अन्य परीक्षा अधिकारियों के लिए है, जो NEET (UG) सहित NTA की विभिन्न परीक्षाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कोर्स ऑनलाइन उपलब्ध होगा और अधिकारी अपनी सुविधा के अनुसार इसे पूरा कर सकेंगे। प्रशिक्षण के अंत में असेसमेंट आधारित प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) भी दिया जाएगा।
परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने की कोशिश
NTA का कहना है कि बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रशिक्षित परीक्षा कर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। तकनीक-आधारित प्रशिक्षण और प्रमाणन के माध्यम से एजेंसी परीक्षा संचालन में जवाबदेही बढ़ाने, नियमों के पालन को सुनिश्चित करने और पूरे परीक्षा तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं के संचालन को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने में मदद करेंगे तथा छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा मजबूत करेंगे।




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