
हरियाणा सरकार ने योग को शिक्षा और सरकारी भर्ती प्रक्रिया का अहम हिस्सा बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि अब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की सभी भर्ती परीक्षाओं में योग से जुड़े प्रश्न शामिल किए जाएंगे। इस फैसले का उद्देश्य युवाओं में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना है।
इस घोषणा के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अब सामान्य अध्ययन के साथ-साथ योग से जुड़े विषयों की भी तैयारी करनी होगी। सरकार का मानना है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और मानसिक संतुलन का महत्वपूर्ण आधार है।
HSSC और HPSC परीक्षाओं में बढ़ेगा योग का महत्व
राज्य सरकार के अनुसार, HSSC और HPSC की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में योग से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। इससे उम्मीदवारों की योग के मूल सिद्धांतों, इसके महत्व और भारतीय परंपरा से जुड़े ज्ञान की भी परीक्षा होगी।
सरकार का कहना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के तहत इसे सरकारी भर्ती परीक्षाओं का हिस्सा बनाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक युवा योग के प्रति जागरूक हों।
मोरनी में बनेगा राज्य स्तरीय प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग संस्थान
योग शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पंचकूला जिले के मोरनी क्षेत्र में राज्य स्तरीय प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग संस्थान स्थापित करने की घोषणा भी की है।
यह संस्थान योग, प्राकृतिक चिकित्सा, वेलनेस एजुकेशन और रिसर्च का प्रमुख केंद्र होगा। यहां विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों को आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रशिक्षण और अध्ययन का अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह संस्थान हरियाणा में योग आधारित शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देगा।
यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में भी शामिल होगा योग
हरियाणा सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य की विभिन्न यूनिवर्सिटीज में स्थापित किए जा रहे पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में योग को एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में शामिल किया जाएगा।
इन केंद्रों के माध्यम से योग शिक्षा, प्रशिक्षण, रिसर्च और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे उच्च शिक्षा संस्थानों में योग आधारित अध्ययन को मजबूती मिलेगी और विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मुख्यमंत्री ने कही यह बात
सिरसा जिले में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे ऋषि-मुनियों ने पूरी मानवता के कल्याण के लिए विकसित किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली और आज दुनिया के अधिकांश देशों में लोग योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री की पहल पर वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। उस प्रस्ताव का 177 देशों ने समर्थन किया था, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। आज योग पूरी दुनिया में बेहतर स्वास्थ्य, मानसिक शांति और संतुलित जीवन का प्रभावी माध्यम माना जा रहा है।
प्रतियोगी छात्रों के लिए क्या है इसका मतलब?
हरियाणा सरकार के इस फैसले का सीधा असर HSSC और HPSC की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों पर पड़ेगा। आने वाले समय में उम्मीदवारों को योग के इतिहास, मूल सिद्धांतों, प्रमुख आसनों, प्राणायाम, योग दर्शन, स्वास्थ्य लाभ और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों की भी तैयारी करनी होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं के नए पैटर्न को देखते हुए अभ्यर्थियों को अब अपने अध्ययन में योग से जुड़े विषयों को भी शामिल कर लेना चाहिए, ताकि परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।




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