
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए बोर्ड परीक्षा पंजीकरण प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब राज्य के किसी भी छात्र का हाईस्कूल या इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन तभी स्वीकार किया जाएगा, जब उसके पास APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) ID होगी। इसके साथ ही स्कूल का UDISE कोड दर्ज करना भी अनिवार्य होगा।
समिति के इस फैसले का उद्देश्य छात्रों का एकीकृत शैक्षणिक रिकॉर्ड तैयार करना और राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा प्रणाली को डिजिटल बनाना है।
30 जून 2026 तक बनवानी होगी APAAR ID
बिहार बोर्ड के सचिव ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए निर्देश में कहा है कि शिक्षा विभाग और भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार 9वीं से 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों की APAAR ID 30 जून 2026 तक हर हाल में तैयार कर ली जाए।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद बिना APAAR ID वाले छात्रों का परीक्षा पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए सभी स्कूलों को इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है APAAR ID और क्यों है जरूरी?
APAAR ID, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ पहल का हिस्सा है। यह प्रत्येक छात्र को मिलने वाली एक स्थायी डिजिटल अकादमिक पहचान है, जिसमें उसकी पढ़ाई, परीक्षा, प्रमाणपत्र और अन्य शैक्षणिक उपलब्धियों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाता है।
इस आईडी के जरिए छात्र का शैक्षणिक डेटा डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा, जिससे भविष्य में स्कूल बदलने, उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने या सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया अधिक आसान हो सकेगी।
UDISE कोड दर्ज करना भी होगा अनिवार्य
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा पंजीकरण के दौरान संबंधित विद्यालय का UDISE (Unified District Information System for Education) कोड भी अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा। इससे छात्र का रिकॉर्ड उसके स्कूल से सही तरीके से जुड़ा रहेगा और पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश
राज्य शिक्षा परियोजना परिषद पहले ही सभी जिलों को निर्देश दे चुकी थी कि बोर्ड परीक्षा पंजीकरण शुरू होने से पहले 9वीं से 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों की APAAR ID तैयार कर ली जाए। अब बिहार बोर्ड ने भी इसे अनिवार्य बनाते हुए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूलों को समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए हैं।
छात्रों और अभिभावकों को क्या करना चाहिए?
यदि किसी छात्र की APAAR ID अभी तक नहीं बनी है, तो उसे अपने स्कूल से तुरंत संपर्क करना चाहिए। स्कूल प्रशासन आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर APAAR ID बनाने की प्रक्रिया पूरी करेगा। समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लेने से बोर्ड परीक्षा के पंजीकरण में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
APAAR ID को अनिवार्य बनाने का निर्णय शिक्षा व्यवस्था के डिजिटलीकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे छात्रों का शैक्षणिक रिकॉर्ड एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेगा और भविष्य में प्रमाणपत्र सत्यापन, प्रवेश प्रक्रिया तथा शैक्षणिक दस्तावेजों के प्रबंधन में सुविधा मिलेगी। ऐसे में बिहार बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए समय रहते APAAR ID बनवाना अब बेहद जरूरी हो गया है।




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