
UGC NET 2026 Controversy: देश की प्रमुख परीक्षा एजेंसी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार फिर विवादों में है। इस बार मामला 30 जून 2026 को आयोजित UGC NET Sociology परीक्षा से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक कथित PDF को लेकर दावा किया जा रहा है कि उसमें मौजूद कई प्रश्न वास्तविक परीक्षा के प्रश्नों से मिलते-जुलते थे। इन आरोपों के बाद अभ्यर्थियों ने परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हालांकि, अब तक NTA या शिक्षा मंत्रालय ने यह पुष्टि नहीं की है कि प्रश्नपत्र लीक हुआ था। फिलहाल वायरल PDF और उससे जुड़े दावों की सत्यता आधिकारिक रूप से प्रमाणित नहीं हुई है। इसलिए इस मामले को फिलहाल आरोप और जांच के दायरे में ही माना जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
अभ्यर्थियों और सोशल मीडिया पर साझा किए गए दावों के अनुसार, परीक्षा से पहले करीब 100 पन्नों की एक PDF कई प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुई थी। दावा किया गया कि यह सामान्य अध्ययन सामग्री नहीं, बल्कि प्रश्नपत्र तैयार करने से जुड़ा दस्तावेज था।
परीक्षा समाप्त होने के बाद कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि PDF में दिए गए लगभग 90 प्रश्न और उनके विकल्प वास्तविक Sociology पेपर से काफी हद तक मेल खाते हैं। कुछ पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि PDF का मेटाडेटा परीक्षा शुरू होने से पहले का था, जिससे संदेह और बढ़ गया।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और NTA ने अभी तक इन्हें सही या गलत नहीं बताया है।
कथित रूप से पेपर बेचने के भी लगे आरोप
सोशल मीडिया और कुछ छात्र संगठनों ने आरोप लगाया है कि कथित प्रश्नपत्र करीब 2.25 लाख रुपये में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित कुछ राज्यों में बेचा जा रहा था।
कुछ पोस्ट में यह दावा भी किया गया कि इसी नेटवर्क ने भविष्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं, जैसे CSIR-NET, HTET और अन्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भी दावा किया था।
इन आरोपों की भी फिलहाल किसी आधिकारिक एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।
राहुल गांधी ने उठाए सवाल
इस विवाद के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी मामले को लेकर केंद्र सरकार और NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यदि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र तैयार करने से जुड़ा दस्तावेज सार्वजनिक हुआ और उसके कई प्रश्न वास्तविक परीक्षा से मेल खाते हैं, तो यह अत्यंत गंभीर मामला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कथित प्रश्नपत्र कई राज्यों में लाखों रुपये में बेचा जा रहा था और लगातार परीक्षा विवादों के बावजूद छात्रों को जवाबदेही और न्याय नहीं मिल रहा।
उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
शिक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?
कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों को गंभीरता से लिया है और NTA से पूरे मामले की जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
हालांकि, मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि हुई है या नहीं।
NTA की साख पर फिर उठे सवाल
पिछले कुछ वर्षों में NTA द्वारा आयोजित कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं विवादों में रही हैं। खासकर NEET UG 2024 से जुड़े पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन के मुद्दों के बाद परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर व्यापक बहस हुई थी।
ऐसे में UGC NET 2026 को लेकर सामने आए नए आरोपों ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता पर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी होगा।
अभ्यर्थियों को क्या करना चाहिए?
फिलहाल UGC NET Sociology परीक्षा को रद्द करने या दोबारा आयोजित करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल NTA और शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपुष्ट दावों से सावधान रहें।
यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो आगे की कार्रवाई और निर्णय संबंधित प्राधिकरण द्वारा घोषित किए जाएंगे।




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