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Who is Prahlad Joshi? Education Qualification, Political Career and New Role as Acting Education Minister

कौन हैं नए कार्यवाहक शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी? जानें पढ़ाई, राजनीतिक सफर और अब तक की जिम्मेदारियां 

Who is Prahlad Joshi? Education Qualification, Political Career and New Role as Acting Education Minister

Prahlad Joshi Education Qualification: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। अब वे उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।

इस फैसले के बाद प्रह्लाद जोशी एक बार फिर चर्चा में हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि उनका राजनीतिक सफर, शैक्षणिक योग्यता और अब तक की जिम्मेदारियां क्या रही हैं।

साधारण परिवार से शुरू हुआ सफर

प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा (तत्कालीन बीजापुर) में हुआ था। उनके पिता वेंकटेश जोशी भारतीय रेलवे में कार्यरत थे, जबकि उनकी माता का नाम मालतीबाई था।

साधारण परिवार में पले-बढ़े प्रह्लाद जोशी ने छात्र जीवन से ही सामाजिक गतिविधियों और जनहित के मुद्दों में रुचि दिखाई। बाद में उन्होंने सामाजिक कार्यों के साथ एक छोटे उद्योग की भी शुरुआत की और फिर सक्रिय राजनीति में कदम रखा।

क्या है प्रह्लाद जोशी की शैक्षणिक योग्यता?

प्रह्लाद जोशी की शुरुआती शिक्षा रेलवे स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने न्यू इंग्लिश स्कूल, हुबली से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की।

उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड़ से संबद्ध के.एस. आर्ट्स कॉलेज, हुबली में प्रवेश लिया, जहां से उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी।

लंबे समय से सक्रिय हैं राष्ट्रीय राजनीति में

प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वे लंबे समय से कर्नाटक की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय रहे हैं। वे धारवाड़ लोकसभा सीट से कई बार सांसद चुने जा चुके हैं और संगठन में भी विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

राजनीतिक अनुभव और संसदीय कार्यों की समझ के कारण उन्हें केंद्र सरकार में लगातार अहम भूमिकाएं मिलती रही हैं।

केंद्र सरकार में संभाल चुके हैं कई महत्वपूर्ण मंत्रालय

प्रह्लाद जोशी ने 30 मई 2019 को पहली बार केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में उन्हें संसदीय कार्य मंत्रालय, कोयला मंत्रालय और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

इसके बाद तीसरे कार्यकाल में उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का दायित्व दिया गया। अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद उनके पास केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी है।

शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी क्यों अहम मानी जा रही है?

शिक्षा मंत्रालय इस समय कई बड़े मुद्दों पर काम कर रहा है। नई शिक्षा नीति (NEP), राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में सुधार, डिजिटल शिक्षा, उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता जैसे विषय मंत्रालय की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

हाल के महीनों में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं और परीक्षा सुधारों को लेकर हुई चर्चाओं के बीच शिक्षा मंत्रालय की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में प्रह्लाद जोशी के सामने मंत्रालय की मौजूदा योजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ लंबित सुधारों को गति देने की भी चुनौती होगी।

क्या स्थायी शिक्षा मंत्री की नियुक्ति होगी?

फिलहाल प्रह्लाद जोशी को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसका अर्थ है कि वे अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार भी संभालेंगे। भविष्य में केंद्र सरकार इस मंत्रालय के लिए स्थायी मंत्री नियुक्त करती है या अतिरिक्त प्रभार जारी रहता है, इस पर अंतिम फैसला सरकार की ओर से लिया जाएगा।

 

 

Asmita Sarkar

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