Edinbox Hindi
Uproar over alleged BAMS exam paper leak at Gujarat Ayurveda University; AAP and Congress target the government

Gujarat Ayurveda University में BAMS परीक्षा के पेपर लीक के आरोप से मचा बवाल, AAP और कांग्रेस ने सरकार को घेरा

Uproar over alleged BAMS exam paper leak at Gujarat Ayurveda University; AAP and Congress target the government

Gujarat Ayurveda University Paper Leak: देश में प्रतियोगी और विश्वविद्यालय परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। NEET UG विवाद के बाद अब गुजरात के जामनगर स्थित गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय में बीएएमएस (BAMS) परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आए हैं। इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा पर सवाल उठाए हैं। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि फिलहाल पेपर लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

क्या है गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय का मामला?

आरोपों के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को आयोजित बीएएमएस तृतीय वर्ष की ‘शल्य तंत्र-1’ परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र के सवाल व्हाट्सएप पर वायरल हो गए थे।

दावा किया गया है कि परीक्षा में पूछे गए 12 प्रश्नों में से 11 प्रश्न वही थे, जो पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए थे। हालांकि, इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

यह मामला सामने आने के बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ गई और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे।

विश्वविद्यालय ने क्या कहा?

विवाद बढ़ने के बाद गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय के प्रभारी परीक्षा निदेशक एच.पी. झाला ने कहा कि 20 जुलाई की सुबह परीक्षा सामान्य रूप से संपन्न हुई थी। बाद में शाम के समय सोशल मीडिया पर प्रश्न वायरल होने की जानकारी मिली।

उन्होंने बताया कि कुलपति (Vice-Chancellor) को मामले की सूचना देने के बाद तत्काल एक विशेष जांच समिति (Special Investigation Committee) गठित कर दी गई है।

विश्वविद्यालय का कहना है कि जांच पूरी होने तक पेपर लीक की पुष्टि नहीं की जा सकती। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल 20 से 25 संबद्ध कॉलेजों में होने वाली शेष परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी।

संजय सिंह ने लगाए गंभीर आरोप

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने दावा किया कि देश में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं के पीछे प्रभावी कार्रवाई की कमी है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, वहां ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ निजी कंपनियों के सत्ता से संबंध होने के कारण दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती।

हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कांग्रेस ने भी सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इस मामले को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना की।

उन्होंने दावा किया कि 2014 से 2024 के बीच गुजरात में कई भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उन्होंने जीपीएससी, तलाटी, टीएटी, जूनियर क्लर्क, फॉरेस्ट गार्ड, हेड क्लर्क और अन्य परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत है।

जयराम रमेश ने यह भी कहा कि केवल फास्ट ट्रैक अदालतें बनाना पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए व्यापक सुधार आवश्यक हैं।

जांच रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी तस्वीर

फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि विश्वविद्यालय ने अभी तक पेपर लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच समिति मामले की पड़ताल कर रही है और उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रश्नपत्र वास्तव में परीक्षा से पहले लीक हुआ था या नहीं।

जांच पूरी होने तक वायरल दावों और राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

क्यों अहम है यह मामला?

हाल के वर्षों में कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे मामलों का असर लाखों छात्रों के भविष्य पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी सुरक्षा, मजबूत निगरानी व्यवस्था और समयबद्ध जांच के माध्यम से ही परीक्षा प्रणाली पर छात्रों का भरोसा मजबूत किया जा सकता है।

 

 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed