
असम में हाल ही में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित छात्रों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। बाढ़ के दौरान जिन छात्रों के शैक्षणिक दस्तावेज खो गए या क्षतिग्रस्त हो गए हैं, वे अब उनकी डुप्लीकेट प्रतियां बिना किसी शुल्क के प्राप्त कर सकेंगे। खास बात यह है कि इसके लिए छात्रों को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की भी आवश्यकता नहीं होगी।
असम राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड (ASSEB) ने बाढ़ प्रभावित विद्यार्थियों के लिए यह विशेष राहत व्यवस्था लागू की है। इस पहल के तहत प्रभावित छात्र ऑनलाइन आवेदन कर एडमिट कार्ड, मार्कशीट, पास सर्टिफिकेट, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों की डुप्लीकेट कॉपी मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने की थी विशेष सहायता की घोषणा
यह निर्णय असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा बाढ़ प्रभावित छात्रों को विशेष सहायता देने की घोषणा के बाद लिया गया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि असम राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इस संबंध में आवश्यक अधिसूचना जारी कर दी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों को दस्तावेज खोने की स्थिति में पुलिस शिकायत दर्ज कराने की जरूरत नहीं होगी। इसके स्थान पर छात्र एक स्व-घोषणा पत्र (Self Declaration) जमा कर सकेंगे, जिसमें यह उल्लेख करना होगा कि उनके मूल प्रमाण पत्र बाढ़ के कारण खो गए हैं या क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
इन चार जिलों के छात्रों को मिलेगा लाभ
यह राहत योजना फिलहाल असम के चार सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित जिलों—चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट—के छात्रों के लिए लागू की गई है।
राज्य सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरी शैक्षणिक दस्तावेज खो जाने के कारण किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो और वे आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया जारी रख सकें।
ऑनलाइन आवेदन से मिलेंगे डुप्लीकेट दस्तावेज
ASSEB की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (HSLC), असम हाई मदरसा (AHM) और कक्षा 10 से संबंधित अन्य दस्तावेजों की डुप्लीकेट प्रतियों के लिए छात्र बोर्ड के ऑनलाइन सेवा पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
वहीं, उच्च माध्यमिक (HS) स्तर के दस्तावेजों की डुप्लीकेट कॉपी प्राप्त करने के लिए छात्रों को ASSEB के आधिकारिक हायर सेकेंडरी पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
प्रक्रिया को बनाया गया आसान
बाढ़ प्रभावित छात्रों को राहत देने के लिए बोर्ड ने आवेदन प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। सामान्य परिस्थितियों में डुप्लीकेट दस्तावेज जारी करने के लिए पुलिस रिपोर्ट जरूरी होती है, लेकिन इस विशेष व्यवस्था के तहत इसे अस्थायी रूप से हटा दिया गया है।
अब केवल स्व-घोषणा पत्र के आधार पर आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इससे दस्तावेज जारी करने की प्रक्रिया तेज होगी और छात्रों को अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
छात्रों की पढ़ाई और भविष्य को मिलेगी राहत
मार्कशीट, एडमिट कार्ड, पास सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति आवेदन और रोजगार से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में बाढ़ के कारण दस्तावेज खोने वाले छात्रों के लिए यह फैसला बड़ी राहत साबित हो सकता है।
आवेदन शुल्क और पुलिस रिपोर्ट की अनिवार्यता समाप्त कर राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि प्रभावित छात्र बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक या प्रशासनिक बोझ के अपनी शिक्षा जारी रख सकें।




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