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CJP Alleges Threats Over Delhi Meeting Venue, Raises Questions on Political Freedom and Event Permissions 

दिल्ली में CJP सम्मेलन को लेकर विवाद, हॉल बुकिंग रद्द होने के आरोप; भाजपा और पुलिस पर उठे सवाल

CJP Alleges Threats Over Delhi Meeting Venue, Raises Questions on Political Freedom and Event Permissions 

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित कार्यकर्ता सम्मेलन को लेकर नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि संगठन की बैठक के लिए बुक किए गए हॉल के मालिकों पर दबाव बनाया गया और उन्हें कथित तौर पर धमकियां दी गईं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही इस मामले पर भाजपा या दिल्ली पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब CJP अपने संगठनात्मक विस्तार और कार्यकर्ता नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली में कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित करने की तैयारी लंबे समय से चल रही थी, लेकिन उपयुक्त स्थान मिलने में लगातार मुश्किलें आ रही थीं।

हॉल बुकिंग को लेकर क्या है पूरा मामला?

अभिजीत दीपके के अनुसार, पार्टी ने काफी प्रयासों के बाद दिल्ली में एक हॉल बुक किया था और इसके लिए भुगतान भी किया गया था। उन्होंने दावा किया कि बुकिंग से संबंधित रसीद भी उनके पास मौजूद है। लेकिन कार्यक्रम से पहले हॉल संचालकों को कथित रूप से धमकियां मिलने लगीं, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।

दीपके का आरोप है कि हॉल मालिकों को बैठक आयोजित नहीं करने के लिए दबाव डाला गया। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर पहले भी हॉल देने से इनकार किया गया था और कुछ संचालकों ने अनौपचारिक रूप से “ऊपर से दबाव” होने की बात कही थी। हालांकि, इन दावों के समर्थन में अभी तक कोई सार्वजनिक दस्तावेज या स्वतंत्र साक्ष्य सामने नहीं आया है।

भाजपा पर लगाए आरोप

CJP संस्थापक ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि पार्टी की बढ़ती गतिविधियों और युवाओं के बीच बढ़ते समर्थन से राजनीतिक विरोधी असहज हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से संगठन के कार्यकर्ता पीछे हटने वाले नहीं हैं।

हालांकि, भाजपा की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में आरोप और प्रत्यारोप के बीच तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

‘जंतर-मंतर’ अभियान को लेकर दिए संकेत

विवाद के बीच अभिजीत दीपके ने पार्टी के भविष्य के कार्यक्रमों को लेकर भी संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कई लोग उनसे ‘जंतर-मंतर’ अभियान के दूसरे चरण के बारे में पूछ रहे हैं। उनके अनुसार, संगठन जल्द ही इस अभियान को नए स्वरूप में शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

दीपके के इस बयान को CJP की आगामी राजनीतिक और जनसंपर्क गतिविधियों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी ने अभी तक किसी नए कार्यक्रम की तारीख या विस्तृत योजना सार्वजनिक नहीं की है।

दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल

CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी इस मामले को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि यदि किसी कार्यक्रम के आयोजन में बाधा डालने या धमकी देने जैसी घटनाएं हुई हैं तो इस पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियां क्या कदम उठा रही हैं।

रांका ने दिल्ली पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल किए और निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक दिल्ली पुलिस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।

अभी आरोपों की पुष्टि बाकी

फिलहाल पूरे मामले में केवल CJP नेताओं के आरोप सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया भी सामने आना बाकी है। ऐसे में मामले की पूरी तस्वीर तभी स्पष्ट होगी जब भाजपा, दिल्ली पुलिस या अन्य संबंधित पक्ष इस पर अपना पक्ष रखें।

राजनीतिक गतिविधियों, सभा स्थलों की उपलब्धता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों को लेकर यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में यदि इस पर कोई आधिकारिक जांच या प्रतिक्रिया सामने आती है तो स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

 

 

Raish Ahmed

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