
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA की परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए एजेंसी के करीब 600 विषय विशेषज्ञों के पैनल को हटाया गया है और उनकी जगह नए विशेषज्ञों को शामिल किया जा रहा है। इसके साथ ही सवालपत्र तैयार करने और उनकी जांच की प्रक्रिया को भी मजबूत किया जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार, NTA में अगले कुछ हफ्तों में करीब 20 से 25 अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। अधिकारियों की संख्या बढ़ाने की आगे की योजना की भी समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा NTA के कार्यालयों को नए परिसरों में शिफ्ट करने की तैयारी है, जहां CISF की सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। यह बदलाव परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।
पेपर की जांच के लिए चार-स्तरीय व्यवस्था
NTA की परीक्षा प्रणाली में सबसे अहम बदलाव सवालपत्रों की जांच को लेकर किया जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, अब प्रश्नपत्रों की जांच के लिए चार-स्तरीय जांच व्यवस्था लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में गलतियों और सुरक्षा से जुड़े जोखिम को कम करना है।
यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि NTA देश की कई बड़ी प्रवेश और प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है। इनमें JEE Main और NEET-UG जैसी परीक्षाएं शामिल हैं। NTA का गठन देशभर में बड़े स्तर की परीक्षाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से आयोजित करने के उद्देश्य से किया गया था।
NTA में 20-25 नए अधिकारी होंगे शामिल
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, NTA की प्रशासनिक और प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आने वाले दो से तीन सप्ताह में करीब 20 से 25 अधिकारियों को एजेंसी में शामिल किए जाने की योजना है। इसके साथ ही भविष्य में और अधिकारियों की नियुक्ति की जरूरत की भी समीक्षा की जा रही है।
इससे पहले मई 2026 में NTA ने चार वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की नियुक्ति की जानकारी दी थी। इनमें दो संयुक्त सचिव स्तर और दो निदेशक स्तर के अधिकारी शामिल थे। संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में जिम्मेदारी दी गई थी।
NTA के कार्यालय नए परिसर में होंगे शिफ्ट
परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए NTA के कार्यालयों को नए परिसरों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। मंत्रालय के अनुसार, इन नए परिसरों में CISF की सुरक्षा व्यवस्था होगी।
इसका मकसद NTA के संवेदनशील कामकाज, खासकर प्रश्नपत्रों और परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी की सुरक्षा को बेहतर बनाना है। प्रश्नपत्र तैयार करने और उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कई स्तरों पर होती है। NTA सुधार प्रक्रिया में इन सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रल्हाद जोशी ने पूरे परीक्षा सिस्टम के ऑडिट का दिया निर्देश
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने NTA की परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, NTA के महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एजेंसी की ओर से हाल में उठाए गए सुधारात्मक कदमों की जानकारी दी गई।
मंत्रालय के अनुसार, हाल की समस्याओं के बाद NTA में 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया जा चुका है। साथ ही एजेंसी में विशेषज्ञ नेतृत्व को मजबूत करने के लिए नए पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
इन पदों में Chief Technology Officer (CTO), Chief Financial Officer (CFO), Chief Information Security Officer (CISO), Test Security से जुड़े वरिष्ठ पद और Research & Development तथा Psychometrics से जुड़े पद शामिल हैं। NTA ने मई 2026 में CTO, CFO और GM (HR) जैसे विशेषज्ञ पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने की आधिकारिक जानकारी भी दी थी।
परीक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के निर्देश
बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को परीक्षा से जुड़े तय प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही NTA की पूरी परीक्षा प्रक्रिया का विस्तृत ऑडिट कराने और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
NTA के सुधारों की पृष्ठभूमि में पिछले वर्षों में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल भी महत्वपूर्ण हैं। सरकार द्वारा गठित हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी ने प्रश्नपत्र तैयार करने, उनकी जांच, प्रिंटिंग और सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में कई सुरक्षा उपायों की सिफारिश की थी। रिपोर्ट में प्रश्नपत्र तैयार करने और उनकी जांच के दौरान अलग-अलग स्तर पर निगरानी और गोपनीयता बनाए रखने पर जोर दिया गया था।
छात्रों के लिए क्या बदलेगा?
NTA की नई व्यवस्था का सीधा असर उन लाखों छात्रों पर पड़ेगा जो JEE Main, NEET-UG और दूसरी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में शामिल होते हैं। चार-स्तरीय प्रश्नपत्र जांच, नए विशेषज्ञों की नियुक्ति, वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से परीक्षा प्रक्रिया में गलतियों और सुरक्षा संबंधी जोखिम को कम करने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, इन बदलावों का वास्तविक असर परीक्षा आयोजित होने के बाद ही स्पष्ट होगा। छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि प्रश्नपत्र सही हो, परीक्षा सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से हो तथा रिजल्ट तय समय पर जारी किया जाए।
NTA में किया जा रहा यह बदलाव केवल कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा आयोजित करने और परिणाम जारी करने तक पूरी व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाना है। ऐसे में आने वाले परीक्षा सत्रों में इन सुधारों की प्रभावशीलता पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा क्षेत्र की नजर रहेगी।




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