
झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कई दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन फिलहाल खत्म हो गया है। JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने मंगलवार को आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया। इससे एक दिन पहले सोमवार देर शाम देवेंद्रनाथ गुट ने भी अपना आंदोलन खत्म करने की घोषणा की थी।
हालांकि, छात्रों ने साफ किया है कि यह आंदोलन स्थायी रूप से खत्म नहीं हुआ है। रिफॉर्म मंच ने राज्य सरकार को जांच पूरी करने के लिए दो महीने का समय दिया है। छात्रों के मुताबिक, अगर इस अवधि में निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हुई तो वे दोबारा बड़ी संख्या में रांची पहुंचेंगे। उस स्थिति में CBI जांच की मांग आंदोलन का प्रमुख मुद्दा होगी।
सरकार के कदमों के बाद छात्रों ने लिया आंदोलन खत्म करने का फैसला
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की कोर कमेटी की बैठक में आंदोलन को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया गया। छात्रों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगों पर कार्रवाई शुरू की है, इसलिए जांच को पूरा करने के लिए उसे समय दिया जाना चाहिए।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर कई बड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया है, जबकि 6 परीक्षाएं स्थगित की गई हैं। इसके अलावा 2014 के बाद आयोजित 17 परीक्षाओं की CID जांच का भी फैसला लिया गया है।
इन फैसलों के बाद छात्रों ने माना कि सरकार ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया है। अब मंच की नजर जांच की प्रक्रिया और उसके नतीजे पर रहेगी।
दो महीने में जांच पूरी नहीं हुई तो फिर सड़क पर उतरेंगे छात्र
रिफॉर्म मंच ने सरकार को दो महीने का समय देते हुए कहा है कि JPSC-JSSC से जुड़े मामलों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच इस अवधि में पूरी होनी चाहिए। छात्रों का कहना है कि यदि तय समय में जांच पूरी नहीं होती है या जांच की प्रक्रिया से वे संतुष्ट नहीं होते हैं, तो आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा।
ऐसी स्थिति में छात्र दोबारा रांची में जुटेंगे और CBI जांच की मांग को प्रमुखता से उठाएंगे। यानी फिलहाल आंदोलन खत्म हुआ है, लेकिन सरकार के लिए अगले दो महीने काफी अहम रहने वाले हैं।
22 परीक्षाएं रद्द, 6 स्थगित और 17 परीक्षाओं की जांच
भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार की हालिया कार्रवाई इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा हिस्सा है। कार्मिक विभाग की ओर से 18 अगस्त की देर रात जारी अधिसूचनाओं के अनुसार 22 से अधिक भर्ती परीक्षाओं को रद्द किया गया, जबकि 6 परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित की गई हैं। वहीं, पहले आयोजित 17 परीक्षाओं की जांच CID से कराने का फैसला किया गया है।
इन फैसलों में JSSC-CGL जैसी महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षा भी शामिल है। परीक्षा रद्द होने के बाद उन उम्मीदवारों के बीच भी चिंता बढ़ी है, जो पहले ही चयनित होकर नियुक्ति पा चुके हैं। सरकार की जांच के बाद ही इन मामलों में आगे की स्थिति साफ होगी।
अलग-अलग गुटों का आंदोलन भी अब थमा
JPSC और JSSC भर्ती विवाद को लेकर रांची में अलग-अलग समूहों की ओर से आंदोलन चल रहा था। देवेंद्रनाथ गुट ने सोमवार देर शाम आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया था। इसके बाद मंगलवार को JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने भी अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
इस तरह फिलहाल रांची में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्रों का धरना थम गया है। हालांकि, छात्रों ने सरकार को यह संदेश भी दिया है कि आंदोलन खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि मामला खत्म हो गया है। जांच की प्रगति पर उनकी नजर बनी रहेगी।
जिला प्रशासन ने भी छात्रों से घर लौटने की अपील की
आंदोलन खत्म होने के बीच जिला प्रशासन ने भी प्रदर्शन में शामिल छात्रों से धरना स्थल खाली कर अपने-अपने घर लौटने की अपील की थी। प्रशासन की ओर से बुधवार दोपहर तक धरना स्थल खाली करने को कहा गया था।
अब छात्रों के आंदोलन समाप्त करने के फैसले के बाद धरना स्थल से भीड़ हटने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। फिलहाल छात्र सरकार को दो महीने का समय दे रहे हैं। इसके बाद जांच की स्थिति और सरकार की कार्रवाई तय करेगी कि यह विवाद शांत होता है या एक बार फिर रांची में बड़ा छात्र आंदोलन खड़ा होता है।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के आरोपों की जांच अभी जारी है। अंतिम जिम्मेदारी और दोष तय होना जांच के निष्कर्ष पर निर्भर करेगा।




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