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Bihar Vidya Saathi App Launched: 3 Lakh Students to Get 24×7 Free Live Teacher Support for Board, JEE and NEET Preparation

Bihar Vidya Saathi App: बिहार के 3 लाख छात्रों को 24×7 मिलेगा फ्री लाइव ट्यूटर, JEE-NEET की तैयारी में भी मदद

Bihar Vidya Saathi App Launched: 3 Lakh Students to Get 24×7 Free Live Teacher Support for Board, JEE and NEET Preparation

बिहार के स्कूली छात्रों के लिए पढ़ाई से जुड़ी एक बड़ी सुविधा शुरू की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को ‘बिहार विद्या साथी’ नाम से 24×7 इंटरैक्टिव डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। पहले चरण में इसे राज्य के 38 जिलों के 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों से जोड़ा गया है। सरकार के अनुसार, इस पहल से करीब 3 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।

इस प्लेटफॉर्म का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को पढ़ाई से जुड़े सवालों और समस्याओं के समाधान के लिए हर समय लाइव शिक्षक की मदद मिल सकेगी। छात्र अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार शिक्षक का चयन कर उनसे वन-टू-वन बातचीत के जरिए पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे।

75 हजार शिक्षक देंगे व्यक्तिगत शैक्षणिक मदद

बिहार सरकार के मुताबिक, ‘बिहार विद्या साथी’ के जरिए करीब 75 हजार शिक्षक छात्रों को व्यक्तिगत शैक्षणिक सहयोग देंगे। इसका मतलब है कि पढ़ाई के दौरान किसी सवाल पर छात्र अटकते हैं तो उन्हें शिक्षक से मदद लेने के लिए अगले दिन तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

सरकार ने इसे खास तौर पर उन छात्रों के लिए उपयोगी बनाने की कोशिश की है, जिन्हें स्कूल के समय के बाहर पढ़ाई करते हुए किसी विषय या सवाल में परेशानी आती है। हालांकि, 75 हजार शिक्षकों की उपलब्धता को हर समय प्रत्येक छात्र के लिए एक साथ लाइव शिक्षक उपलब्ध होने के अर्थ में नहीं समझना चाहिए। प्लेटफॉर्म का उद्देश्य 24×7 शिक्षक सहायता उपलब्ध कराना है।

कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए क्या मिलेगा?

‘बिहार विद्या साथी’ में कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों के लिए सभी विषयों से जुड़ी डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, कक्षा 11 और 12 के विज्ञान वर्ग के छात्रों के लिए लाइव ट्यूटर सहायता के साथ बिहार बोर्ड की पढ़ाई और JEE तथा NEET जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए डिजिटल स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा।

इससे बिहार के उन छात्रों को खास मदद मिल सकती है, जो बोर्ड परीक्षा के साथ इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और महंगी निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते।

AI आधारित पढ़ाई की भी सुविधा

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्लेटफॉर्म में आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल्स का इस्तेमाल भी किया जाएगा। इनका उद्देश्य छात्रों की विषयों को समझने की क्षमता बेहतर करना और पढ़ाई व अभ्यास को आसान बनाना है। सरकार ने छात्रों को डिजिटल तरीके से लगातार पढ़ने और अभ्यास करने की सुविधा देने की बात कही है।

हालांकि, इस सुविधा को लेकर छात्रों और अभिभावकों के लिए यह समझना जरूरी है कि AI टूल शिक्षक की जगह लेने के लिए नहीं हैं। ‘बिहार विद्या साथी’ की खासियत ही लाइव शिक्षक और छात्र के बीच व्यक्तिगत शैक्षणिक सहयोग है।

अभी 700 मॉडल स्कूलों से हुई शुरुआत

‘बिहार विद्या साथी’ को फिलहाल राज्य के 38 जिलों के 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों में शुरू किया गया है। सरकार के अनुसार, इन स्कूलों के करीब 3 लाख छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

सरकार ने संकेत दिया है कि 700 मॉडल स्कूलों से शुरू हुई इस व्यवस्था को आगे राज्य के अन्य स्कूलों तक भी बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल इसे पूरे बिहार के सभी छात्रों के लिए उपलब्ध सुविधा मानना सही नहीं होगा।

JEE-NEET छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?

बिहार में JEE और NEET की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए कोचिंग का खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती होता है। ऐसे में स्कूल स्तर पर डिजिटल स्टडी मटेरियल और लाइव शिक्षक सहायता उपलब्ध होने से छात्रों को अपनी तैयारी में अतिरिक्त मदद मिल सकती है।

यह पहल बिहार बोर्ड के छात्रों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कक्षा 11 और 12 के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के साथ JEE और NEET की तैयारी के लिए सामग्री उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा, BSEB ने 155 चयनित मॉडल स्कूलों में JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग भी शुरू की है। ऐसे में ‘विद्या साथी’ को इस व्यापक तैयारी व्यवस्था के साथ जुड़ी डिजिटल सहायता के तौर पर देखा जा सकता है।

छात्रों के लिए क्या बदलेगा?

‘बिहार विद्या साथी’ की सबसे अहम बात यह है कि पढ़ाई में आने वाली छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए छात्रों को सिर्फ स्कूल की अगली कक्षा का इंतजार नहीं करना होगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए वे अपनी सुविधा के अनुसार शिक्षक से मदद ले सकेंगे।

हालांकि, किसी भी डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि छात्रों को इंटरनेट, डिवाइस और प्लेटफॉर्म तक कितनी आसानी से पहुंच मिलती है और लाइव शिक्षक सहायता वास्तव में कितनी प्रभावी रहती है। इसलिए आने वाले समय में इसके इस्तेमाल और छात्रों के परिणामों से यह पता चलेगा कि यह पहल बिहार की स्कूली और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में कितना बड़ा बदलाव ला पाती है।

 

Asmita Sarkar

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