
NEET UG 2027 को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए National Testing Agency (NTA) देशभर में ऐसे परीक्षा केंद्रों का नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, जहां पर्याप्त कंप्यूटर, तेज और भरोसेमंद इंटरनेट, पावर बैकअप और CCTV जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों। इसी कड़ी में NTA ने AICTE से सरकारी तकनीकी संस्थानों में उपलब्ध कंप्यूटर और अन्य IT सुविधाओं की जानकारी जुटाने को कहा है।
AICTE ने राज्य तकनीकी विश्वविद्यालयों और AICTE से मान्यता प्राप्त सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों से यह जानकारी मांगी है। संस्थानों को निर्धारित प्रारूप में अपनी सुविधाओं का विवरण 15 सितंबर 2026 तक देना है। इसके बाद प्राप्त जानकारी NTA को भेजी जाएगी, ताकि उपयुक्त संस्थानों का आगे आकलन किया जा सके।
NEET UG 2027 के लिए क्यों बढ़ाए जा रहे हैं परीक्षा केंद्र
NEET UG 2026 में पेपर लीक के बाद परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। 3 मई 2026 को हुई मूल परीक्षा रद्द करनी पड़ी और बाद में 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। इसके बाद केंद्र सरकार ने NEET UG को 2027 से पेन-पेपर और OMR आधारित परीक्षा के बजाय कंप्यूटर आधारित मोड में कराने की घोषणा की थी।
NEET UG जैसे बड़े स्तर के एग्जाम को CBT मोड में कराने के लिए बड़ी संख्या में कंप्यूटर सिस्टम वाले केंद्रों की जरूरत होगी। NTA का उद्देश्य केवल बड़े शहरों पर निर्भर रहने के बजाय देश के अलग-अलग हिस्सों में परीक्षा केंद्रों का नेटवर्क मजबूत करना है। NTA की आधिकारिक टेस्ट एडमिनिस्ट्रेशन नीति में भी कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए तकनीकी रूप से सक्षम और अधिकृत टेस्ट सेंटरों की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
सरकारी कॉलेजों और संस्थानों से मांगी जा रही है जानकारी
AICTE की ओर से फिलहाल इस प्रक्रिया में सरकारी और AICTE से मान्यता प्राप्त संस्थानों को शामिल किया गया है। इसमें सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान, विश्वविद्यालयों के विभाग और अन्य पात्र सरकारी तकनीकी एवं प्रबंधन संस्थान शामिल हैं।
संस्थानों से यह बताने को कहा गया है कि उनके पास कितने कंप्यूटर चालू हालत में हैं। इसके अलावा कंप्यूटर लैब, मौजूदा IT सिस्टम, नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी, पावर बैकअप, CCTV और दूसरी परीक्षा सुविधाओं की जानकारी भी देनी होगी। अगर किसी संस्थान में ऐसी खाली या कम इस्तेमाल होने वाली जगह है जिसे CBT परीक्षा केंद्र के लिए तैयार किया जा सकता है, तो उसका विवरण भी देना होगा।
AICTE ने संस्थानों को यह भी स्पष्ट किया है कि दी गई जानकारी सही, पूरी और सक्षम अधिकारी से सत्यापित होनी चाहिए। यानी केवल कंप्यूटरों की संख्या बताना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संस्थान की वास्तविक तकनीकी क्षमता का विवरण देना होगा।
NTA Standard Testing Centre में किन सुविधाओं की जरूरत होगी
Standard Testing Centre बनाने की प्रक्रिया में NTA को केवल कंप्यूटरों की संख्या नहीं देखनी है। परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों को एक साथ सिस्टम उपलब्ध कराने के लिए कंप्यूटर लैब की क्षमता, नेटवर्क की स्थिरता और इंटरनेट कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण होगी।
इसके साथ पावर कट की स्थिति से निपटने के लिए UPS या अन्य बैकअप व्यवस्था, परीक्षा केंद्र की निगरानी के लिए CCTV और परीक्षा संचालन के लिए उपलब्ध सुरक्षित जगह भी महत्वपूर्ण होगी। AICTE की ओर से मांगी गई जानकारी में इन्हीं सुविधाओं को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है।
कुछ विस्तृत रिपोर्टों के मुताबिक प्रस्तावित आकलन में संस्थान का पता, आसपास के परिवहन साधनों की जानकारी, कंप्यूटर और IT लैब, नेटवर्किंग, सर्वर, UPS, जनरेटर, एयर कंडीशनिंग, बायोमेट्रिक व्यवस्था, CCTV और परीक्षा के लिए संस्थान की उपलब्धता जैसी जानकारियां भी देखी जा रही हैं।
NEET UG 2027 के साथ क्या बदलेगा
NEET UG के CBT मोड में जाने का सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि उम्मीदवार OMR शीट पर गोले भरने के बजाय कंप्यूटर स्क्रीन पर सवाल पढ़कर उत्तर चुनेंगे। NTA पहले से कई परीक्षाएं CBT मोड में आयोजित करता है और उसके आधिकारिक दस्तावेजों में कंप्यूटर आधारित परीक्षा को बड़े स्तर की परीक्षाओं के संचालन के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्था बताया गया है।
हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि JEE Main, CUET UG/PG या UGC-NET 2027 से पहली बार CBT होंगे। ये परीक्षाएं पहले से ही कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित होती रही हैं। मौजूदा पहल का बड़ा उद्देश्य NTA के CBT केंद्रों के नेटवर्क को और मजबूत तथा देशभर में ज्यादा व्यापक बनाना है।
छात्रों के लिए इसका क्या मतलब है
NEET UG 2027 के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा केंद्रों का नेटवर्क बढ़ना महत्वपूर्ण हो सकता है। अगर ज्यादा सरकारी संस्थानों को मानकों के अनुसार तैयार किया जाता है, तो अलग-अलग शहरों और क्षेत्रों में परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने की NTA की क्षमता बढ़ सकती है।
हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि कौन-कौन से संस्थान अंतिम रूप से Standard Testing Centre बनाए जाएंगे। 15 सितंबर तक मिलने वाली जानकारी के बाद NTA को संस्थानों की सुविधाओं का आकलन करना होगा। इसलिए छात्रों को अभी से किसी विशेष कॉलेज को NEET UG 2027 का परीक्षा केंद्र मानकर नहीं चलना चाहिए।
NTA की तैयारी का अगला चरण क्या होगा
AICTE द्वारा संस्थानों से जानकारी जुटाने के बाद उसे NTA के साथ साझा किया जाएगा। इसके आधार पर NTA यह देखेगा कि कौन से सरकारी संस्थान CBT परीक्षा के लिए उपयुक्त हो सकते हैं। आगे चयन, सत्यापन और परीक्षा संचालन से जुड़ी प्रक्रिया NTA के आकलन पर निर्भर करेगी।
NTA की यह कवायद ऐसे समय हो रही है जब एजेंसी अपनी परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर काम कर रही है। NTA ने अपनी वेबसाइट पर टेस्ट सेंटर नेटवर्क और परीक्षा संचालन से जुड़े पदों के लिए भी हाल में गतिविधियां दिखाई हैं, जबकि CBT परीक्षाओं के लिए अलग-अलग तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्थाओं के टेंडर भी जारी हैं।
NEET उम्मीदवारों को अभी क्या करना चाहिए
NEET UG 2027 की तैयारी कर रहे छात्रों को परीक्षा मोड में बदलाव को ध्यान में रखते हुए कंप्यूटर पर मॉक टेस्ट और ऑनलाइन प्रश्न हल करने की आदत डालना उपयोगी रहेगा। NTA की वेबसाइट पर CBT से परिचित कराने के लिए टेस्ट प्रैक्टिस की सुविधा भी उपलब्ध है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उम्मीदवार परीक्षा केंद्र, परीक्षा की तारीख, शिफ्ट और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए केवल NTA की आधिकारिक घोषणा पर भरोसा करें। फिलहाल Standard Testing Centre की प्रक्रिया चल रही है और 15 सितंबर 2026 तक संस्थानों से जानकारी जुटाई जा रही है।
NEET UG 2027 को CBT मोड में कराने की तैयारी सिर्फ परीक्षा के तरीके में बदलाव तक सीमित नहीं है। इसके लिए देशभर में पर्याप्त और भरोसेमंद कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र तैयार करना भी बड़ी चुनौती है। NTA और AICTE की मौजूदा कवायद इसी जरूरत को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम है।




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