
अगर आप जयपुर के टॉप गर्ल्स बोर्डिंग स्कूल या राजस्थान के बेस्ट CBSE स्कूल की तलाश में हैं, तो महारानी गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल (MGD) एक भरोसेमंद नाम है। वर्ष 1943 में महान महारानी गायत्री देवी द्वारा स्थापित यह स्कूल भारत का पहला पब्लिक स्कूल फॉर गर्ल्स है। जयपुर के केंद्र में स्थित MGD अपनी ऐतिहासिक विरासत, आधुनिक सुविधाओं और समग्र शिक्षा के लिए देश-विदेश से 2400 से अधिक छात्राओं को आकर्षित करता है।
MGD गर्ल्स स्कूल के बारे में
4 जुलाई 1943 को महारानी गायत्री देवी ने महाराजा सवाई मान सिंह जी के संरक्षण में इस स्कूल की स्थापना की थी। 26 एकड़ में फैला यह स्कूल सवाई राम सिंह रोड, जयपुर पर स्थित है। यहां बालवाटिका से कक्षा 12 तक 2400 से अधिक डे स्कॉलर्स, डे बोर्डर्स और लगभग 300 फुल-टाइम बोर्डर्स पढ़ती हैं। MGD गर्ल्स स्कूल सोसाइटी द्वारा संचालित इस संस्थान का आदर्श वाक्य “Our Utmost for the Highest” है, जो भारतीय मूल्यों के साथ शैक्षणिक उत्कृष्टता और चरित्र निर्माण पर जोर देता है।
रैंकिंग और ऐतिहासिक उपलब्धियां
MGD को भारत के पहले ऑल-गर्ल्स पब्लिक स्कूल के रूप में विशेष पहचान प्राप्त है और यह राजस्थान का सबसे प्रतिष्ठित गर्ल्स स्कूल माना जाता है। इसकी प्रमुख उपलब्धियों में 1943 में स्थापना, 1950 में पब्लिक स्कूल्स काउंसिल ऑफ इंडिया की मान्यता, 1962 में ISC से CBSE प्रणाली में परिवर्तन, 2003 का डायमंड जुबली समारोह और 2023 में 80वां स्थापना वर्ष शामिल है। वर्तमान में स्कूल CBSE से संबद्ध है और 2023-24 से कक्षा 6-7 के लिए कैम्ब्रिज विकल्प भी उपलब्ध है।
कोर्स और करिकुलम
MGD में कक्षा 1 से 12 तक CBSE पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है, जबकि कक्षा 6-7 में कैम्ब्रिज इंटरनेशनल विकल्प दिया गया है। कक्षा 11-12 में साइंस, कॉमर्स और ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम उपलब्ध हैं। साइंस में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी/बायोटेक और मैथ्स, कॉमर्स में अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज और इकोनॉमिक्स, जबकि ह्यूमैनिटीज में हिस्ट्री, जियोग्राफी, पॉलिटिकल साइंस और साइकोलॉजी जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। स्कूल अनुभवात्मक सीख पर जोर देता है, जिसमें मार्केट डे, एयरपोर्ट डे, रीडिंग वीक और आर्ट-इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट शामिल हैं।
एडमिशन प्रक्रिया और योग्यता
MGD में प्रवेश मेरिट के आधार पर होता है। बालवाटिका और नर्सरी के लिए आयु मानदंड तय है, जबकि अन्य कक्षाओं में पिछले वर्ष के अंकों, इंटरव्यू या प्रवेश परीक्षा के आधार पर चयन होता है। बोर्डर्स के लिए अलग प्रक्रिया और मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य है। आमतौर पर रजिस्ट्रेशन सितंबर से शुरू होता है और शैक्षणिक सत्र अप्रैल में प्रारंभ होता है।
कैंपस और सुविधाएं
26 एकड़ में फैले इस हरित परिसर में पांच बोर्डिंग हाउस, आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, साइंस और कंप्यूटर लैब्स, आर्ट और म्यूजिक ब्लॉक, लाइब्रेरी, योग और मेडिटेशन हॉल, स्विमिंग पूल और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध हैं। परिसर में गुलाब के बाग, पेड़-पौधे और खुले वातावरण में मोर भी देखे जा सकते हैं।
बोर्डिंग और डे बोर्डिंग व्यवस्था
यहां कक्षा 6 से 12 तक डे बोर्डिंग और कक्षा 1 से 12 तक फुल बोर्डिंग की सुविधा है। सुरक्षित हॉस्टल, पौष्टिक भोजन, 24×7 निगरानी और सख्त एंटी-रैगिंग नीति छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
फैकल्टी और लीडरशिप
वर्तमान प्रिंसिपल श्रीमती अर्चना एस. मंकोटिया हैं। अनुभवी शिक्षक NEP 2020 के अनुरूप अनुभवात्मक और प्रैक्टिकल लर्निंग पर फोकस करते हैं। स्कूल की फैकल्टी ने कई वर्षों से शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखी है।
एक्स्ट्रा-करिकुलर गतिविधियां
MGD खेल, नृत्य, संगीत, योग, छात्र नेतृत्व और सामाजिक सेवा में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखता है। यहां टेनिस, बास्केटबॉल, कथक, भरतनाट्यम और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत जैसी गतिविधियों को विशेष महत्व दिया जाता है।
किसके लिए सही है MGD
जो माता-पिता अपनी बेटियों के लिए सुरक्षित, प्रतिष्ठित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा चाहते हैं, उनके लिए MGD एक आदर्श विकल्प है। हालांकि सीमित सीटें, उच्च फीस और अनुशासित शैक्षणिक माहौल को ध्यान में रखना जरूरी है।
80 वर्षों से अधिक की विरासत के साथ महारानी गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल आज भी भारत में गर्ल्स एजुकेशन का गोल्ड स्टैंडर्ड माना जाता है। CBSE और कैम्ब्रिज पाठ्यक्रम, आधुनिक सुविधाएं और शाही परंपरा के साथ MGD छात्राओं को आत्मविश्वासी और वैश्विक नागरिक के रूप में तैयार करता है।
जयपुर में बेहतरीन गर्ल्स एजुकेशन के लिए MGD प्रतिष्ठा, सुरक्षा और अवसर का मजबूत संगम है। एडमिशन से जुड़ी जानकारी के लिए mgdschooljaipur.com पर विजिट किया जा सकता है।




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