
शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) ने देशभर के स्कूली छात्रों के बीच बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देने और भारत की भाषाई विविधता के प्रति जागरूकता मजबूत करने के उद्देश्य से ‘भारतीय भाषा समर कैंप’ (BBSC) की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ बुधवार को नई दिल्ली स्थित Dr Ambedkar International Centre में किया गया।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह समर कैंप कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को विभिन्न रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास करेगा। कार्यक्रम के तहत कहानी सुनाना, थिएटर, गीत-संगीत, खेल, संवाद, लोक परंपराएं और कला आधारित शिक्षण गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
दूसरी भारतीय भाषा सीखने पर रहेगा जोर
इस पहल के तहत छात्रों को अपनी मातृभाषा के अलावा किसी अन्य भारतीय भाषा में बुनियादी बातचीत सीखने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। मंत्रालय का मानना है कि इससे छात्रों में सांस्कृतिक समझ बढ़ेगी और राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजय कुमार ने कहा कि बहुभाषी शिक्षा बच्चों की संवाद क्षमता, सोचने-समझने की क्षमता और प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने छात्रों को अपनी मातृभाषा में सीखने के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।
2026 संस्करण में शामिल हुई भारतीय सांकेतिक भाषा
इस वर्ष के भारतीय भाषा समर कैंप की खास बात यह है कि इसमें पहली बार इंडियन साइन लैंग्वेज (ISL) को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य स्कूलों में समावेशी और समान शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देना है।
मंत्रालय ने स्कूलों को सलाह दी है कि वे PM e-Vidya DTH TV ISL चैनल पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करें। साथ ही कार्यक्रम के बेहतर संचालन के लिए विशेष शिक्षकों और स्थानीय संस्थाओं के साथ सहयोग करने को भी कहा गया है।
पिछले साल करोड़ों छात्रों ने लिया था हिस्सा
शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान भारतीय भाषा समर कैंप की गतिविधियों में देशभर से पांच करोड़ से अधिक छात्रों ने भाग लिया था। मंत्रालय का मानना है कि यह पहल नई शिक्षा नीति के तहत बहुभाषी शिक्षा और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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