
UP Board Class 10 Exam 2027: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने हाईस्कूल यानी कक्षा 10 की परीक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए नियम के तहत अब कक्षा 10 में विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों के प्रायोगिक कार्यों का मूल्यांकन केवल स्कूल स्तर पर नहीं होगा। इन दोनों विषयों के लिए अब 30-30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा परिषद की ओर से अलग से आयोजित की जाएगी।
परिषद ने इस बदलाव की जानकारी अपनी विज्ञप्ति के माध्यम से दी है। यह संशोधन हाईस्कूल परीक्षा से जुड़े नियमों के अध्याय-13 के विनियम-3 में किया गया है। इसका सीधा असर उन विद्यार्थियों पर पड़ेगा जो कक्षा 10 में विज्ञान या गृह विज्ञान विषय पढ़ रहे हैं।
पहले कैसे होता था मूल्यांकन?
अब तक हाईस्कूल में विभिन्न विषयों के प्रयोगात्मक कार्यों का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही किया जाता था। इसके लिए 5 प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग की व्यवस्था थी। स्कूल की ओर से प्रयोगात्मक कार्य के आधार पर विद्यार्थियों को ग्रेड दिया जाता था और यही ग्रेड अंकपत्र में दर्ज किया जाता था।
नई व्यवस्था में विज्ञान और गृह विज्ञान को इस प्रक्रिया से अलग कर दिया गया है। इन दोनों विषयों में विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक क्षमता का मूल्यांकन अब परिषद की ओर से आयोजित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा।
विज्ञान और गृह विज्ञान में अब 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा
संशोधित व्यवस्था के अनुसार, विज्ञान विषय में 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। इसी तरह गृह विज्ञान विषय में भी 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा आयोजित की जाएगी।
इसका मतलब है कि इन दोनों विषयों में विद्यार्थियों को केवल लिखित परीक्षा की तैयारी ही नहीं करनी होगी, बल्कि प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए भी अच्छी तैयारी करनी होगी। प्रयोगात्मक परीक्षा स्कूल द्वारा सामान्य आंतरिक मूल्यांकन के रूप में दर्ज करने के बजाय परिषद की परीक्षा व्यवस्था के तहत होगी।
यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर कक्षा 10 के लिए विज्ञान और गृह विज्ञान दोनों विषयों का पाठ्यक्रम भी अलग-अलग उपलब्ध है।
बाकी विषयों के लिए पुरानी व्यवस्था जारी
इस बदलाव का मतलब यह नहीं है कि हाईस्कूल के सभी विषयों के प्रयोगात्मक मूल्यांकन की व्यवस्था बदल दी गई है। विज्ञान और गृह विज्ञान को छोड़कर अन्य विषयों में पहले वाली आंतरिक मूल्यांकन व्यवस्था जारी रहेगी।
अन्य विषयों में प्रयोगात्मक कार्यों का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा और इसके लिए 5 प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। इसलिए विद्यार्थियों और स्कूलों को विज्ञान व गृह विज्ञान के नए नियम तथा अन्य विषयों की पुरानी व्यवस्था के बीच अंतर समझना जरूरी है।
अंकपत्र में क्या बदलाव दिखेगा?
नई व्यवस्था का असर विद्यार्थियों के अंकपत्र पर भी दिखाई देगा। बोर्ड परीक्षा के बाद मिलने वाले अंक-पत्र सह प्रमाण-पत्र में विज्ञान और गृह विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा में प्राप्त अंक दर्ज किए जाएंगे।
वहीं, जिन अन्य विषयों में प्रयोगात्मक कार्य का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ग्रेड के आधार पर किया जाता है, उनमें संबंधित ग्रेड अंकपत्र में दर्ज किए जाएंगे।
इस तरह नई व्यवस्था में विज्ञान और गृह विज्ञान के लिए अंक तथा अन्य विषयों के लिए निर्धारित ग्रेडिंग व्यवस्था अलग-अलग दिखाई देगी।
विद्यार्थियों के लिए क्या है महत्वपूर्ण?
कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए इस बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। विज्ञान और गृह विज्ञान में अब केवल लिखित परीक्षा की तैयारी पर्याप्त नहीं होगी। विद्यार्थियों को अपने विषय के प्रयोगात्मक हिस्से को भी गंभीरता से पढ़ना और समझना होगा।
खास तौर पर विज्ञान के विद्यार्थियों को प्रयोगों, उनके उद्देश्य, प्रक्रिया और परिणाम को समझकर तैयारी करनी चाहिए। गृह विज्ञान के विद्यार्थियों को भी पाठ्यक्रम में शामिल प्रयोगात्मक कार्यों की नियमित तैयारी करनी होगी।
यूपी बोर्ड वर्ष 2027 की हाईस्कूल परीक्षा के लिए पहले ही परीक्षा संबंधी प्रक्रिया शुरू कर चुका है और परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा से जुड़ी सूचनाएं लगातार जारी की जा रही हैं।
UP Board Class 10 Exam 2027: एक नजर में
विज्ञान: परिषद की ओर से 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा
गृह विज्ञान: परिषद की ओर से 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा
अन्य विषय: स्कूल स्तर पर 5 प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग के आधार पर आंतरिक मूल्यांकन
अंकपत्र: विज्ञान और गृह विज्ञान के प्रयोगात्मक अंक दर्ज होंगे, जबकि अन्य विषयों की निर्धारित ग्रेडिंग प्रदर्शित होगी।
यह बदलाव कक्षा 10 की परीक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार विज्ञान और गृह विज्ञान के प्रयोगात्मक मूल्यांकन को स्कूल के सामान्य आंतरिक मूल्यांकन से अलग कर परिषद की परीक्षा व्यवस्था में शामिल किया गया है।




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