Edinbox Hindi

एक महत्वपूर्ण फैसला है डिज़ाइन में करियर चुनना 

डिज़ाइन में करियर बनाना एक बड़ा और साहसिक कदम होता है, खासकर भारत में, जहां क्रिएटिव इंडस्ट्री तेज़ी से बढ़ रही है और हर साल नई-नई स्पेशलाइज़ेशन सामने आ रही हैं। पहले यह फैसला कला और शिल्प के बीच होता था, फिर इसमें डिज़ाइन भी जुड़ गया, और आज डिज़ाइन का क्षेत्र इतना विस्तृत हो गया है कि इसमें हर तरह की डिज़ाइन शाखाएँ शामिल हैं।

अगर आप एक डिज़ाइन स्टूडेंट हैं और यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि बैचलर ऑफ़ डिज़ाइन (B.Des) लें, बैचलर ऑफ़ फाइन आर्ट्स (BFA) करें या डिप्लोमा इन डिज़ाइन, तो यह गाइड आपके लिए बेहद उपयोगी हो सकती है। इसमें इन कोर्सों की संरचना, करियर स्कोप, एंट्रेंस एग्ज़ाम और सैलरी ट्रेंड्स के आधार पर तुलना की गई है ताकि आप समझदारी और भविष्य को ध्यान में रखकर सही विकल्प चुन सकें।

B.Des क्या है?
बैचलर ऑफ डिज़ाइन (B.Des) एक पेशेवर डिग्री है, जो अप्लाइड डिज़ाइन जैसे प्रोडक्ट डिज़ाइन, UX/UI डिज़ाइन, फैशन डिज़ाइन, इंटीरियर डिज़ाइन और कम्युनिकेशन डिज़ाइन पर केंद्रित होती है। इसका कोर्स प्रैक्टिकल स्किल्स और टेक्नोलॉजी पर आधारित होता है, जिसमें क्रिएटिविटी और प्रॉब्लम-सॉल्विंग को जोड़कर छात्रों को इंडस्ट्री के लिए तैयार किया जाता है।

प्रवेश परीक्षाएँ: UCEED, NID DAT, NIFT, AIEED, AIDAT
स्पेशलाइज़ेशन: प्रोडक्ट, ग्राफिक, टेक्सटाइल, फैशन, UI/UX, इंडस्ट्रियल, इंटीरियर, ज्वेलरी आदि
प्रमुख भर्तीकर्ता: TCS, Infosys, Flipkart, Myntra, Tata Elxsi, डिज़ाइन स्टूडियोज़, MNCs
सैलरी रेंज: ₹3.3 लाख से ₹12.5 लाख प्रति वर्ष
उपयुक्त छात्र: वे जो आर्ट और टेक्नोलॉजी को साथ मिलाकर काम करना पसंद करते हैं और तेज़ी से बढ़ते डिज़ाइन क्षेत्र में हाई-पेइंग नौकरियाँ चाहते हैं

BFA क्या है?
बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स (BFA) एक अंडरग्रेजुएट डिग्री है जो विजुअल आर्ट्स और परफॉर्मिंग आर्ट्स पर आधारित होती है – जैसे पेंटिंग, स्कल्पचर, एनिमेशन, फोटोग्राफी आदि। यह कोर्स उन छात्रों के लिए उपयुक्त है जो कला, एनिमेशन या पढ़ाने के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।

प्रवेश परीक्षाएँ: NID DAT, BHU UET, JMI, CUET, AIDAT
स्पेशलाइज़ेशन: पेंटिंग, स्कल्पचर, एप्लाइड आर्ट, एनिमेशन, फोटोग्राफी, विज़ुअल कम्युनिकेशन
करियर विकल्प: फाइन आर्टिस्ट, एनिमेटर, आर्ट डायरेक्टर, टीचर, गैलरी क्यूरेटर, मल्टीमीडिया आर्टिस्ट
सैलरी रेंज: ₹1.2 लाख से ₹8.7 लाख प्रति वर्ष (टॉप प्रोफाइल में ₹20 लाख/वर्ष तक)
उपयुक्त छात्र: वे जो गहरी क्रिएटिव सोच रखते हैं और कला, एनिमेशन या शिक्षण के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं

डिप्लोमा इन डिज़ाइन क्या है?
डिज़ाइन डिप्लोमा प्रोग्राम्स 1 से 3 साल के छोटे और स्किल-बेस्ड कोर्स होते हैं। ये कम लागत में व्यावसायिक कौशल सिखाते हैं और उन छात्रों के लिए उपयोगी होते हैं जो जल्दी जॉब शुरू करना चाहते हैं या किसी स्पेशल स्किल में ट्रेनिंग लेना चाहते हैं।

योग्यता: 12वीं (किसी भी स्ट्रीम से)
करियर स्कोप: जूनियर डिज़ाइनर, असिस्टेंट, फ्रीलांसर, प्राथमिक विद्यालय शिक्षक
सैलरी रेंज: ₹1.8 लाख से ₹4 लाख प्रति वर्ष
उपयुक्त छात्र: वे जो जल्दी नौकरी शुरू करना चाहते हैं, UG डिग्री का खर्च वहन नहीं कर सकते, या स्किल डेवलपमेंट करना चाहते हैं

तीनों कोर्सों की तुलना एक नज़र में:
विशेषता                     B.Des                               BFA                          डिप्लोमा इन डिज़ाइन
अवधि                          4 वर्ष                                3–4 वर्ष                               1–3 वर्ष
योग्यता                12वीं (किसी भी स्ट्रीम)         12वीं (किसी भी स्ट्रीम)                      12वीं
प्रवेश परीक्षा        UCEED, NID DAT, NIFT      NID DAT, CUET, BHU UET    संस्थान पर निर्भर करता है
मुख्य करियर        प्रोडक्ट, फैशन, UI/UX        आर्टिस्ट, एनिमेटर, टीचर            जूनियर डिज़ाइनर, असिस्टेंट
सैलरी रेंज            ₹3.3–12.5 लाख/वर्ष            ₹1.2–8.7 लाख/वर्ष                    ₹1.8–4 लाख/वर्ष
टॉप कॉलेज             NID, NIFT, IITs                BHU, JMI, प्रेसिडेंसी                Vogue, Parul, Oasis

तो कौन सा रास्ता सही है?
– B.Des चुनें अगर आप प्रोफेशनल डिज़ाइन करियर चाहते हैं, टेक्नोलॉजी, बिज़नेस और क्रिएटिव सॉल्यूशन में रुचि रखते हैं।

– BFA चुनें अगर आप कला प्रेमी हैं, एनिमेशन या शिक्षण में करियर बनाना चाहते हैं।

– डिप्लोमा चुनें अगर आप जल्दी जॉब शुरू करना चाहते हैं, कम बजट में पढ़ाई करना चाहते हैं, या किसी विशेष स्किल में मास्टरी चाहते हैं।

2025 की नवीनतम ट्रेंड्स और जानकारियाँ:
जनरेटिव AI और डिज़ाइन: अब B.Des और डिप्लोमा कोर्स में AI टूल्स का इस्तेमाल UX रिसर्च, डिजिटल आर्टवर्क और फास्ट प्रोटोटाइप के लिए होने लगा है।

हाइब्रिड करियर: B.Des ग्रैजुएट्स स्टार्टअप, ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग में जा रहे हैं, वहीं BFA ग्रैजुएट्स एनिमेशन, गेमिंग और OTT इंडस्ट्री में।

डिमांड: UX/UI डिज़ाइन, प्रोडक्ट डिज़ाइन और एनिमेशन – ये 2025 की सबसे ज़्यादा मांग और तनख्वाह वाली डिज़ाइन जॉब्स मानी गई हैं।

भारतीय डिज़ाइन शिक्षा में हर क्रिएटिव माइंड के लिए कुछ न कुछ है। चाहे आप B.Des, BFA या डिप्लोमा चुनें, यह ज़रूरी है कि आप अपनी रुचियों, क्षमताओं और करियर लक्ष्यों के अनुसार सही निर्णय लें। कॉलेज की रैंकिंग, इंटर्नशिप के अवसर, एंट्रेंस एग्ज़ाम की तैयारी और एक मजबूत पोर्टफोलियो बनाना न भूलें। भारतीय डिज़ाइन इंडस्ट्री का भविष्य उज्ज्वल है — सही रास्ता चुनें और डिज़ाइन की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाएं।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed