
केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए 2024 टाइम यूज सर्वे में यह तथ्य सामने आया है कि भारतीयों ने अपने कामकाजी जीवन पर अधिक समय खर्च किया, जबकि खुद की देखभाल और रखरखाव पर कम समय दिया। सर्वे के अनुसार, 15 से 59 साल के पुरुषों और महिलाओं की कामकाजी गतिविधियों में भागीदारी 2019 में क्रमशः 70.9 प्रतिशत और 21.8 प्रतिशत से बढ़कर 2024 में 75 प्रतिशत और 25 प्रतिशत हो गई है। हालांकि, इसी दौरान लोग अपनी देखभाल और रखरखाव पर औसतन दो प्रतिशत कम समय बिता रहे हैं।
पहली बार 2019 में हुआ था सर्वे
टाइम यूज सर्वे, जो पहली बार 2019 में किया गया था, विभिन्न प्रकार की कामकाजी और गैर-कार्यकारी गतिविधियों पर बिताए गए समय की जानकारी प्रदान करता है। इसमें घरेलू सेवाएं, देखभाल कार्य, स्वयंसेवी कार्य, प्रशिक्षण, रोजगार और संबंधित गतिविधियां, शिक्षा, सामाजिक गतिविधियां, अवकाश, और आत्म देखभाल शामिल हैं।
इतने लोगों पर किया गया सर्वे
2024 का टाइम यूज सर्वे जनवरी से दिसंबर तक किया गया था और यह दूसरा राष्ट्रीय सर्वे है। इसमें 6 साल और उससे ऊपर के 4.54 लाख व्यक्तियों को शामिल किया गया, जो 1.39 लाख घरों से थे। सर्वे से यह स्पष्ट होता है कि भारतीयों के लिए कामकाजी जीवन में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन खुद की देखभाल और सामाजिक गतिविधियों पर समय की कमी हो रही है। यह बदलाव जीवनशैली और कामकाजी संस्कृति में हो रहे बदलावों का संकेत देता है।
सर्वे में सामने आईं ये मुख्य बातें
रोजगार में वृद्धि: 6 साल और उससे ऊपर के 41 प्रतिशत भारतीयों ने 2024 में रोजगार और संबंधित गतिविधियों में भाग लिया, जो 2019 की तुलना में लगभग 3 प्रतिशत अधिक है। औसतन, भारतीय एक दिन में रोजगार पर 440 मिनट खर्च करते हैं।
घरेलू सेवाओं में कमी: अनपेड घरेलू सेवाओं पर औसतन 129 मिनट खर्च होते हैं, जो 2019 की तुलना में 2 प्रतिशत कम है। महिलाएं औसतन 289 मिनट एक दिन में अनपेड घरेलू सेवाओं में खर्च करती हैं, जबकि पुरुष 88 मिनट ही खर्च करते हैं।
घरेलू देखभाल में अंतर: पुरुष अपने घरेलू सदस्य की देखभाल में औसतन 75 मिनट बिताते हैं, जबकि महिलाएं लगभग दोगुना समय, यानी 137 मिनट, इस काम में लगाती हैं।
शिक्षा में भागीदारी: 6-14 साल के बच्चों में 89.3 प्रतिशत ने 2024 में शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों में भाग लिया और औसतन 413 मिनट इस गतिविधि में बिताए।
सांस्कृतिक और अवकाश गतिविधियां: 6 साल और उससे ऊपर के व्यक्तियों ने औसतन 171 मिनट हर दिन संस्कृति, छुट्टी और जनसंचार मीडिया में बिताए। पुरुषों और महिलाओं ने औसतन 177 और 164 मिनट इस गतिविधि में बिताए।
सामाजिक गतिविधियों में कमी: भारतीयों ने 2019 के मुकाबले 5 मिनट कम समय सामाजिक गतिविधियों, धार्मिक कार्यों और समुदाय में भागीदारी में खर्च किया। 2019 में लोग इस पर औसतन 130 मिनट बिताते थे।
यह सर्वे भारतीय समाज में बदलते कार्य और जीवनशैली के रुझानों को दर्शाता है, जहां कामकाजी जीवन की प्राथमिकता बढ़ी है, लेकिन स्वयं की देखभाल और सामाजिक भागीदारी में कमी आई है।




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