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IELTS vs TOEFL:  आपके ‘स्टडी अब्रॉड’ ड्रीम के लिए कौन-सा इंग्लिश टेस्ट है बेस्ट?

आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में केवल स्कूल या कॉलेज की डिग्री पर्याप्त नहीं है। बड़ी-बड़ी कंपनियों को अब ऐसे प्रोफेशनल्स चाहिए जो न केवल पढ़े-लिखे हों, बल्कि उनके पास बेहतरीन स्किल्स भी हों। यही वजह है कि भारत के हजारों छात्र न केवल देश में, बल्कि विदेश में उच्च शिक्षा पाने का सपना देख रहे हैं। लेकिन विदेश में पढ़ाई के इस सपने को हकीकत बनाने के लिए अंग्रेजी भाषा में अच्छी पकड़ होना जरूरी है।

इसी पकड़ को परखने के लिए दो प्रमुख इंटरनेशनल इंग्लिश टेस्ट होते हैं: IELTS (International English Language Testing System) और TOEFL (Test of English as a Foreign Language)। आइए जानते हैं इन दोनों टेस्ट में क्या फर्क है, और आपके लिए कौन-सा टेस्ट बेहतर रहेगा।

IELTS क्या है?
IELTS एक इंटरनेशनल इंग्लिश टेस्ट है जिसे यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और न्यूजीलैंड जैसे देशों में पढ़ाई, नौकरी या माइग्रेशन के लिए मान्यता प्राप्त है। इस टेस्ट में चार सेक्शन होते हैं: Listening, Reading, Writing और Speaking। 

इसकी खासियत यह है कि स्पीकिंग टेस्ट आमने-सामने एक्जामिनर के साथ होता है, जिससे आपकी रीयल-टाइम कम्युनिकेशन स्किल्स का आकलन होता है। IELTS दो फॉर्मेट में होता है: पेपर-बेस्ड और कंप्यूटर-बेस्ड। इसका स्कोर 0 से 9 बैंड के बीच दिया जाता है।

TOEFL क्या है?
TOEFL भी चार स्किल्स को मापता है—Reading, Writing, Listening और Speaking—लेकिन यह पूरी तरह से कंप्यूटर पर आधारित टेस्ट है। इसमें स्पीकिंग सेगमेंट के दौरान आपको एक्जामिनर के सामने नहीं बोलना होता, बल्कि माइक्रोफोन में अपनी आवाज रिकॉर्ड करनी होती है। TOEFL का स्कोर 120 अंकों में दिया जाता है और यह टेस्ट अमेरिका, कुछ यूरोपीय देशों और कई एशियाई यूनिवर्सिटीज़ में स्वीकार्य है।

IELTS vs TOEFL: मुख्य अंतर
आईईएलटीएस (IELTS) और टीओईएफएल (TOEFL) दोनों ही इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट हैं, लेकिन इनकी परीक्षा देने का तरीका, स्कोरिंग सिस्टम और भाषा की शैली थोड़ी अलग होती है। टीओईएफएल में ब्रिटिश इंग्लिश का ज्यादा प्रयोग होता है, जबकि टीओईएफएल में अमेरिकन इंग्लिश का। आईईएलटीएस में बोलने का टेस्ट आमने-सामने होता है, वहीं  टीओईएफएल में कंप्यूटर पर। स्कोरिंग में भी फर्क है। आईईएलटीएस में बैंड स्कोर होता है, जबकि टीओईएफएल में 120 में से अंक दिए जाते हैं।

आपके लिए कौन-सा टेस्ट सही रहेगा?
– अमेरिका में पढ़ाई की सोच रहे हैं? TOEFL चुनें।
– यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया या न्यूजीलैंड जा रहे हैं? IELTS आपके लिए बेहतर है।
– अगर आप आमने-सामने इंटरव्यू में सहज हैं, तो IELTS चुनें।
– अगर आप टेक्नोलॉजी फ्रेंडली हैं और कंप्यूटर पर टेस्ट देने में सहज हैं, तो TOEFL सही रहेगा।

IELTS और TOEFL दोनों ही आपके स्टडी अब्रॉड ड्रीम को उड़ान देने के साधन हैं। बस यह तय करना है कि कौन-सा टेस्ट आपकी ज़रूरत, लक्ष्य और कम्फर्ट ज़ोन के हिसाब से फिट बैठता है। सही तैयारी के साथ कोई भी रास्ता मुश्किल नहीं होता!

 

Asmita Sarkar

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