
जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) द्वारा शुरू की गई राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना (National Scholarship Scheme) का उद्देश्य भारत के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों को पूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
इस योजना का लक्ष्य है कि मेधावी एसटी विद्यार्थी इंजीनियरिंग, प्रबंधन, चिकित्सा, कानून, सामाजिक विज्ञान और मानविकी जैसे पेशेवर पाठ्यक्रमों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की शिक्षा प्राप्त कर सकें।
100% केंद्रीय क्षेत्र की छात्रवृत्ति योजना
यह 100% वित्त पोषित केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) है, जिसे जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है। यह योजना भारत के सभी मान्यता प्राप्त और अधिसूचित संस्थानों में स्वीकृत पाठ्यक्रमों को कवर करती है। छात्रवृत्ति की राशि पूरे कोर्स की अवधि तक दी जाती है, बशर्ते छात्र की शैक्षणिक प्रगति संतोषजनक बनी रहे और संस्थान द्वारा इसकी पुष्टि की जाए।
हालांकि, इस छात्रवृत्ति का लाभ उठाने वाले विद्यार्थी उसी कोर्स के दौरान किसी अन्य केंद्र या राज्य सरकार की छात्रवृत्ति प्राप्त करने के पात्र नहीं होंगे।
आय सीमा और पात्रता से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधान
छात्रवृत्ति की पात्रता तय करने के लिए परिवार की कुल आय की गणना की जाती है। इसमें माता-पिता की संपूर्ण आय शामिल होती है — चाहे वह वेतन, कृषि, व्यवसाय, संपत्ति या किसी अन्य स्रोत से हो।
मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं:
– यदि दोनों माता-पिता कामकाजी हैं, तो दोनों की संयुक्त आय को जोड़ा जाएगा।
– यदि केवल एक ही माता या पिता जीवित हैं, तो उसी की आय को माना जाएगा।
– यदि विद्यार्थी अनाथ है और अभिभावक के संरक्षण में है, तो उस पर आय सीमा लागू नहीं होगी।
– विवाहित छात्रों के मामले में पति या पत्नी की आय भी परिवार की कुल आय में जोड़ी जाएगी।
– आय प्रमाणपत्र केवल प्रवेश के समय एक बार जमा करना आवश्यक है।
– वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए Form 16 मान्य है।
– अन्य मामलों में, राज्य या केंद्र शासित प्रदेश (UT) की सक्षम प्राधिकरण द्वारा जारी प्रमाणपत्र स्वीकार्य होगा।
प्रतिष्ठित संस्थान और कोर्स कवरेज
इस योजना के तहत वर्तमान में देश के 252 शीर्ष शिक्षण संस्थान (Annexure-I) अधिसूचित किए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से IITs, IIMs, AIIMS, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज (NLUs) और अन्य उच्च रैंक वाले सरकारी संस्थान शामिल हैं।
केवल वे छात्र, जिन्हें योग्यता के आधार पर प्रवेश (Merit-based Admission) मिला है, इस योजना के पात्र होंगे। प्राइवेट कॉलेजों के मैनेजमेंट कोटा से प्रवेश लेने वाले छात्र इस योजना के अंतर्गत नहीं आएंगे।
शिक्षा में समानता और अवसर की दिशा में बड़ा कदम
राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना उन प्रतिभाशाली एसटी छात्रों के लिए ऐतिहासिक पहल है, जो आर्थिक कारणों से विश्वस्तरीय शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते थे। यह योजना शिक्षा शुल्क, जीवन-यापन खर्च और अध्ययन सामग्रियों का पूरा व्यय वहन करती है, ताकि आदिवासी युवाओं को प्रतिस्पर्धी और प्रभावशाली पेशेवर करियर में आगे बढ़ने का मौका मिल सके।
इस पहल के माध्यम से सरकार न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बना रही है, बल्कि एक अधिक समावेशी और विविध भारत (Inclusive and Diverse India) के निर्माण की दिशा में भी ठोस कदम उठा रही है।




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