भुवनेश्वर स्थित SAI इंटरनेशनल स्कूल को Education World India School Rankings 2024–25 में लगातार भारत का नंबर 1 डे-कम-बोर्डिंग स्कूल चुना गया है। स्कूल ने CBSE, IGCSE और IBCP पाठ्यक्रमों के जरिए ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित की है, जो आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्थायी मूल्यों के साथ वैश्विक नागरिक तैयार करती है।
संस्थापक की दूरदर्शी सोच
SAI इंटरनेशनल स्कूल की स्थापना 2008 में स्वर्गीय डॉ. बिजया कुमार साहू ने की थी। उनका सपना था ऐसा आनंदपूर्ण शिक्षण वातावरण बनाना, जहां हर बच्चा खुशी, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े।
डॉ. साहू की शिक्षा-दृष्टि स्कूल की नींव में समाई हुई है, जिसका उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से समाज का कल्याण और देश को बेहतर बनाना है।
गुरु-शिष्य परंपरा की मजबूत नींव
यह स्कूल प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा से प्रेरित है, जहां शिक्षक केवल पढ़ाने वाले नहीं, बल्कि मार्गदर्शक (गुरु) होते हैं। यहां छात्रों को सत्य, नैतिकता और सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जाता है।
इस परंपरा से शिक्षक-छात्र के बीच मजबूत संबंध बनते हैं और पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जीवन मूल्यों तक पहुंचती है।
समग्र शैक्षणिक वातावरण
भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर, इन्फोसिटी रोड पर स्थित 5 एकड़ के विशाल कैंपस में फैला यह सह-शिक्षा विद्यालय प्री-नर्सरी से कक्षा 12 तक शिक्षा प्रदान करता है। यहां PCM, PCB, कॉमर्स और आर्ट्स स्ट्रीम उपलब्ध हैं। स्कूल CBSE से पूर्णतः मान्यता प्राप्त (Affiliation No. 1530112) है और “न्यू जनरेशन स्कूल” के रूप में जाना जाता है।
SAI का 360 डिग्री लर्निंग मॉडल
स्मार्ट क्लासरूम और तकनीक: डिजिटल टूल्स, AI आधारित एप्लिकेशन और इंटरएक्टिव बोर्ड से पढ़ाई रोचक बनती है।
आधुनिक प्रयोगशालाएं: साइंस, कंप्यूटर, रोबोटिक्स और बायोटेक लैब्स से प्रैक्टिकल लर्निंग को बढ़ावा।
अपडेटेड करिकुलम: CBSE के साथ IGCSE/IBCP का समन्वय, जिसमें क्रिटिकल थिंकिंग पर जोर।
अनुभव आधारित शिक्षा: फील्ड ट्रिप्स, प्रोजेक्ट वर्क और रियल-लाइफ सिमुलेशन।
निरंतर मूल्यांकन: हर छात्र के लिए व्यक्तिगत मार्गदर्शन, ताकि कोई पीछे न रहे।
स्कूल का पाठ्यक्रम छह स्तंभों—शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक, आध्यात्मिक, बौद्धिक और उद्देश्यपूर्ण विकास पर आधारित है।
नेतृत्व और सामुदायिक प्रभाव
प्रिंसिपल नीलकंठ पाणिग्रही (M.Sc, B.Ed) के नेतृत्व में 500 से अधिक शिक्षकों की टीम स्कूल की शैक्षणिक विरासत को आगे बढ़ा रही है। स्कूल की समावेशी नीति सामाजिक और आर्थिक सीमाओं को तोड़ते हुए हर वर्ग के छात्रों को समान अवसर देती है। अभिभावकों की प्रतिक्रिया भी सकारात्मक है। एक अभिभावक के अनुसार, “SAI में पढ़ाई एक रोमांचक अनुभव बन जाती है।”
को-करिकुलर गतिविधियों में उत्कृष्टता
SAI इंटरनेशनल स्कूल में 50 से अधिक क्लब हैं, जिनमें रोबोटिक्स, डिबेट, MUN, पर्यावरण गतिविधियां और परफॉर्मिंग आर्ट्स शामिल हैं। SAI ओलंपियाड, सांस्कृतिक उत्सव और अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज प्रोग्राम छात्रों में टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं। योग, माइंडफुलनेस और काउंसलिंग जैसे वेलनेस प्रोग्राम शरीर-मन-संतुलन को मजबूत करते हैं।
स्कूल के छात्र CBSE बोर्ड में टॉपर्स, ओलंपियाड विजेता रहे हैं और इसके पूर्व छात्र IITs, Ivy League यूनिवर्सिटीज़ और दुनिया की प्रतिष्ठित कंपनियों में कार्यरत हैं।
अभिभावकों की पहली पसंद क्यों है SAI?
ओडिशा के परिवारों के लिए SAI इंटरनेशनल स्कूल लगभग 100% बोर्ड रिजल्ट, सर्वांगीण विकास और भविष्य की तैयारी के लिहाज से बेहतरीन विकल्प है। यहां शिक्षा पर किया गया निवेश (ROI) छात्रों के उज्ज्वल भविष्य में साफ दिखाई देता है।
एडमिशन 2026–27
सत्र 2026–27 के लिए दाखिले जल्द शुरू होने वाले हैं। भाई-बहन, मेरिट और प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदन के लिए स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट saiinternational.edu.in पर विज़िट करें।
भुवनेश्वर का यह शिक्षा केंद्र भविष्य के इनोवेटर्स और लीडर्स को तैयार कर रहा है।




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