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डेटा साइंटिस्ट कैसे बनें? 12वीं के बाद कौन-सी पढ़ाई और स्किल्स दिलाएंगी इस हाई डिमांड करियर में सफलता

डेटा साइंटिस्ट कैसे बनें? 12वीं के बाद कौन-सी पढ़ाई और स्किल्स दिलाएंगी इस हाई डिमांड करियर में सफलता

डेटा साइंटिस्ट कैसे बनें? 12वीं के बाद कौन-सी पढ़ाई और स्किल्स दिलाएंगी इस हाई डिमांड करियर में सफलता

आज के डिजिटल दौर में डेटा को नई ताकत माना जाता है। बड़ी कंपनियों से लेकर स्टार्टअप तक अपने बिजनेस फैसले डेटा के आधार पर ले रहे हैं। यही वजह है कि डेटा साइंस तेजी से सबसे लोकप्रिय और हाई डिमांड करियर विकल्पों में शामिल हो चुका है। अगर आप टेक्नोलॉजी, मैथ्स और कंप्यूटर में रुचि रखते हैं, तो डेटा साइंटिस्ट का करियर आपके लिए शानदार विकल्प हो सकता है।

डेटा साइंटिस्ट का काम केवल नंबर देखना नहीं होता, बल्कि बड़ी मात्रा में मौजूद डेटा को समझकर उससे ऐसी जानकारी निकालना होता है, जो कंपनियों को सही फैसले लेने में मदद करे। ई-कॉमर्स, बैंकिंग, हेल्थकेयर, सोशल मीडिया, एजुकेशन और आईटी सेक्टर में डेटा साइंटिस्ट की मांग लगातार बढ़ रही है।

डेटा साइंटिस्ट क्या काम करता है?

डेटा साइंटिस्ट किसी कंपनी के पास मौजूद डेटा का विश्लेषण करता है। वह डेटा से पैटर्न और ट्रेंड निकालता है, जिससे यह समझने में मदद मिलती है कि ग्राहक क्या चाहते हैं, कौन-सा प्रोडक्ट बेहतर चल रहा है या भविष्य में क्या बदलाव हो सकते हैं। आसान भाषा में कहें तो डेटा साइंटिस्ट डेटा को उपयोगी जानकारी में बदलने का काम करता है।

इसके लिए डेटा कलेक्शन, डेटा क्लीनिंग, एनालिसिस और रिपोर्ट तैयार करने जैसे कई काम करने पड़ते हैं। कई कंपनियां मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोजेक्ट्स में भी डेटा साइंटिस्ट की मदद लेती हैं।

12वीं के बाद कौन-सा स्ट्रीम चुनना सही रहेगा?

अगर आप स्कूल स्तर से ही डेटा साइंस में करियर बनाना चाहते हैं, तो 12वीं में साइंस स्ट्रीम चुनना बेहतर माना जाता है। खासतौर पर मैथ्स के साथ पढ़ाई करने से आगे काफी मदद मिलती है। मैथ्स, स्टैटिस्टिक्स और कंप्यूटर की बेसिक समझ डेटा साइंस की नींव मानी जाती है।

हालांकि, ऐसा नहीं है कि केवल साइंस स्ट्रीम के छात्र ही इस क्षेत्र में जा सकते हैं। कॉमर्स या अन्य स्ट्रीम के छात्र भी बाद में जरूरी स्किल्स सीखकर डेटा साइंस में करियर बना सकते हैं।

ग्रेजुएशन में कौन-सा कोर्स करें?

12वीं के बाद छात्रों को ऐसी डिग्री चुननी चाहिए, जिसमें कंप्यूटर, डेटा और मैथ्स से जुड़े विषय पढ़ाए जाते हों। सबसे लोकप्रिय विकल्पों में BTech in Computer Science या IT शामिल है। इस कोर्स में प्रोग्रामिंग, डेटा स्ट्रक्चर, एल्गोरिद्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी चीजें सिखाई जाती हैं।

इसके अलावा BSc in Mathematics, Statistics या Data Science भी अच्छा विकल्प है। जिन छात्रों को मैथ्स में रुचि है, उनके लिए यह कोर्स काफी उपयोगी साबित हो सकता है। वहीं BCA करने वाले छात्र भी कोडिंग और कंप्यूटर एप्लिकेशन की मजबूत समझ विकसित कर डेटा साइंस में आगे बढ़ सकते हैं।

सिर्फ डिग्री नहीं, ये स्किल्स भी हैं जरूरी

डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए केवल कॉलेज की डिग्री काफी नहीं होती। कंपनियां ऐसे उम्मीदवार चाहती हैं, जिन्हें टेक्निकल स्किल्स की अच्छी समझ हो। सबसे जरूरी स्किल्स में Python जैसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज शामिल है। इसके अलावा स्टैटिस्टिक्स, मशीन लर्निंग, डेटा विजुअलाइजेशन और SQL की जानकारी भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

डेटा को समझने और उसे ग्राफ या रिपोर्ट के रूप में प्रस्तुत करने की क्षमता भी इस फील्ड में काफी काम आती है। यही वजह है कि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स पर भी ध्यान देते हैं।

क्या बिना BTech के भी बन सकते हैं डेटा साइंटिस्ट?

आज के समय में ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म्स ने सीखना काफी आसान बना दिया है। अगर आपने BSc, BCA या किसी अन्य विषय से पढ़ाई की है, तब भी आप डेटा साइंस सीख सकते हैं। कई छात्र ऑनलाइन कोर्स, यूट्यूब ट्यूटोरियल और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स की मदद से इस फील्ड में एंट्री कर रहे हैं।

Kaggle जैसी वेबसाइट पर डेटा साइंस प्रोजेक्ट्स और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर भी छात्र अपनी स्किल्स बेहतर बना सकते हैं। इसके अलावा इंटर्नशिप और फ्रीलांस प्रोजेक्ट्स से इंडस्ट्री अनुभव हासिल करना भी फायदेमंद रहता है।

डेटा साइंस सीखने की शुरुआत कैसे करें?

अगर आप शुरुआत करना चाहते हैं, तो सबसे पहले Python सीखना अच्छा रहेगा। इसके बाद बेसिक स्टैटिस्टिक्स और डेटा एनालिसिस समझें। छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स बनाकर प्रैक्टिस करें और धीरे-धीरे मशीन लर्निंग जैसे एडवांस टॉपिक्स सीखें। लगातार प्रैक्टिस और प्रोजेक्ट्स इस फील्ड में सफलता की कुंजी माने जाते हैं।

कितनी मिलती है सैलरी?

डेटा साइंस आज भारत की सबसे तेजी से बढ़ती जॉब प्रोफाइल्स में शामिल है। शुरुआती स्तर पर डेटा साइंटिस्ट की सैलरी करीब 4 लाख से 8 लाख रुपये सालाना तक हो सकती है। वहीं कुछ वर्षों का अनुभव होने के बाद यह पैकेज 10 लाख से 25 लाख रुपये सालाना या उससे ज्यादा तक पहुंच सकता है।

आईटी कंपनियों के अलावा बैंकिंग, हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स और फाइनेंस सेक्टर में भी डेटा साइंटिस्ट की मांग लगातार बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

Asmita Sarkar

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