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NEET UG Counselling 2026: Avoiding these 5 mistakes will increase your chances of securing an MBBS seat; check out the complete guide

NEET UG Counselling 2026: इन 5 गलतियों से बचेंगे तो MBBS सीट मिलने की बढ़ जाएगी संभावना, जानें पूरी गाइड

NEET UG Counselling 2026: नीट यूजी 2026 का परिणाम घोषित होने के बाद अब लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों की नजर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पर है। जल्द ही मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) द्वारा MBBS, BDS और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी किए जाने की उम्मीद है।

हर साल ऐसे कई छात्र होते हैं, जो अच्छे अंक लाने के बावजूद काउंसलिंग के दौरान की गई छोटी-छोटी गलतियों के कारण अपनी पसंद का मेडिकल कॉलेज या सीट हासिल नहीं कर पाते। ऐसे में केवल अच्छा स्कोर ही नहीं, बल्कि काउंसलिंग की सही तैयारी भी उतनी ही जरूरी है।

अगर आप NEET UG 2026 काउंसलिंग में शामिल होने जा रहे हैं, तो इन सामान्य गलतियों से बचना आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।

आखिरी समय तक इंतजार करना पड़ सकता है भारी

काउंसलिंग के दौरान रजिस्ट्रेशन, फीस जमा करना और चॉइस फिलिंग जैसी सभी प्रक्रियाओं के लिए निश्चित समय सीमा तय की जाती है। कई उम्मीदवार अंतिम दिन या आखिरी कुछ घंटों तक इंतजार करते रहते हैं।

ऐसा करने पर वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक के कारण सर्वर धीमा पड़ सकता है या तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। इससे भुगतान अटकने या आवेदन समय पर जमा न होने का जोखिम बढ़ जाता है।

बेहतर होगा कि काउंसलिंग का शेड्यूल जारी होते ही सभी महत्वपूर्ण तारीखें नोट कर लें और अंतिम समय का इंतजार किए बिना निर्धारित समय से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी कर लें।

जरूरी दस्तावेज पहले से रखें तैयार

काउंसलिंग के दौरान दस्तावेजों का सत्यापन सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक होता है। कई बार उम्मीदवारों को अंतिम समय में पता चलता है कि उनके प्रमाण पत्र अधूरे हैं, नाम या जन्मतिथि में त्रुटि है या श्रेणी प्रमाण पत्र की वैधता समाप्त हो चुकी है।

ऐसी स्थिति में सीट आवंटन के बाद भी प्रवेश प्रभावित हो सकता है।

इसलिए NEET स्कोरकार्ड, एडमिट कार्ड, 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, श्रेणी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रतियां और कई फोटोकॉपी पहले से तैयार रखें।

चॉइस फिलिंग सोच-समझकर करें

कॉलेजों की पसंद (Choice Filling) काउंसलिंग का सबसे अहम हिस्सा होती है। कई छात्र केवल कॉलेज की लोकप्रियता देखकर या दूसरों की सलाह पर बिना योजना बनाए विकल्प भर देते हैं।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि कॉलेज चुनने से पहले पिछले वर्षों के कट-ऑफ, अपनी ऑल इंडिया रैंक (AIR), राज्य रैंक, फीस, स्थान, अस्पताल की सुविधाएं और अपनी प्राथमिकताओं का ध्यान जरूर रखें।

बहुत कम विकल्प भरने या गलत प्राथमिकता तय करने से सीट मिलने की संभावना प्रभावित हो सकती है।

नियम और सूचना पुस्तिका जरूर पढ़ें

ऑल इंडिया कोटा (AIQ) और राज्य कोटा (State Quota) की काउंसलिंग के नियम अलग-अलग होते हैं। इसके अलावा प्रत्येक राउंड में सीट स्वीकार करने, अपग्रेड करने या छोड़ने से जुड़े नियम भी अलग हो सकते हैं।

यदि उम्मीदवार इन नियमों को ध्यान से नहीं पढ़ते, तो कई बार वे अनजाने में काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं या उनकी सिक्योरिटी फीस जब्त हो सकती है।

इसलिए किसी भी जानकारी के लिए केवल MCC और संबंधित राज्य की आधिकारिक काउंसलिंग वेबसाइट पर जारी Information Bulletin और आधिकारिक नोटिस पर ही भरोसा करें।

सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल का ही करें उपयोग

काउंसलिंग के दौरान रजिस्ट्रेशन में दर्ज किया गया मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पूरी प्रक्रिया के दौरान सबसे महत्वपूर्ण संपर्क माध्यम होते हैं।

ओटीपी, सीट आवंटन, रिपोर्टिंग और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं इन्हीं माध्यमों से भेजी जाती हैं। यदि मोबाइल नंबर बंद हो जाए या ईमेल तक पहुंच न रहे, तो कई जरूरी अपडेट छूट सकते हैं।

इसलिए वही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी इस्तेमाल करें, जो अगले कुछ महीनों तक सक्रिय रहें और जिनका एक्सेस आपके पास हो।

क्या NEET UG 2026 काउंसलिंग शुरू हो गई है?

फिलहाल NEET UG 2026 काउंसलिंग शुरू नहीं हुई है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) जल्द ही आधिकारिक काउंसलिंग शेड्यूल जारी कर सकती है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से MCC की आधिकारिक वेबसाइट और अपने राज्य की काउंसलिंग वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।

सोशल मीडिया या अपुष्ट स्रोतों पर प्रसारित जानकारी के बजाय केवल आधिकारिक अधिसूचनाओं और सूचना पुस्तिका के आधार पर ही निर्णय लें।

समय पर तैयारी, सही दस्तावेज, सोच-समझकर चॉइस फिलिंग और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने से काउंसलिंग प्रक्रिया अधिक आसान हो सकती है और मनचाहा मेडिकल कॉलेज मिलने की संभावना भी बढ़ सकती है।

 

 

 

Asmita Sarkar

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