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प्रतिभाओं के पलायन पर लगनी चाहिए लगाम

हाल ही में अमेरिका ने कुछ भारतीय नागरिकों को यह कहकर वापस भेज दिया कि वे अवैध रूप से वहां रह रहे थे। हालांकि अमेरिका ने यह कदम अपनी सुरक्षा कारणों से उठाया, लेकिन उसने सभी भारतीयों को वापस नहीं भेजा, बल्कि केवल उन लोगों को निशाना बनाया जो वीजा शर्तों का उल्लंघन कर रहे थे। इस घटनाक्रम ने फिर से ‘प्रतिभा पलायन’ के मसले को राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बना दिया है, जो हमेशा से ही हमारे लिए चिंता का विषय रहा है।

भारत से विदेशों की ओर प्रतिभाओं का पलायन एक ऐसा मुद्दा है, जो समय-समय पर हमारे सामने आता है। यह सही है कि हमारे देश के कई युवा विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करते हैं, वहां रोजगार पाते हैं और इसके बाद अपनी कमाई का एक हिस्सा भारत भेजते हैं, जो हमारी अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद साबित होता है। लेकिन सवाल यह है कि क्यों इतने सारे होनहार युवा विदेशों में बसने की राह चुनते हैं? क्या उनका देश में रहकर काम करना, अपनी सेवा और कौशल का योगदान देना इतना कठिन है? क्या हमारे देश में उनके लिए वे अवसर नहीं हैं, जिनकी उन्हें जरूरत है?

हमारा देश ऐसे कई क्षेत्रों में दुनिया में अग्रणी बन सकता है, यदि हमारे प्रतिभाशाली नागरिकों को सही अवसर प्राप्त हों। आज भारत में कई युवा वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर, और अन्य विशेषज्ञ हैं, लेकिन अक्सर उन्हें विदेशों में बेहतर अवसर और वेतन मिलते हैं, जो उन्हें अपने देश में नहीं मिल पाते। अगर हमारे देश में इन युवाओं के लिए अच्छी नौकरियां और मौके प्रदान किए जाएं, तो हमारी न केवल आंतरिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हम एक ताकतवर राष्ट्र के रूप में उभर सकते हैं। भारत को एक ऐसा देश बनाना चाहिए, जहां हमारी प्रतिभा को न केवल सम्मान मिले, बल्कि उन्हें अपनी कड़ी मेहनत और हुनर का सही मूल्य भी मिले।

यदि भारत के प्रतिभाशाली वैज्ञानिक, चिकित्सक, और तकनीकी विशेषज्ञ अपने ही देश में अच्छे अवसर पाएं, तो हमें किसी और देश से वीजा की जरूरत नहीं पड़ेगी। बल्कि अमेरिकी और अन्य विदेशी नागरिक भारतीय वीजा के लिए आवेदन करते हुए दिखेंगे। भारत सरकार को इस दिशा में सक्रिय कदम उठाने होंगे और यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे युवा विदेशों में न जाएं, बल्कि यहीं पर अपनी काबिलियत और मेहनत का सही इस्तेमाल कर सकें। इस तरह हम न केवल अपनी युवा शक्ति को रोक पाएंगे, बल्कि उन्हें सम्मान और अवसर भी प्रदान करेंगे।

इसके अलावा, हमें अपने देश में होनहारों को पहचानने और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। हर क्षेत्र में ऐसे लोग होते हैं, जो किसी न किसी कारण से पीछे रह जाते हैं, लेकिन उनमें अपार प्रतिभा छिपी होती है। हमें उन्हें अपने सामने लाने के लिए ठोस प्रयास करना चाहिए। सिर्फ दिखावे की बजाय हमें वास्तविक मेहनत और हुनर की कद्र करनी चाहिए।

कभी-कभी हम शरीर, वेश-भूषा, या बाहरी लक्षणों के आधार पर किसी को तुच्छ समझ लेते हैं, लेकिन भविष्य में वही व्यक्ति अपनी मेहनत और योग्यताओं से हमें पीछे छोड़ सकता है। इसलिये हमें न केवल अपनी मेहनत का सम्मान करना चाहिए, बल्कि दूसरों की भी कद्र करनी चाहिए।

अंततः, हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि हम अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, लेकिन साथ ही यह कोशिश करें कि वे अपने देश में रहकर यहां की सेवा करें, न कि बेहतर अवसर की तलाश में विदेशों का रुख करें। यदि हम अपनी युवा शक्ति को अपने देश में ही बनाए रखें, तो न केवल हमारा देश आत्मनिर्भर होगा, बल्कि दुनिया के समक्ष एक नई शक्ति के रूप में उभरेगा।

Asmita Sarkar

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