
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सत्ता संभालने के बाद से ही लगातार सरकार के मौजूदा सिस्टम पर सवाल उठा रहे हैं। एक महत्वपूर्ण मुद्दा अमेरिकी एजुकेशन सेक्टर में होने वाले खर्चों को लेकर है, जिस पर ट्रंप ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह अमेरिकी शिक्षा मंत्रालय, यानी “डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन,” को तुरंत बंद करना चाहेंगे।
रिपोर्टर्स के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, “मैं डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन को तुरंत बंद कर देना चाहूंगा। डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन को देखिए, वो बड़ी धोखेबाजी वाली जगह है।”
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने एक रिपोर्ट देखी है, जिसमें शिक्षा के मामले में अमेरिका 40वें स्थान पर है, जबकि वह छात्रों पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च करता है। उन्होंने कहा, “वे एजुकेशन के मामले में दुनिया के टॉप देशों को रैंक करते हैं। हम 40वें रैंक पर हैं, लेकिन एक डिपार्टमेंट में हम नंबर वन हैं, वह है- एक बच्चे पर होने वाला खर्च। हम दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में एक बच्चे पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च करते हैं, लेकिन फिर भी शिक्षा के क्षेत्र में हम 40वें स्थान पर काबिज हैं।”
पिछले हफ्ते अपने बयान में राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा था कि वह एक कार्यकारी आदेश के जरिए डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन को बंद करना चाहेंगे। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि इसे हासिल करने के लिए उन्हें कांग्रेस और टीचर्स यूनियन दोनों के समर्थन की जरूरत होगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने WWE की पूर्व एग्जिक्यूटिव लिंडा मैकमोहन को नया शिक्षा मंत्री नियुक्त किया है। ट्रंप ने लिंडा को उसी डिपार्टमेंट को बंद करने का जिम्मा सौंपा है, जिसकी वह खुद हेड हैं।
यहां गौर करने वाली बात यह है कि ट्रंप ने पहले भी डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन को बंद करने की कोशिश की थी। 2017 से 2021 के अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने इसे बंद करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन कांग्रेस ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया था। वर्तमान में डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन में 4200 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं, और इस विभाग ने पिछले साल 251 अरब डॉलर खर्च किए थे। अगर ट्रंप शिक्षा मंत्रालय को बंद करते हैं, तो यह जिम्मेदारी अन्य विभागों को सौंपने की संभावना जताई जा रही है।




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