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हार्वर्ड में विदेशी छात्रों के प्रवेश पर ट्रंप प्रशासन के फैसले पर संघीय अदालत ने लगाई रोक, स्टूडेंट्स को राहत 

अमेरिका में एक संघीय न्यायाधीश ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें हार्वर्ड विश्वविद्यालय को विदेशी छात्रों को प्रवेश देने से रोका गया था। ट्रंप सरकार के इस फैसले के खिलाफ हार्वर्ड ने शुक्रवार को मैसाचुसेट्स की यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। इस फैसले से करीब 7,000 अंतरराष्ट्रीय छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया था, जिनमें 800 से अधिक भारतीय छात्र भी शामिल हैं।

क्या था ट्रंप प्रशासन का फैसला?
ट्रंप प्रशासन की आंतरिक सुरक्षा मंत्री क्रिस्टी नोएम ने हार्वर्ड के स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम (SEVP) प्रमाणन को समाप्त करने का आदेश जारी किया था, जो शैक्षणिक सत्र 2025-26 से प्रभावी होने वाला था। नोएम ने विश्वविद्यालय पर हिंसा को बढ़ावा देने, यहूदी-विरोधी रवैये और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ संबंध रखने का आरोप लगाया था। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि यह प्रमाणन तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा रहा है।

भारतीय-अमेरिकी समुदाय में नाराजगी
इस निर्णय से भारतीय-अमेरिकी समुदाय में व्यापक नाराजगी देखी गई। समुदाय के लोगों ने कहा कि यह अमेरिका के मूल्यों के विपरीत है और इससे भारत, चीन समेत कई देशों के छात्रों को नुकसान होगा।

हार्वर्ड की कानूनी प्रतिक्रिया
हार्वर्ड ने अदालत में दायर याचिका में तर्क दिया कि यह आदेश अमेरिकी संविधान और संघीय कानूनों का उल्लंघन करता है। विश्वविद्यालय ने कहा कि इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर तत्काल और विनाशकारी असर पड़ा है। हार्वर्ड ने कहा कि यह कदम विश्वविद्यालय की स्वतंत्रता और विचारों की अभिव्यक्ति पर हमला है, जो संविधान के पहले संशोधन द्वारा संरक्षित है।

क्या यह फैसला कानूनी रूप से उचित था?
अमेरिकी कानून के अनुसार, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के पास छात्र वीजा और SEVP के संचालन का अधिकार है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि हार्वर्ड के खिलाफ उठाया गया यह कदम अभूतपूर्व है, क्योंकि पूर्व में SEVP प्रमाणन केवल गंभीर प्रशासनिक खामियों के चलते ही रद्द किया गया है।

भारतीय छात्रों पर प्रभाव
इस फैसले से हार्वर्ड में पढ़ रहे या वहां प्रवेश लेने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों पर गंभीर असर पड़ता। वर्ष 2025 में 788 भारतीय छात्रों ने हार्वर्ड में दाखिला लिया था। हर साल लगभग 1,000 भारतीय छात्र विश्वविद्यालय में प्रवेश लेते हैं।

भारतीय छात्रों का अमेरिका में योगदान
भारतीय छात्र अमेरिकी अर्थव्यवस्था में हर वर्ष 9 अरब डॉलर से अधिक का योगदान करते हैं। वे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक सेतु का कार्य करते हैं, और तकनीक, चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हार्वर्ड में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की भागीदारी
हार्वर्ड विश्वविद्यालय में कुल 6,800 से अधिक विदेशी छात्र पढ़ते हैं, जो छात्र समुदाय का एक चौथाई हिस्सा हैं। ये छात्र 100 से अधिक देशों से आते हैं, जिनमें अधिकांश स्नातक स्तर पर अध्ययन करते हैं।

संघीय अदालत के इस फैसले ने जहां छात्रों को राहत दी है, वहीं यह ट्रंप प्रशासन की नीतियों के खिलाफ एक कानूनी जीत भी मानी जा रही है।

 

Asmita Sarkar

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