Edinbox Hindi

शिक्षा माफिया और सरकारी मशीनरी की मिलीभगत से चल रहा ‘पेपर लीक उद्योग’, संसद में आवाज उठाएंगे राहुल गांधी

शिक्षा माफिया और सरकारी मशीनरी की मिलीभगत से चल रहा ‘पेपर लीक उद्योग’, संसद में आवाज उठाएंगे राहुल गांधी   

नीट-यूजी (NEET UG 2024) परीक्षा में कथित अनियमितता के आरोपों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि पेपर लीक उद्योग’ शिक्षा माफिया और सरकारी मशीनरी की मिलीभगत से चल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस ‘पेपर लीक उद्योग’ से निपटने के लिए एक मजबूत योजना बनाई है। 

सोशल मीडिया एक्स पर लिखे एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा, ‘हमने अपने घोषणापत्र में कानून बनाकर छात्रों को ‘पेपर लीक से आजादी’ दिलाने का संकल्प लिया था।कांग्रेस ने शिक्षा माफिया और सरकारी मशीनरी की मिलीभगत से चल रहे इस ‘पेपर लीक उद्योग’ से निपटने के लिए एक मजबूत योजना बनाई है।’ 

उन्होंने कहा, ‘एक ही परीक्षा केंद्र से छह छात्रों ने अधिकतम अंक प्राप्त कर परीक्षा में टॉप किया है, जबकि कई छात्रों को ऐसे अंक मिले हैं जो तकनीकी रूप से संभव नहीं हैं, लेकिन सरकार लगातार पेपर लीक की संभावना से इनकार कर रही है।’ राहुल गांधी ने देश के छात्रों को आश्वासन दिया कि वह संसद में उनकी आवाज बनेंगे और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।

केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने शपथ भी नहीं ली और नीट परीक्षा में अनियमितताओं ने 24 लाख से अधिक छात्रों और उनके परिवारों को तबाह कर दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “आज मैं देश के सभी छात्रों को आश्वस्त करता हूं कि मैं संसद में आपकी आवाज बनूंगा और आपके भविष्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाऊंगा।” उन्होंने कहा कि युवाओं ने I.N.D.I.A. ब्लॉक में विश्वास व्यक्त किया है जो उनकी आवाज को दबने नहीं देगा।

 गौरतलब है कि नीट-यूजी मेडिकल प्रवेश परीक्षा का आयोजन करने वाली एजेंसी एनटीए ने इसमें किसी भी अनियमितता से इनकार किया है और कहा है कि एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों में किए गए बदलाव और परीक्षा केंद्रों पर समय गंवाने के लिए ग्रेस मार्क्स छात्रों के उच्च अंक प्राप्त करने के कारण रहे हैं। साथ ही उसने 1,500 से अधिक उम्मीदवारों को दिए गए अनुग्रह अंकों की समीक्षा के लिए चार सदस्यीय पैनल के गठन किये जाने की भी जानकारी दी है। 

इससे पहले कांग्रेस ने एनईईटी में “अनियमितताओं” की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी और भाजपा पर युवाओं को धोखा देने और उनके भविष्य के साथ खेलने का आरोप लगाया था। कई अन्य दलों ने भी नीट-यूजी मेडिकल प्रवेश परीक्षा के परिणामों पर सवाल उठाते हुए इसे रद्द करने और इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। 

बता दें कि नीट परीक्षा देशभर के चार हज़ार से ज़्यादा केंद्रों पर 5 मई को आयोजित की गयी थी जिसमें 25 लाख से ज़्यादा छात्रों ने भाग लिया था। इसका परिणाम 4 जून को घोषित किया गया जिसमें 67 छात्रों ने 720 में से 720 अंक हासिल करते हुए अखिल भारतीय रैंकिंग-1 प्राप्त की है। 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed