
मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2024 (NEET UG 2024) के रिजल्ट को रद्द करके दोबारा परीक्षा कराने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट (SC) ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
बता दें कि नीट यूजी प्रश्नपत्र लीक होने की खबरों के बीच अभ्यर्थियों के एक समूह ने नए सिरे से एनईईटी-यूजी 2024 परीक्षा कराने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कोर्ट में याचिका दाखिल की है कि नीट यूजी 2024 रिजल्ट को वापस लिया जाए और फिर से परीक्षा कराई जाए।
अदालत ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि इस मामले पर अगली सुनवाई अब 8 जुलाई को होगी। नीट परीक्षा के नतीजों को चुनौती देने वाली अन्य याचिकाओं को भी इसके साथ ही सुना जाएगा।
हालांकि मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट से छात्रों को भी झटका लगा। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की अवकाशकालीन पीठ ने एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पास उम्मीदवारों की काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। वहीं परीक्षा रद्द करने से भी मना कर दिया।
गौरतलब है कि नीट-यूजी 2024 परीक्षा 5 मई को हुई थी और 4 जून को नतीजे जारी किए गए थे। रिजल्ट आने के बाद से ही कई दिनों से छात्र देश के कोनों-कोनों में प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांग तो नहीं मानी गयी लेकिन अवकाश पीठ ने एनटीए से कहा, ‘यह इतना भी आसान नहीं है, क्योंकि आपने यह कराया है, इसलिए इसकी पूरी प्रक्रिया पर अंगुली नहीं उठाई जा सकती। पवित्रता पर असर पड़ा है।’
देश के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष में दाख़िलों के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी पात्रता परीक्षा का आयोजन करती है। नीट में रैंक के आधार पर छात्रों को देश के निजी और सरकारी कॉलेजों में दाख़िले मिलते हैं। नीट के नतीजों का विरोध करने वालों का आरोप है कि परीक्षा का पर्चा लीक हुआ था, हालांकि एनटीए ने ऐसे सभी आरोपों को ख़ारिज किया है।




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