
नीट यूजी (NEET UG 2024) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा रद्द किए जाने के खिलाफ आज दिल्ली में सड़क से लेकर संसद तक हंगामा हुआ। जहाँ जंतर मंतर पर एनएसयूआई (NSUI) ने प्रदर्शन किया, वहीँ संसद में नव निर्वाचित सांसदों के शपथ ग्रहण के दौरान विपक्ष ने इसे लेकर जमकर हंगामा काटा।
कांग्रेस की छात्र शाखा भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ यानी एनएसयूआई ने NEET-UG में गड़बड़ी और UGC-NET परीक्षा रद्द करने के खिलाफ जंतर-मंतर पर भारी विरोध-प्रदर्शन किया। एनएसयूआई ने 18वीं लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत के दिन संसद का घेराव करने के लिए मार्च निकालने की योजना बनाई थी। इसके लिए बड़ी संख्या में एनएसयूआई के सदस्य जंतर-मंतर पर एकत्रित हुए। हालांकि, पुलिस अधिकारी कहते रहे कि ऐसे किसी मार्च की अनुमति नहीं दी गई है और ऐसे किसी भी प्रयास को रोका जाएगा। छात्र जंतर-मंतर पर तख्तियां लेकर पहुंचे थे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ अपना रोष प्रकट कर रहे थे। छात्रों ने अपना रोष प्रकट करने के लिए धर्मेंद्र प्रधान से जुड़े कई पोस्टर भी लगाए। प्रदर्शनकारियों ने नीट को रद्द कर फिर से परीक्षा कराने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एनएसयूआई प्रेसिडेंट वरुण चौधरी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि एक के बाद एक पेपर लीक हो रहे हैं, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं दे रहे हैं। हमारी मांग है कि परीक्षा को रद्द कर दोबारा कराई जाए। अगर पेपर दोबारा नहीं कराई जाती है तो एनएसयूआई पूरे देश में आंदोलन करेगी, जिसकी शुरुआत ओडिशा में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर से होगी। उन्होंने कहा कि नीट के बच्चों का सपना तोड़ा गया है, पेपर बाजार में बेचा जा रहा है।
वहीँ संसद में भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जब शपथ लेने के लिए अपनी सीट से उठे तो विपक्ष ने नीट नीट और शेम शेम के नारे लगाए। गौरतलब है कि 18वीं लोकसभा के पहले सत्र का आज पहला दिन था। आज सभी नए चुने गए सांसदों को शपथ दिलाई गयी। विपक्ष पहले से ही नीट परीक्षा को रद्द करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
उधर क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने भी आज नवनिर्वाचित 18वीं लोकसभा के नए सत्र के पहले दिन दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘छात्र संसद’ का आयोजन किया। छात्र संसद के माध्यम से छात्रों ने मांग की कि हाल ही में हुए पेपर लीक घोटाले से जुड़े उनके मुद्दों को लोकसभा में प्रमुखता से उठाया जाए और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
छात्र संसद में प्रस्ताव पारित हुए कि एनटीए द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक घोटालों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो और केंद्रीय शिक्षा मंत्री और यूजीसी चेयरमैन तुरंत इस्तीफा दें। इसके साथ ही, एनटीए को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए और एनटीए के अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए। छात्रों ने लोकसभा में उनकी मांगों को नहीं उठाए जाने पर अपना आंदोलन तेज़ करने का ऐलान किया है।




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